क्रिकेट से ब्रेक लेकर खेती करते हैं शमी ?

बड़े दिनों बाद आपसे मुलाकात हो रही है। शमी भाई कैसे हैं? क्या चल रहा है? बताइए जरा। कुछ नहीं काफी लंबा टाइम हो गया टीम से दूर रहे हुए। बट मेरी एक अलग ही दुनिया है। एक अलग ही लाइफस्टाइल है कि लोगों की तरह वैसा नहीं है शो शा करने का ज्यादा। बट ज्यादातर टाइम फैमिली के साथ स्पेंड करना, अपना ग्राउंड में प्रैक्टिस करना, अपने अपने एक छोटे से सर्कल के अंदर ही रहना वैसा ही एक लाइफ स्टाइल है।

तो जब ब्रेक होता है तो आप एकदम सबसे दूर भाग जाते हैं शोष से, सोशल मीडिया से, मीडिया से और वो फैमिली के छोटे से सर्कल में वहां चले जाते हैं। यार देखो जहां मैं पैदा हुआ हूं सबसे कंफर्टेबल तो आदमी वहीं फील करता है जहां आप बोर्न होते हो। अमरोहा में। हां। तो अब अब ऐसा सेट सेटअप भी वैसा कर लिया है हमने कि कहीं जाने की जरूरत नहीं है और आजकल के माहौल में कहां जाएं कहां ना जाएं समझ नहीं आता। तो साल के 12 महीने आप जब ट्रैवलिंग करते हैं आप जब खेलते हैं यहां वहां जाते हैं आप बहुत रश रहता है। उसके बाद थोड़ा सा अगर ब्रेक मिलता है तो फिर वह बेस्ट जगह है कि जहां पर एक हॉर्न की भी आवाज ना आए। वैसी क्वाइट प्लेस है।

आपके बहुत सारे कलीग्स गए हुए हैं वहां पर। तो बहुत शांत है। हमारा एक पैटर्न बना हुआ है शुरू से कि फैमिली मेंबर्स का कि हां पर्टिकुलर जिसका जो प्रोफेशन है जो जो तरीके से है जैसे बच्चे हैं तो बच्चे अपना रात को जल्दी सो जाएंगे। स्कूल टाइम में उठेंगे तैयार होंगे चले जाएंगे। जिसको 11:00 बजे 10:00 बजे उठना है वो 10:00 बजे उठेगा अपना काम से निकल जाए। सबका सेट है। तो कोई डिस्टरबेंस नहीं है।

कोई ऐसा नहीं है कि कोई शोष चाहिए घर में किसी को या पिताजी खेती करते हैं अभी भी नहीं अब नहीं करते। पापा 2017 में एक्सपायर हो गए बट फार्मिंग शुरू से ही रहा है घर में। कोई और करता है? चलता है। हम लोग अभी भी कराते हैं। आप करते हो? अभी भी कराते हैं। जाते हो खेतों में? हां। क्योंकि अभी भी फार्मिंग है भैया। आज भी आज की डेट में भी हमारे जो फार्म का जो बैकयार्ड है वहां पे सारी वेजिटेबल आपको मिलेंगे। सीजन फ्रूट्स मिलेंगे जितने भी हैं फ्रूट्स में और बाकी जो नॉर्मल चीजें होती हैं जैसे सागवाग और तुम्हारे कि धनिया नींबू ये सब चीज तो साल के 12 महीने ऑन है।

तो सारा आपका खुद का जो फार्म का उगाया होता है घर में वही आता है ज्यादा। हां 90% तो मैं मुझे लगता है कि वेजिटेबल्स और जो जो फ्रेश जो फ्रूट्स होते हैं वह जो मुझे पसंद है वो लगे हुए हैं वहां पे। तो कहीं से लाने की जरूरत नहीं पड़ती। दूसरी चीज ऑयल घर का होता है, गेहूं घर का है, राइस घर का है। दालें सब घर की है। तो देसी घी हुआ, दूध हुआ, भैंस-वैंस पाल रखी है। तो कोई जरूरत नहीं है कि ऐसी ज्यादा कि आपको कोई चीज इंपोर्ट करनी पड़ेगी। दूध-वूध निकालते हैं कभी भैंस का? नहीं कभी बचपन में ट्राई किया था।

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