लल्लन टॉप के पूर्व संपादक और अब द इंडियन एक्सप्रेस के हिंदी प्लेटफार्म में नई पारी शुरू करने वाले चर्चित पत्रकार सौरभ द्विवेदी इन दिनों अपने गांव चामेरी को लेकर चर्चा में हैं। वजह है आधुनिक लाइब्रेरी जो उन्होंने अपने गांव में खोला है। जिसकी हाल ही में ग्रैंड ओपनिंग हुई है।
इस इनोगेशन के बाद सोशल मीडिया पर चामेरी के वीडियोस और फोटोस की बाढ़ आ गई है। छोटे से गांव में बना यह लाइब्रेरी अचानक राष्ट्रीय चर्चा का विषय बन गया है। सबसे पहले यह बता दें कि सौरव द्विवेदी ने अपने गांव में जो पहल की है वो वाकई सराहनीय है। अपने दादा के नाम पर बनाई गई इस लाइब्रेरी में बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक के लिए पढ़ने लिखने की व्यवस्था की गई है।

एयर कंडीशन रीडिंग हॉल, टीवी देखने की सुविधा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्रों के लिए संसाधन उपलब्ध कराए गए हैं। लाइब्रेरी की एक और दिलचस्प बात इसका ऊपरी हिस्सा है जहां एक रेस्टोरूम बनाया गया है। यहां दूर दराज से आने वाले लोग ठहर सकेंगे। माना जा रहा है कि यह कलाकार, पत्रकार, लेखक, और, और सार्वजनिक जीवन के लोग भी आकर ठहरेंगे [संगीत] और शायद गांव में संवाद और गतिविधियों का नया माहौल बनेगा। वहीं बात करें कि यह लाइब्रेरी की लोकेशन क्या है? तो बता दें जालौन के उरई के पास बसे छोटे से गांव चामेरी में यह लाइब्रेरी खोली गई है जो कि सौरभ द्विवेदी का गांव है।

अब बात करते हैं कि इसको बनाने में कितना पैसा खर्च हुआ है। तो बता दें जालौन के चमारी गांव में यह लाइब्रेरी करीब ₹ करोड़ की लागत में बना है। जिसका नाम माता प्रसाद द्विवेदी पुस्तकालय है। वहीं सोशल मीडिया पर इसकी ग्रैंड ओपनिंग की चर्चा ज्यादा है क्योंकि इसमें कई वीवीआईपी गेस्ट शामिल हुए। उप मुख्यमंत्री बृजेश पाठक, पूर्व सांसद धनंजय सिंह, प्रसिद्ध कवि कुमार विश्वास, फेमस कॉमेडियन जाकिर खान भी शामिल हुए।

