41 साल से अटूट है जावेद शबाना का रिश्ता। जिस प्यार को परिवार ने नहीं दी इजाजत। समाज ने नहीं दी इज्जत, उसी प्यार को जावेद शबाना ने बना दिया मिसाल। लेकिन क्यों आई थी आधी रात में निकाह करने की नौबत? क्यों अपनी शादी के वक्त में धुत थे जावेद अख्तर? और किसने रात 12:00 बजे किया था निकाह पढ़वाने के लिए काजी का इंतजाम? यूं हाथों में हाथ डाले नाचते-झूमते जावेद अख्तर और शबाना आजमी को एक दूसरे का साथ निभाते 41 साल से ज्यादा का वक्त बीत चुका है।
जावेद शबाना को देख उनका हर चाहने वाला यही कहता है कि इस जोड़ी को किसी की नजर ना लगे। लेकिन क्या आप जानते हैं कि 41 साल पहले ऐसा नहीं था। तब ना यह रिश्ता आसान था ना हालात मेहरबान थे। जावेद शादीशुदा और दो बच्चों के पिता थे। की लत लग चुकी थी और शबान आजमी की मां इस रिश्ते के सख्त खिलाफ थी। शबाना आजमी को घर तोड़ने वाली महिला कहा जा रहा था और फिर एक दिन ऐसा आया जब अचानक आधी रात में 12:00 बजे जावेद और शबाना के निकाह के लिए काजी की तलाश की जाने लगी। में जावेद ने शबान आजमी के साथ निकाह किया। क्या है यह किस्सा?
बता दें कि जावेद अख्तर और शबाना आजमी की नजदीकियां 70 के दशक के अंत में बढ़नी शुरू हुई थी। तब जावेद अख्तर अक्सर शबाना आजमी के पिता और मशहूर शायर कैफी आजमी से मिलने उनके घर जाया करते थे। कैफी आजमी से जावेद लिखने की कला सीख रहे थे और इसी दौरान शबाना आजमी से उनकी नजदीकियां बढ़ने लगी।
दरअसल शबाना आजमी जावेद अख्तर की आवाज और कविता शायरी पढ़ने के उनके अंदाज पर फिदा थी। कब यह पसंद दीवानियत बन गई? किसी को पता नहीं चला। लेकिन जब इस इश्क की भनक जमाने को लगी तब भूचाल आ गया। दरअसल जावेद पहले से शादीशुदा थे। उन्होंने हनी ईरानी से शादी की थी। दोनों की मुलाकात फिल्म सीता और गीता के सेट पर हुई थी। जहां जावेद स्क्रिप्ट लिख रहे थे और हनी एक एक्ट्रेस थी। दोनों की दोस्ती हुई और फिर 21 मार्च 1972 को उन्होंने शादी कर ली।
शादी के बाद हनी और जावेद के घर में दो बच्चों फरहान और जोया अख्तर का जन्म हुआ। लेकिन इस रिश्ते में दरार आने की शुरुआत जावेद अख्तर के शराब पीने की लत की वजह से आई। और फिर जब जावेद की जिंदगी में शबाना आजमी आई तब हनी रानी के साथ उनका रिश्ता टूटने की कगार पर आ गया। वहीं शबाना और जावेद अख्तर के इश्क की भनक जब कैफी आजमी और उनकी बेगम शौकत आजमी को लगी तब उन्होंने इस रिश्ते पर सख्त ऐतराज जताया। खासतौर से शबाना की माने।
हालांकि बाद में शबाना ने अपने पेरेंट्स को इस रिश्ते के लिए राजी करवा ही लिया। और फिर आई 9 दिसंबर 1984 की तारीख जब शबाना आजमी और जावेद अख्तर निकाह के बंधन में बंधे। जावेद शबाना की शादी से जुड़े बेहद दिलचस्प किस्से का खुलासा उनके करीबी दोस्त अनु कपूर ने किया था। अनु ने एक इंटरव्यू में खुलासा किया था कि उन्होंने नशे में धुत जावेद अख्तर को शबाना आजमी से निकाह के लिए राजी करवाया था।
तब आधी रात में निकाह की तैयारियां पूरी की गई और चंद मेहमानों के बीच निकाह पढ़वाया गया। इस बारे में बात करते हुए अनु कपूर ने कहा था जावेद अख्तर साहब नशे में बैठे थे। शिवाना अंदर किताब पढ़ रही थी। मैं भी वहीं था और मैंने उनसे कहा बीबी बस करो एक बार सोचो और हमेशा के लिए फैसला कर लो। जावेद बिल्कुल में थे। उन्होंने कहा मैं कैसे फैसला कर सकती हूं। वह किसी भी तरह का फैसला लेने के लिए तैयार नहीं है।
मैं उनके पास गया और थोड़ा समझाया और जावेद अख्तर ने बुदबुदाया हां मैं तैयार हूं। इसके आगे अनु कपूर ने बताया था कि जैसे ही दोनों ने शादी के लिए हां कहा तो वह फौरन उनके ड्राइवर के साथ एक मौलवी को बुलाने के लिए बांद्रा स्थित मस्जिद चले गए। शबाना की अम्मी शौकत आजमी को बुलाया गया। जो बेटी के लिए आनन-फानन में लाल जोड़ा लाई। अनिल कपूर, बोनी कपूर समेत अन्य मेहमानों को बुलाया गया।
सिर्फ चंद मेहमानों की मौजूदगी के बीच यह शादी करवाई गई। अनु कपूर ने बताया कि यह शादी आधी रात के बाद हुई और सुबह 4:00 बजे तक सभी जश्न मनाते रहे। हालांकि जब शबाना और जावेद के निकाह की खबर जमाने को लगी तब शबाना आजमी को दूसरी औरत का घर तोड़ने वाली पति छीनने वाली औरत कई तरह के ताने मिले। जावेद अख्तर से शादी के बाद शबाना आजमी कभी खुद मां नहीं बनी। हालांकि जावेद और हनी के बच्चों फरहान और जोया ने उन्हें कभी भी औलाद की कमी महसूस नहीं होने दी। शबाना को दोनों भाई-बहन अपनी सगी मां की तरह चाहते हैं।
