सलमान खान की अगली फिल्म बैटल ऑफ गलवान साल 2020 के गलवान वैली क्लैश पर आधारित है। हाल ही में चीनी मीडिया ने फिल्म को झूठा करार देते हुए इस पर फैक्ट से छेड़छाड़ करने के आरोप लगाएं। मगर यह सलमान की पहली मूवी नहीं जो इंडो चाइना पर केंद्रित हो। इससे पहले कबीर खान के डायरेक्शन में बनी ट्यूबलाइट की कहानी भी 1962 के भारत चीन युद्ध के इर्द-गिर्द बुनी गई थी। तब सलमान ने युद्ध के लिए सरकार और प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया था।
2017 में सलमान ट्यूबलाइट का प्रमोशन कर रहे थे। इस दौरान आईएएस के साथ हुई बातचीत में उन्होंने कहा अगर आप किसी से पूछें कि अच्छा होता है या बुरा तो कोई भी यह नहीं कहेगा कि युद्ध अच्छा होता है। हर लड़ाई बातचीत से सुलझानी चाहिए। एक नेगेटिव इमोशन है। कोई भी इसका समर्थन नहीं करता है। फिर भी यह होता है और किसी को नहीं पता क्यों। उन्होंने आगे कहा, “मुझे लगता है जो लोग युद्ध का आदेश देते हैं, उन्हें ही युद्ध के मोर्चे पर भेजा जाना चाहिए।
हाथ में बंदूक देकर उन्हें पहले लड़ने को कहना चाहिए। तब युद्ध एक ही दिन में रुक जाएगा। उनके हाथ पैर कांपने लगेंगे और वह तुरंत बातचीत करने के लिए तैयार हो जाएंगे। हमने ट्यूबलाइट में बस यही देखने की कोशिश की कि युद्ध जल्दी खत्म होनी चाहिए। वो इसलिए ताकि हमारे सैनिक घर लौट सके और उनके सैनिक अपने घर चले जाएं। जब युद्ध होता है तो दोनों तरफ के सैनिक मारे जाते हैं और कई परिवार अपने बेटों और पिताओं को खो देते हैं।
बता दें कि ट्यूबलाइट को चीन में काफी बड़ी रिलीज मिली थी। तब इसे चीनी मीडिया ने भी काफी सपोर्ट भी किया था। फिल्म के लिए बड़े इवेंट्स रखे गए थे। खूब माहौल बनाया गया। मगर 2020 के गलवान वैली संघर्ष के बाद से माहौल काफी बदल चुका है।
ऐसे में बैटल ऑफ गलवान का अपने कंटेंट की वजह से चीन में रिलीज होना लगभग नामुमकिन सा है। खासकर तब जब चीन के सरकारी अखबार ग्लोबल टाइम्स ने खुद भी इस पर फैक्ट्स से छेड़छाड़ करने के आरोप लगाए हैं। वैसे अखबार ने यह भी दावा किया कि गलवान वैली चीन बॉर्डर के अंदर है। उनका कहना है कि भारतीय सैनिक एलएसी यानी लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल पार करके चीन में घुसे थे।
इसलिए उस झड़प के लिए वह खुद ही जिम्मेदार हैं। हालांकि उनके इस दावे को भारत के सरकारी सूत्रों ने खारिज कर दिया है। सूत्र के मुताबिक भारत में लोगों को अपनी बात रखने की आजादी है। इसलिए अगर किसी को बैटल ऑफ गलवान से कोई आपत्ति या सवाल है तो वह भारत के रक्षा मंत्रालय से संपर्क कर सकते हैं।
