कोई रोल छोटा या बड़ा नहीं होता और एक एक्टर के लिए अच्छी एक्टिंग के अलावा कोई धर्म नहीं होता। यह डायलॉग शाहरुख की फिल्म से मिलताजुलता जरूर है लेकिन सूट होता है उस पर्सनालिटी पर जिनकी मैं आज बात करने वाली हूं। यह जो एक्टर है, इन्होंने अपने करियर में थ्रूउ छोटे से लेकर बड़े रोल्स किए हैं।
इन्होंने फिल्मों में एक-एक सीन के रोल्स भी किए हैं। इन्होंने हॉरर फिल्में जिन्हें उस टाइम पर बी फिल्मों से कंपेयर किया जाता था उसमें भी काम किया है और इन्होंने फिल्म इंडस्ट्री के बिगेस्ट सुपरस्टार शाहरुख के साथ भी काम किया है और फिल्म इंडस्ट्री के बिगेस्ट फिल्म मेकर सूरज बरजातिया के साथ भी काम किया है।
45 साल इन्होंने इस फिल्म इंडस्ट्री में गुजारे और इस दौरान इन्होंने हमें एक्टिंग के रूप में दिया सिर्फ और सिर्फ एंटरटेनमेंट और यह भी सच है कि इन्होंने एक ऐसा सीरियल किया जिसमें इन्होंने 45 अलग-अलग किरदार निभाए। यह कभी फिल्मों में हमें एक्टर, एक्ट्रेस के मामा या चाचा बने नजर आए। कभी पुलिस वाला बनकर नजर आए। कभी डॉक्टर, कभी वकील तो कभी करप्ट कमिश्नर बनकर नजर आए। इन्होंने कैमरा के सामने एक्टिंग तो की ही है लेकिन इतनी फ्लोलेस की है कि इनके नाम पर टैग हो गया है कि यह एक नेचुरल कॉमेडी करने वाले एक्टर हैं। हाल ही में हमने इन्हें खोया है और इनके जाने से कह सकते हैं कि इंडस्ट्री को बहुत बड़ा लॉस हुआ है।
यह एक्टर हैं सतीश शाह। आज कब क्यों और कैसे में सतीश शाह जी के बारे में मैं आपको ऐसी कुछ बातें बताऊंगी जो आपने शायद ही सुनी होंगी। कब फिल्मों में एक्टर बनने आए सतीश शाह? करियर के इनिशियल टाइम में एक लाश का रोल करके हुए फेमस। क्यों सतीश शाह ने अपने करियर के पीक टाइम पर फिल्म इंडस्ट्री से लिया ब्रेक? और कैसे सतीश शाह ने खाने का निवाला लिया और उसके बाद उनकी जान चली गई। [संगीत] सतीश शाह की अगर बात करें तो वो एक गुजराती कच्छ फैमिली से बिलोंग करते हैं। सतीश शाह एक मिडिल क्लास परिवार का हिस्सा थे और उनका परिवार मुंबई में ही बसा हुआ था। सतीश शाह ने मुंबई में ही अपनी पढ़ाई की है।
सेंट जेवियर कॉलेज से उन्होंने आर्ट्स की पढ़ाई की। सतीश शाह का इंटरेस्ट बचपन से स्पोर्ट्स में था और वह एक नॉन फिल्मी बैकग्राउंड से आते थे। जिस वक्त वो कॉलेज में आर्ट्स की पढ़ाई कर रहे थे, उस दौरान उन्हें एक चीज बहुत सता रही थी कि इस कॉलेज के तुरंत बाद मेरे पिताजी मुझसे पूछेंगे कि अब क्या करना है? क्या कमाओगे, क्या काम करोगे और घर में कितना पैसा लाओगे? इस सवाल से बचने के लिए सतीश शाह ने कॉलेज खत्म होने के बाद ही एफटीआईआई में अप्लाई कर दिया और वहां पर एक्टिंग की पढ़ाई करने लगे। जहां तक बात है एक्टिंग की तो बचपन में सतीश शाह लोगों को नोटिस किया करते थे। कौन कैसे बोलता है, किस तरह से बॉडी लैंग्वेज करता है, उन सब चीजों को वो नोटिस करते थे।
