सलीम खान और अमिताभ बच्चन को लेकर अभिनव कश्यप ने किए खुलासे।

अमिताभ बच्चन के नाम का बस जिक्र आ जाए। उनकी बुराई शुरू हो जाती थी हर चीज में। अब बहुत सारी बातें मुझे अब याद नहीं है। पर मैंने नोटिस किया और सबसे ज्यादा बुराई सलीम खान करते थे। सलीम खान वर्चुअली अमिताभ बच्चन की सारी मेहनत, सारे क्रेडिट और अमिताभ बच्चन को पूरी जिंदगी जितना प्यार मिला पब्लिक से उसका सारा क्रेडिट सलीम खान चाहते हैं। वो सोचते हैं मैंने बनाया है। इन लोगों को भाई घमंडी क्यों बोलता हूं मैं? इनको बनाने का बड़ा शौक है।

ये फिल्में नहीं बनाते। ये जिंदगियां बनाने की शौक तो जिंदगी तो खुदा बनाता है। तो ये क्या समझते हैं अपने आपको? आप समझ लीजिए खुदा समझते हैं। ये सोचता है हमने जिंदगी बनाई। मुझे भी बहुत ज्ञान दिया है कि हमने तेरी लाइफ बनाई। बल्कि दबंग में सीन में डाल दिया है। इंप्रोवाइज एक सीन है जिसमें सोनाक्षी के फादर की डेथ के बाद यह जाता है सोनाक्षी को लेने। तो वो डायलॉग लिखा नहीं था। इसने इम्रोवाइज किया है। कहता है लपक के अंदर जाओ जल्दी से बाहर आओ और यह बक्सा देता है सोनाक्षी को। कहता है तो सोनाक्षी उसको वापस ऐसे देखने लगती है रज्जू। तो कहता है घूर क्या रही हो?

लाइफ बना रहे हैं तुम्हारी। और अब यह जाके बिग बॉस पे बोलता है लाइफ मैं नहीं बनाता। वो तो अल्लाह बनाता है ऊपर वाला। हां। और बिगाड़ेगा कौन? मैं अपनी लाइफ बिगाडूंगा। बिगाडूंगा तो। ये ढोंग है, दोगलापन है। इनको कुछ नहीं आता। इनको लगता है ये सबकी लाइफ बनाते हैं। सबकी जिंदगी में चौधरी बने बैठे हैं। हर किसी के डिसीजन में इंटरफेयर करेंगे। किसको क्या काम करना है? सबको सबका काम सिखाएंगे और खुद जाहिल हैं। आई डाउट सलमान ने अपनी पढ़ाईवढ़ाई भी खत्म की होगी। मैंने कपिल शर्मा शो में देखा था तो फादर किसी इनके पिताजी बड़े फक्र से कहानी सुना रहे थे कि कोई आदमी था गणेश गणेश। हां। और वो पेपर चुरा के लाता था हर साल। और तीनों बेटे हंस रहे थे। गला फाड़ फाड़ के ये इनके घर के संस्कार हैं। यह संस्कार बाप ने दिए हैं और बाप को ये किस्से सुनाते के मजा आता है। और सलीम खान के साथ आप थोड़ा सा टाइम स्पेंड करिए आपको सब सुन।

कई लोग पूछते हैं सलीम खान ने क्या बिगाड़ा है तेरा? तू उनका क्यों नाम लेते? अरे उस घर में पत्ता भी नहीं हिलता बाप की मर्जी से। ये वही वाली बात है कि डरते तो हम सिर्फ अपने बाप से हैं। वो सच है। इनके घर में यही है। वरना अगर वो सुशीला चरक जी से पूछा जाए तो वो घर बड़ा अच्छा चले। वो बहुत ही सभ्य और सुलझी हुई महिला है और बेचारी लाचार हैं। क्या करें? उनके घर के पुरुष ऐसे हैं कि आई एम आई एम श्योर वो भी शर्मसार हो गई होंगी। अब अमिताभ बच्चन को लेकर क्या किस तरह के नुक्स निकाले जाते थे।

मतलब वो तो महानायक है और उन्होंने यह प्रूव किया है उनको जनता ने भगवान बना के रखा है तो मतलब उन्हें भी जनता ने जनता जिसको भगवान बनाना चाहती है बनाए जो बनाना अब यार देखो भगवान बनाने जनता का प्रोगेटिव है हम सचिन तेंदुलकर को बोलते हैं गॉड ऑफ क्रिकेट हम अपनी खुशी के लिए बोलते हैं ना तो सचिन तेंदुलकर आके नंगा नाच थोड़ी करते हैं कि मैं आई एम द गॉड आई एम द गॉड आई एम द गॉड

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