9 जुलाई को जिस रशियन महिला को कर्नाटक पुलिस ने गोकर्ण के जंगलों से हिरासत में लिया था उसको लेकर अब एक चौंकाने वाला खुलासा सामने आया है। पुलिस के मुताबिक वो एक इज़रायली कारोबारी के साथ रिलेशनशिप में थी और कहा जा रहा है कि दोनों की मुलाकात करीब 7- 8 साल पहले हुई थी। नीना कुटानी ने एक न्यूज़ पोर्टल को बताया कि बच्चों का पिता एक इजराइली कारोबारी है। साथ ही उसने यह भी बताया कि एक बच्ची को जन्म गोवा में एक गुफा में रहने के दौरान दिया था और उसने खुद उस बच्ची की डिलीवरी की थी।
पुलिस को नीना का जो वीजा मिला है वह 2017 में ही एक्सपायर हो गया था। लेकिन वह चुपचाप अपने बच्चों के साथ कर्नाटक के जंगलों में पिछले काफी वक्त से रह रही थी। फिलहाल वह पुलिस की निगरानी में बेंगलुरु स्थित डिटेंशन सेंटर में है। सूत्रों के हवाले से बताया जा रहा है कि शुरुआत में नीना बच्चों के पिता के बारे में बताने को तैयार नहीं थी। लेकिन काउंसलर की मदद से उन्होंने इजरायली व्यापारी के बारे में जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि वह व्यापारी के साथ रिलेशन में थी। हैरानी की बात तो यह है कि वह शख्स भी बिजनेस वीजा पर भारत में ही है। एफआरआरओ के अधिकारियों ने इजरायली शख्स के साथ बैठक की ताकि यह पता चल सके कि वह नीना और बच्चों की टिकट स्पॉनसर करने के लिए तैयार है या नहीं। एक अधिकारी ने बताया कि इजरायली शख्स की नीना से लंबे समय पहले मुलाकात हुई थी और दोनों एक दूसरे से प्यार करने लगे थे। ऐसे में वह नीना के बच्चों का पिता है। वह एक कपड़ा व्यापारी है।
जानकारी के मुताबिक सभी औपचारिकताएं पूरी करने और नीना को बच्चों के साथ डिपोर्ट करने में करीब 1 महीने से ज्यादा का वक्त लग सकता है। इस मामले में नीना के पति और इजराइली मूल के डार गोल्डस्टीन का कहना है कि नीना ने उन्हें बिना बताए गोवा छोड़कर चली गई थी। जिसके बाद वह काफी परेशान थे और अपनी बेटियों की तलाश कर रहे थे। गोल्डस्टीन ने कहा कि उनकी नीना से पहली मुलाकात करीब 8 साल पहले गोवा में हुई थी। जहां दोनों को एक दूसरे से प्यार हो गया। हमने भारत में 7 महीने साथ बिताए और फिर कुछ समय के लिए हम यूक्रेन चले गए। गोकर्ण के एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि महिला ने दावा किया है कि उसने गोवा में गुफा में रहने के दौरान बच्चे को खुद ही जन्म दिया था। हालांकि इस बात पर भरोसा करना मुश्किल है लेकिन हम इससे इंकार भी नहीं कर सकते।
रिपोर्ट के अनुसार सूत्र बताते हैं कि नीना ने बताया है कि उनकी मुलाकात इजराइयली शख्स से 2018 में हुई थी और वह अपने देश लौट गया था। 40 साल की नीना कुटानी उर्फ मोही बिजनेस वीजा पर रूस से भारत आई थी। वह हिंदू धर्म तथा भारत की आध्यात्मिक परंपराओं से बहुत ज्यादा प्रभावित हुई। इसलिए वह गोवा के रास्ते पवित्र तटीय शहर गोकर्ण पहुंची थी। अधिकारियों ने बताया कि मोही के दो बच्चे भी हैं जिसका नाम प्रिया और अमा है। यह सभी लगभग दो सप्ताह से जंगलों के बीचोंबीच और पूरी तरह से एकांत में रह रहे थे।
उन्होंने बताया कि छोटे से परिवार ने घने जंगल और खाड़ी ढलानों से घिरी एक प्राकृतिक गुफा के अंदर एक साधारण सा घर बना लिया था। ऐसे में एक सवाल यह भी उठ रहा है कि नीना उस जंगल में कैसे खानेपीने का इंतजाम करती थी और उसके पास पैसे कहां से आते थे? इस बारे में नीना ने बताया कि वह आर्ट और म्यूजिक वीडियो बनाकर और कभी-कभी पढ़ाकर या बेबी शूटिंग कर पैसे कमाती थी। उन्होंने कहा, मैं इन सब कामों के जरिए पैसे कमाती थी और अगर मेरे पास कोई काम नहीं होता था तो मेरे भाई, मेरे पिता और मेरा बेटा भी मुझे पैसों से मदद करता था। हमें जो भी जरूरत होती थी तो उसके हिसाब से हमारे पास पर्याप्त पैसे होते थे। नीना के गुफा से जरूरत की हर चीजें मिली है। गुफा को नीना ने तीन हिस्सों में बांट रखा था। पहला हिस्सा सोने के लिए, दूसरा पूजा पाठ करने के लिए और तीसरा बैठकर खाने पीने के लिए। गुफा के अंदर भगवान की कई मूर्तियां भी मिली है। भगवान राम, भगवान शिव, देवी और गणेश भगवान की तस्वीरें भी रखी है।
नीना ने गुफा को फूलों से सजा रखा था और गुफा में बने छेदों में अगरबत्ती जलाती थी। गुफा के अंदर खाना बनाने के सारे सामान मौजूद थे। वहीं नहाने और कपड़े धोने के लिए बाल्टी भी मिला है। इससे इस बात की तस्दीक की जा सकती है कि नीना गुफा के अंदर आराम से रह रही थी और उसे वहां किसी भी चीज की कोई दिक्कत नहीं हो रही थी।