स्कूल में सतीश शाह स्पोर्ट्स की तरफ थे। लेकिन एक बार टीचर ने ड्रामा में उनका नाम इसलिए लिख दिया क्योंकि ड्रामा में बच्चे कम पढ़ रहे थे। तब सतीश शाह ने स्कूल में परफॉर्म किया और वो परफॉर्मेंस इतनी अच्छी थी कि उन्हें बहुत तारीफ मिली और वहां से उन्होंने एक्टिंग की तरफ भी इंटरेस्ट लेना शुरू कर दिया। जब कॉलेज में आए तो उनके सीनियर थे एक्टर फारुख शेख। फारुख शेख के साथ उन्होंने कई प्लेस किए। उनके साथ थिएटर भी किया करते थे और जब फारुख शेख कॉलेज से चले गए तो सतीश शाह ने कॉलेज का थिएटर भी बहुत समय तक संभाला।
कॉलेज के बाद क्या जॉब करें? कैसे पैसा कमाएं? पिताजी के इन सब सवालों से बचने के लिए सतीश शाह एफडीआईआई चले गए और वहां पर उन्होंने एक्टिंग की पढ़ाई करनी शुरू कर दी। जिस वक्त सतीश शाह एफडीआईआई में थे उस वक्त उनके बैचमेट्स में शामिल थे। ओमपुरी जी, डेविड धवन, शबाना आजमी, सुरेश ओबरॉय, राकेश बेदी, सुधीर पांडे। कॉलेज के दौरान ही सतीश शाह के सीनियर्स कुछ फिल्में बनाया करते थे और उन फिल्मों के लिए सतीश शाह ने छोटे-मोटे रोल्स किए। इसके अलावा जिस वक्त सतीश शाह कॉलेज पास आउट करके फिल्म इंडस्ट्री में काम ढूंढ रहे थे, तब फारुख शेख जो इंडस्ट्री का जाना माना नाम बन गए थे, वो अपनी फिल्मों में एक-दो सीन्स के रोल्स सतीश को दे दिया करते थे। तो यही वो टाइम था जब उन्होंने काम किया उमराव जान जैसी फिल्म में भी। इसके अलावा वो थिएटर करते थे और स्ट्रगल किया करते थे। अपने स्ट्रगलिंग डेज के बारे में सतीश जी ने एक इंटरव्यू में बताया था कि फेमस स्टूडियो के बाहर वो घंटों बैठा करते थे और वहां पर अगर आप गए हैं तो कई लोगों से मीटिंग हो जाया करती थी। लेकिन उन्हें देखकर प्रोड्यूसर्स कहते थे कि आप डायरेक्टर बनने आए हैं या फिर आप एडिटर बनेंगे या फिर सिनेमेटोग्राफर। क्योंकि सतीश शाह के लुक्स बिल्कुल हीरो जैसे नहीं थे।
यही वजह है कि लोग उन्हें मिसअंडरस्टैंड किया करते थे। एक हीरो के लुक के लिए एक पर्टिकुलर फिजिक होती है। अगर आपको विलेन बनना है तो उसके लिए एक पर्टिकुलर फिजिक होती है। लेकिन सतीश इस किसी भी पैमाने में बैठ नहीं पा रहे थे। तो शुरू में बहुत कंफ्यूजन था कि आखिर वो अपने आप को फिल्म इंडस्ट्री में एक्टिंग की इस दुनिया में किस ढांचे में ढाले। फिर सतीश जी ने किस्मत पर छोड़ दिया और कहा कि जिस तरह का काम मेरे पास आएगा मैं वह काम करूंगा और उसी काम से मैं दूसरा काम निकालने की कोशिश करूंगा। उनका यह जो तरीका था यह काम कर गया। इसी दौरान सतीश शाह को काम मिला अमिताभ बच्चन और दिलीप कुमार जी के साथ शक्ति फिल्म में काम करने का। इस फिल्म में उनका रोल तो बहुत छोटा था लेकिन इस फिल्म में काम करके उन्हें लगा कि हां मैंने कुछ किया है और इसके बाद सतीश शाह को काम आए उनके कॉलेज के दिनों के सीनियर कुंदन शाह जिन्होंने सतीश शाह को अपने करियर को स्टार्ट करने के लिए बहुत बड़ी अपॉर्चुनिटीज दी जिसमें से एक फिल्म है जाने भी दो यारों। इस फिल्म में सतीश शाह को रोल दिया गया था।
