साध्वी प्रेम बाईसा के निधन के पीछे कौन ?

यह कथावाचक साध्वी प्रेम बाईसा की तस्वीर है। आपने इन्हें कथा सुनाते या फिर धर्म पर बातें करते सुना होगा। 28 जनवरी की देर रात लोकसभा सांसद हनुमान बेनीवाल ने प्रेम बाईसा की निधन की खबर दी। साथ में बताया कि यह मौत साधारण नहीं है। इसके पीछे किसी की साजिश हो सकती है। सांसद ने राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा से अनुरोध किया कि प्रेम बाईसा की मौत की जांच होनी चाहिए। सोशल मीडिया और मीडिया रिपोर्ट्स में एक इंजेक्शन को लेकर भी चर्चा है।

ऐसा दावा किया जा रहा है कि प्रेम बाईसा को बुखार था। इलाज के लिए एक कंपाउंडर को आश्रम में बुलाया गया। उसने बाईसा को इंजेक्शन लगाया और फिर इसके बाद उनकी तबीयत खराब होती चली गई। अंत में खबर आई कि बाईसा की मौत हो गई है। उनकी निधन की खबर के साथ एक सोशल मीडिया पोस्ट भी वायरल हो रहा है जो बाईसा के इंस्टाग्राम अकाउंट से पोस्ट किया गया। हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि पोस्ट किसने शेयर किया है।

इस पोस्ट में अग्नि परीक्षा का जिक्र किया गया है। साथ में एक और घटना को याद किया गया। मौत से संबंधित उस आखिरी पोस्ट में क्या लिखा यह जानेंगे लेकिन जरूरी है कि उस घटना को भी समझे जिसकी वजह से बाईसा कई महीनों से परेशान चल रही थी। साल 2025 के जुलाई महीने में बाईसा का एक वीडियो वायरल हुआ था। वीडियो में वो आश्रम में किसी पुरुष को गले लगाती नजर आई थी। यह वीडियो जैसे ही सामने आया लोग सवाल खड़े करने लगे थे। भयंकर विवाद हो गया। बात जब ज्यादा बढ़ी तो खुद बायसा का एक बयान सामने आया। आज तक से बात करते हुए उन्होंने बताया था यह वीडियो आज से 4 साल पुराना है। मैं अपने पिता से गले मिल रही थी।

वीडियो को गलत तरीके से चलाया गया। मैंने थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी। पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार भी किया था। आरोपी वीडियो दिखाकर मुझे ब्लैकमेल कर रहे थे। ₹ लाख की मांग कर रहे थे। लेकिन मैंने पैसे नहीं दिए जिसके बाद उन्होंने वीडियो वायरल कर दिया था। इस सफाई के बाद भी विवाद रुका नहीं था। कई दिनों तक वीडियो को लेकर कंट्रोवर्सी चलती रही थी। उनके और उनके पिता पर सवाल उठाए जा रहे थे। इस घटना के बाद से प्रेम बाईसा परेशान थी। खबर की शुरुआत में जिस सोशल मीडिया पोस्ट का जिक्र किया उसमें भी बाईसा की यह परेशानी नजर आई।

हालांकि उन्होंने उस पोस्ट में किसी का नाम नहीं लिया। 28 जनवरी 2026 को उनके अकाउंट से शेयर किए गए आखिरी नोट में लिखा है सभी संतों को प्रणाम। मैंने हर क्षण सनातन के प्रचार के लिए जिया। दुनिया में सनातन धर्म से बड़ा कोई धर्म नहीं है। आज अंतिम सांस तक मेरे दिल में सनातन ही है। मेरा सौभाग्य है कि मैंने सनातन धर्म में जन्म लिया और अंतिम सांस भी सनातन के लिए ली। मेरे जीवन में आदि जगतगुरु शंकराचार्य भगवान विश्व योग गुरुओं और संत महात्माओं का हर पल आशीर्वाद रहा।

मैंने आदि गुरु शंकराचार्य और देश के कई महान संत महात्माओं को पत्र लिखा। अग्नि परीक्षा के लिए निवेदन किया। लेकिन प्रकृति को क्या मंजूर था? इस दुनिया से हमेशा के लिए अलविदा। लेकिन ईश्वर और पूज्य संत महात्माओं पर पूर्ण भरोसा है। मेरे जीते जी तो नहीं लेकिन जाने के बाद न्याय मिलेगा। इस पोस्ट को लेकर कई सवाल हैं। पहला सवाल कि अग्नि परीक्षा से भाईसा का क्या मतलब था? दूसरा सवाल कि यह पोस्ट किसने शेयर किया? तीसरा अगर यह पोस्ट खुद प्रेम भाईसा ने शेयर किया तो क्या उन्हें अपनी निधन का आभास हो गया था? यह कुछ सवाल हैं जो इस पोस्ट से जुड़े उठ रहे हैं। संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के बाद हनुमान बेनीवाल ने लिखा कि मुख्यमंत्री और राजस्थान पुलिस के डीजीपी संज्ञान ने जोधपुर के एक अस्पताल में साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध परिस्थितियों में मृत्यु हो गई।

यह अत्यंत दुखद है। इस मामले की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए। दैनिक भास्कर ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि 29 जनवरी को पोस्टमार्टम के बाद आगे की कार्यवाही की जाएगी।

शुरुआती पूछताछ में सामने आया है कि साध्वी को बुखार था। आश्रम में किसी कंपाउंडर को बुलाकर इंजेक्शन लगवाया था। उसी वक्त वो निढाल हो गई थी।

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