सलमान के ख़िलाफ़ Warrant!अब बिगड़ जाएगी बात ?

बॉलीवुड के भाईजान सलमान खान के खिलाफ वारंट इशू हुआ और इस बार अगर सुनवाई से खुद को दूर रखेंगे तो मामला खराब हो जाएगा। कहा कि कानून से ऊपर कोई नहीं है। ये जो राजश्री वाला केस था इसमें एडवरटाइजमेंट के मामले में सलमान खान बुरे फंस गए हैं। और मैं सोचता हूं इतना पैसा है तो क्यों कर रहे हो इस सब चीजों के एडवरटाइजमेंट? जयपुर डिस्ट्रिक्ट कंज्यूमर डिस्प्यूट रिएड्रेस कमीशन टू ने उनके खिलाफ वारंट इशू कर दिया है। हालांकि ये जमानती वारंट है मगर इसकी तामील हो। यह तय करने के लिए कमीशन ने डीजीपी को स्पेशल ऑर्डर दिए हैं।

इन ऑर्डर्स के मुताबिक एक स्पेशल टास्क फोर टीम बनी होगी और यही टीम मुंबई जाकर सलमान को वारंट देगी। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक इस मामले में 6 अप्रैल को सुनवाई होनी है और अगर इस बार सलमान पेश नहीं होते हैं तो कमीशन सख्त कार्यवाही करेगा। यही वारंट राष्ट्रीय पान मसाला कंपनी के डायरेक्टर राकेश कुमार चौरसिया और दिनेश कुमार चौरसिया के खिलाफ भी जारी हुआ है। सलमान खान के साथ इन्हें भी 6 अप्रैल को आयोग के सामने पेश होना होगा और ऐसा ना होने पर तीनों के खिलाफ अरेस्ट वारंट इशू किया जाएगा।

कमीशन ने एसटीएफ यानी कि स्पेशल टास्क फोर बनाने का जिम्मा डीजीपीओ को दिया है। साथ ही आर्डर दिए कि वह यह काम जयपुर पुलिस कमिश्नर और डिप्टी कमिश्नर को सौंपे। खुद सलमान खान वारंट रिसीव करें। यानी कि खुद किसी और को ना कोई और वारंट ना ले। दोस्त मैं तो कहता हूं शाहरुख सलमान ये सब के सब इतना पैसा या आतलू-फालतू का ऐड ना करें तो सही है। इस रिपोर्ट की बात करूं तो कमीशन ने इससे पहले 15 जनवरी 9 फरवरी 16 मार्च को भी सलमान को जमानती वारंट जारी कर चुका है। 11 फरवरी को कंपनी के डायरेक्टर के नाम भी वारंट निकला था। मगर ना तो सलमान पेश हुए ना ही डायरेक्टर्स। इस नजरअंदाजी पर कमीशन अध्यक्ष जीएल मीना और सदस्य सुप्रिया अग्रवाल और अजय कुमार ने पैनल से संज्ञान लिया और कड़े शब्दों में स्टेटमेंट यह साफ करते हुए कही कि सेलिब्रिटी स्टेटस किसी भी व्यक्ति को कानून से ऊपर होने का अधिकार नहीं देता।

जमानती वारंट को लगातार नजरअंदाज करना कानून का मजाक उड़ाना है। इससे उपभोक्ताओं का भी सिंपल सी बात है। कमीशंस पर कमजोर विश्वास हो जाता है। यह केस योगेंद्र सिंह नाम के एक व्यक्ति की शिकायत पर फाइल हुआ था। उनकी कंप्लेंट थी कि इन पान मसाले में कैंसर होने का दावा किया गया है। यह पॉसिबल नहीं है। केसर होने का दावा। केसर होने का दावा सिवाय झूठ के कुछ भी नहीं है। बावजूद इसके सलमान खान ने इस पान मसाले को प्रमोट किया। योगेंद्र सिंह ने यह प्रोडक्ट बैन करने और इसके लिए सलमान वाले विज्ञापन को बंद करने की मांग की थी। नवंबर 2025 में ऐसी एक और शिकायत हुई थी। सीनियर भाजपा लीडर और राजस्थान हाई कोर्ट में वकालत कर रहे इंद्र मोहन सिंह हनी ने फाइल की थी। तब इंडिया टुडे ने रिपोर्ट किया था कि बकॉल इंदर कंपनी अपने पान मसाले के पाउच में केसर होने का दावा करती है। यह पाउच ₹5 में मिलना शुरू हो जाता है।

जबकि केसर की कीमत ₹4 लाख प्रति किलो है। ऐसे में इसमें केसर मिले होने का दावा पूरी तरह से झूठा है। बावजूद इसके एक्टर्स इन पान मसालों को प्रमोट करते हैं। शिकायतकर्ता ने अपील की कि इस तरह के विज्ञापन तो बंद होने ही चाहिए। साथ ही सलमान खान को मिले अवार्ड्स भी वापस लिए जाने चाहिए।

कोटा कंज्यूमर कोर्ट ने भी इस मामले में सलमान और राश्री कोर्ट को राजश्री को नोटिस भेजा था। फिलहाल इस पूरे मामले में सलमान की तरफ से कोई भी स्टेटमेंट नहीं आया ना ही उनकी तरफ से। ऐसे में अब देखना होगा कि 6 अप्रैल वाली सुनवाई में सलमान पेश होते हैं या फिर कुछ और जुगाड़ निकालते हैं।

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