कमिश्नर डिमेलो का जो कि एक करप्ट कमिश्नर होता है। लेकिन सतीश शाह ने जब इस फिल्म में अपना रोल सुना तो उनका दिल टूट गया। मूवी में इंटरवल से पहले ही सतीश शाह के किरदार की डेथ हो जाती है। अब एक एक्टर चाहता है कि किसी भी फिल्म में वो काम करे तो उसका रोल तो अच्छा मिले थ्रू आउट फिल्म उसकी कुछ अपीयरेंसेस हो लेकिन यहां पर तो फिल्म के फर्स्ट क्वार्टर में ही उनकी डेथ हो रही है और बाकी पूरी मूवी में उनकी लाश दिखाई जा रही है। लाश के रोल में वो क्या ही कर लेंगे। बट उस टाइम वो काम ढूंढ रहे थे।
वो स्ट्रगल कर रहे थे। यही वजह है कि उन्होंने इस फिल्म में काम किया। इस फिल्म के एक्सपीरियंस के बारे में बात करते हुए सतीश शाह ने बताया कि इस फिल्म के दौरान सतीश कौशिक जो एक्टर थे वो ही इस फिल्म के डायलॉग लिख रहे थे। तो उन्होंने सतीश शाह के लिए डायलॉग्स भी कम लिखे थे और सबसे ज्यादा डायलॉग्स खुद ही ले लिए थे। यानी कि जब वो जिंदा थे तब भी सतीश शाह के पास कुछ खास डायलॉग्स नहीं थे बोलने के लिए। यही वजह है कि फिर उन्होंने कुंदन शाह के साथ अपने रोल को इंप्रोवाइज करना शुरू किया और कहा कि जब लाश जिस पोश्चर में है उसके हिसाब से उस लाश के चेहरे के एक्सप्रेशंस भी चेंज होंगे और लाश के साथ ही कुछ कॉमेडी की जाए। सतीश शाह के अंदर वो कॉमेडी का स्क्रीन प्रेजेंस का जो सेंस है वो इस फिल्म के दौरान काम किया और फिर कुंदन शाह ने उनकी यह बात मानी जिससे उनका लाश वाला भी जो सीन था वो काफी इंटरेस्टिंग हुआ और उनका यह लाश वाला किरदार बहुत फेमस हो गया। सतीश शाह के लिए यह खबर एक अच्छी खबर भी थी और बुरी खबर भी थी क्योंकि वह बनने आए थे एक्टर। कैमरा के सामने एक्सप्रेशन दिखाकर एक बंदा फेमस होना चाहता है। लेकिन यहां पर फेमस हुआ उसका वो सीन जिसमें वो लाश का रोल कर रहा है। सतीश शाह के लिए मुश्किलें उतनी ही थी जितनी वो फिल्म इंडस्ट्री में जिस वक्त काम ढूंढने आए थे तब थी। सतीश शाह ने कहा कि इस फिल्म में खुद कुंदन शाह को भी ट्रस्ट नहीं था कि यह फिल्म चल पाएगी। यही वजह है कि जब फिल्म का प्रीमियर था तो हम एक्टर्स को भी फिल्म देखने के लिए टिकट खरीदने पड़े थे। सेम टाइम पर सतीश शाह ने कुंदन शाह के एक और प्रोजेक्ट में काम किया। यह एक टीवी शो था जो हर फ्राइडे आया करता था। इस शो का नाम था यह जो जिंदगी है और इस शो के टाइटल को किशोर दा ने गाया था। यह टीवी शो काफी पॉपुलर हो गया था क्योंकि एक पति-पत्नी की खींचतान इस शो में दिखाई गई थी। इसके अलावा एक देवर था घर में जो जॉबलेस था और साथ ही एक स्ट्रेंजर आता है और हर बार सिचुएशन में फिट होने की कोशिश करता है। यह टीवी शो बहुत पॉपुलर हो गया और एक टाइम पर फिल्मों को यह शो टक्कर देने लगा। फ्राइडे नाइट को यह शो आता था तो लोग फ्राइडे जिस दिन फिल्में रिलीज हुआ करती थी उसके नाइट शो में नहीं जाते थे क्योंकि घर पे रहकर उन्हें टीवी पर यह जो जिंदगी है देखना होता था। इस शो में सतीश शाह ने अलग-अलग एपिसोड में अलग-अलग किरदार निभाए और वो कहते हैं कि यह शो मेरे लिए एक लर्निंग एक्सपीरियंस रहा क्योंकि हर किरदार जो मैंने सीखा था, जो मैंने सोचा था वो इस शो में निभाने का मुझे मौका मिला। सतीश शाह काम कर रहे थे। काम ठीक-ठाक मिल रहा था। लेकिन उसके बावजूद यह बड़े-बड़े रोल्स, ये बड़े-बड़े सीरियल्स उन्हें ज्यादा हेल्प आउट नहीं कर पाए। यही वजह है कि अभी भी उन्हें फिल्मों में छोटे-मोटे रोल्स ही करने पड़ रहे थे। और एक वो भी टाइम आया जब उन्होंने रामसे ब्रदर्स की फिल्मों में काम किया। फिर चाहे वो बंद दरवाजा हो या फिर वीराना हो। उस टाइम इस तरह की फिल्मों को बी ग्रेड फिल्म में लिया जाता था।
हालांकि अब तो इन फिल्मों को पसंद किया जाता है। लोग इन फिल्मों को देखकर खुश होते हैं। लेकिन तब इन फिल्मों को बी ग्रेड की कैटेगरी में डाल दिया गया था। सतीश शाह ने कहा कि उन्हें इन फिल्मों में काम करने का कोई रिग्रेट नहीं है क्योंकि इन फिल्मों में उन्होंने अपनी मर्जी से काम किया है। इनफैक्ट पुरानी हवेली जो फिल्म है उसमें तो सतीश शाह को काम ही इसलिए मिला क्योंकि रामसी ब्रदर्स को फिल्म शूट करने के लिए एक हवेली की जरूरत थी और जिस हवेली में यह फिल्म शूट होनी थी वो हवेली सतीश शाह के दोस्त की थी। तो सतीश शाह ने हवेली अरेंज करके दी और इसके बदले उन्हें इस फिल्म में काम मिल गया। पूरी फिल्म की यूनिट दिन भर शूट करती और रात में अपने-अपने होटल रूम में जाकर सोती।
वहीं सतीश शाह आराम से उसी हवेली में रहा करते थे क्योंकि यह उनके दोस्त की हवेली थी। यानी कि काम जो भी था वो उस टाइम को एंजॉय कर रहे थे और एज एन एक्टर अपनी परफॉर्मेंस अच्छी दे रहे थे। इसी दौरान सतीश शाह को फिल्मों में भी अच्छे ऑफर्स मिलने लगे और फिर आई फिल्म सूरज बजातिया कि हम आपके हैं कौन? जो फिल्म इंडस्ट्री की बिगेस्ट हिट साबित हुई और इस फिल्म में सतीश शाह का बहुत अच्छा रोल था। उन्हें वाइड रेंज पर पब्लिसिटी मिली इस फिल्म से। सतीश शाह ने अपने आप को कैटेगराइज नहीं किया था कभी भी कि वो यह रोल नहीं करेंगे या इस तरह की फिल्मों में काम नहीं कर या फिर अगर फिल्मों में काम मिल रहा है तो वह टीवी छोड़ देंगे। वो दोनों प्लेटफॉर्म्स पर काम कर रहे थे और अच्छा काम कर रहे थे।
इसी दौरान टीवी पर उन्होंने एक शो किया फिल्मी चक्कर। यह शो लोगों को बहुत पसंद आया और फिर सतीश शाह का एक सीरियल आता है सारा भाई वर्सेस सारा भाई और इसमें वह इंद्रबदन सारा भाई का रोल निभाते हैं। यह सीरियल सुपरहिट हो जाता है। लेकिन इस सीरियल को लेकर भी सतीश शाह ने एक इंटरव्यू में कहा यह सीरियल इनिशियली लोगों को क्लिक ही नहीं हुआ। इनिशियली यह सीरियल फ्लॉप हुआ था इस हद का कि हमें प्रोडक्शन वालों ने कहा था कि आपकी फीस कुछ कम करो। हमें इस शो से पैसा रिटर्न ही नहीं आया। आज इस शो की क्लिप्स सोशल मीडिया पर वायरल है और यह शो लोगों को बहुत पसंद आया है। पुरानी क्लिप्स अब वायरल हो रही है। लेकिन उस दौरान इस शो को कुछ खास पब्लिसिटी नहीं मिली। सतीश शाह इस दौरान फिल्मों में भी अच्छा काम कर रहे थे। उन्होंने शाहरुख खान के साथ भी काम किया। उन्होंने सलमान खान के साथ भी काम किया। सलमान खान और अक्षय कुमार के मुझसे शादी करोगी फिल्म में सतीश शाह ने काम किया था। इस फिल्म में उन्होंने प्रियंका चोपड़ा के मामा जी का रोल किया था। हालांकि इस फिल्म में सतीश शाह के कुछ सींस काटे गए थे।
यही वजह है कि इस फिल्म में काम करके उन्हें कुछ खास अच्छा एक्सपीरियंस नहीं रहा। एक कैरेक्टर एक्टर का रोल वैसे ही लिमिटेड होता है और उसके बाद भी जब सींस कट जाए तो दुख तो होता ही है। तो वैसा ही दुख उन्हें हुआ था इस फिल्म के बाद। शाहरुख खान के साथ अगर बात की जाए तो सतीश शाह ने शाहरुख खान के साथ कई फिल्मों में काम किया है। जिसमें डीडीएलजे शामिल है। फिर भी दिल हिंदुस्तानी शामिल है। चलते-चलते फिल्म शामिल है और फिर आती है फिल्म मैं हूं ना जिसमें सतीश शाह एक कॉलेज प्रोफेसर का रोल निभाते हैं। शाहरुख खान उनके स्टूडेंट होते हैं और इस फिल्म के अंदर उन्हें सबसे डिफरेंट रोल मिला। यानी कि एक ऐसे प्रोफेसर का रोल जो जिस वक्त बात करता है तो उसके मुंह से थूक निकलता है और अगर कोई सामने खड़ा है तो वो थूक इतना तेज होता है कि सामने वाले के मुंह पर जाता है। इस फिल्म के अंदर सतीश शाह के ज्यादातर सींस शाहरुख खान के साथ ही थे और यह सीन्स पिक्चराइज करना सतीश शाह के लिए बहुत मुश्किल था। इसलिए नहीं कि उन्हें मुंह से थूक निकालने में दिक्कत आ रही थी। वो अपना काम अच्छे से कर रहे थे। लेकिन सतीश शाह को देखकर शाहरुख हंस जा रहे थे। इसीलिए सीनंस हो ही नहीं पा रहे थे और बार-बार रीटेक्स करने पड़ते थे। सतीश शाह ने बताया कि मुंह से थूक निकालने की टेक्निक के लिए वो मुंह में पानी ले लिया करते थे एक सिर्फ और उसके बाद बोलना शुरू करते थे तो मुंह से वो थूक निकलता था जो शाहरुख के मुंह पर जाता था और शाहरुख हंसकर सींस करते थे।
हालांकि इस फिल्म को करने में उन्हें बहुत मजा आया और इस फिल्म के सींस भी काफी वायरल होते हैं। डायरेक्टर फरा खान जिन्होंने मैं हूं ना फिल्म बनाई उनके साथ सतीश शाह की अच्छी बॉन्डिंग थी। यही वजह है कि फिल्म का यह रोल भी उनका काफी अच्छा साबित हुआ। सतीश शाह इंडस्ट्री में ऑन टीवी इन फिल्म्स नजर आ रहे थे।
इनफैक्ट कई ऐसे एक्टर्स हैं जिनकी पहली फिल्म में सतीश शाह ने काम किया है। गोविंदा की लव 86 आई थी। उसमें भी सतीश शाह थे। हिमालय पुत्र अक्षय खन्ना की पहली फिल्म थी। उसमें भी सतीश शाह नजर आए थे। इनफैक्ट शाहिद कपूर के इश्क-विश्क में भी सतीश शाह ने काम किया।
ऋतिक रोशन की कहूं प्यार में भी सतीश शाह वह कहते हैं कि कई एक्टर्स की फर्स्ट फिल्म का वह हिस्सा रहे हैं और उन एक्टर्स को उन्होंने बड़ा बनते देखा है। सतीश शाह अपना काम अच्छे से कर रहे थे और एज एन आर्टिस्ट वो काफी बिजी थे और वन ऑफ द हाईएस्ट पेड एक्टर थे। लेकिन उसके बावजूद ऐसा क्या हुआ कि 2014 के आसपास आकर सतीश शाह ने एक्टिंग करनी ही बंद कर दी। वेल कहते हैं कि जब सतीश शाह ने हमशक्ल फिल्म की तो उस फिल्म के बाद उन्होंने काम करना ही छोड़ दिया। उस फिल्म के रोल को करने में उन्हें वैसे ही दिक्कत थी।
वह कंफर्टेबल नहीं थे। उन्होंने अपने आप से सवाल किया कि क्या इस उम्र में आकर मुझे इस तरह के सींस, इस तरह के रोल्स करने चाहिए, तो उनका मन ना कह रहा था। उसके बावजूद उन्होंने यह फिल्म की, यह फिल्म बड़ी फ्लॉप साबित हुई और इसके बाद ही सतीश शाह ने फिल्म इंडस्ट्री से एक ब्रेक ले लिया। यह कहना गलत नहीं होगा कि अगर फरा खान ने मैं हूं ना फिल्म में सतीश शाह को अपने करियर का वन ऑफ द बेस्ट रोल दिया तो वहीं दूसरी तरफ फरा खान के भाई साजिद खान ने हमशक्ल फिल्म से सतीश शाह के करियर पर ब्रेक ही लगा दिया। उस ब्रेक के बाद सतीश शाह कमबैक करने की कोशिश कर ही रहे थे कि कोरोना आ गया और इस दौरान कोरोना ने उन्हें भी अपनी चपेट में लिया। हालांकि कुछ दिन उन्होंने हॉस्पिटल में बिताए और वह वापस ठीक हो गए। सतीश शाह अपने दोस्तों से मिला करते फिल्म इंडस्ट्री में जो उनके लोग थे उनसे कनेक्टेड थे और डेविड धवन के साथ उनकी फिल्म में काम करने का उन्हें प्रॉमिस भी कर चुके थे। लेकिन कुछ समय पहले सतीश शाह की तबीयत तब बिगड़ गई जब उनकी किडनी में खराबी आ गई।
इसी साल 16 जून को सतीश शाह का कोलकाता में किडनी ट्रांसप्लांट का ऑपरेशन हुआ था जो कि सक्सेसफुल हुआ। छोटा-मोटा इंफेक्शन था जिसकी वो टैबलेट्स ले रहे थे और अच्छा कर रहे थे। वो ठीक-ठाक थे। लेकिन इसी बीच 25 अक्टूबर दोपहर 1:30 से लेकर 2:00 बजे के बीच अपने घर पर जब वह लंच कर रहे थे और उन्होंने पहला निवाला खाया तभी वह अनकॉन्शियस हो गए। परिवार वालों ने तुरंत एंबुलेंस बुलाई। एंबुलेंस को बुलाने में आधा घंटा लग गया। सतीश शाह को बांड्रा से हिंदूजा हॉस्पिटल ले जाया गया। जहां पर डॉक्टर्स ने उन्हें डेथ डिक्लेअ कर दिया। कहा जाता है कि किडनी फेलियर की वजह से उनकी डेथ हुई। सतीश शाह के जाने से हर कोई इंडस्ट्री में इमोशनल हो गया और हर किसी का दिल टूट गया। एक ऐसा सितारा जो स्क्रीन पर जब भी आता था तो बस लोगों के चेहरे पर हंसी आती थी। सबको एंटरटेन किया। वो इस तरह से दुनिया से चला गया तो दुख तो लोगों को बहुत हुआ। सतीश शाह के फ्यूनरल पर उनके साथी कलाकारों ने उनके लिए गाना गाया। फूट-फूट कर रोए। यह तस्वीरें हम सब ने देखी है। सतीश शाह की पर्सनल लाइफ की अगर बात करें तो उनकी वाइफ है मधु शाह जो कि एक डिजाइनर है। मधु शाह से सतीश शाह की मुलाकात तब हुई थी जब वो एफटीआईआई में थे और एक फिल्म फेस्टिवल में गए थे। वहां पर मधु को देखते ही वह अपना दिल दे बैठे। मधु को उन्होंने प्रपोज भी किया लेकिन मधु ने वह प्रपोजल रिजेक्ट कर दिया। इसके बाद सतीशा एक फिल्म कर रहे थे साथ-साथ। इसके सेट पर भी उन्होंने मधु को प्रपोज किया। तब भी मधु ने उनके उस प्रपोजल को रिजेक्ट कर दिया।
उसके कुछ समय बाद तीसरी बार सतीश शाह ने मधु को प्रपोज किया। तब मधु ने प्रपोजल एक्सेप्ट तो किया लेकिन एक कंडीशन के साथ कि पहले तुम आकर मेरे पेरेंट्स से मिलो। मेरे पेरेंट्स से मेरा हाथ मांगो और अगर वह हां कहते हैं तो ही मैं तुमसे शादी करूंगी। फाइनली सतीश शाह ने मधु के पेरेंट्स को कन्विंस कर लिया और या 1972 में उन्होंने मधु के साथ शादी कर ली।
सतीश शाह ने एक खुशहाल शादीशुदा जीवन जिया है और अब सतीश शाह जब इस दुनिया में नहीं है तो मधु उनके पीछे अकेली हो गई है। सतीश शाह एक बेहतरीन एक्टर है। फिल्म इंडस्ट्री में उन्हें हमेशा याद रखा जाएगा।
