तो पुनर्जन्म क्या सच में मृत्यु के बाद इंसान दोबारा इंसान के रूप में जन्म लेता है? इस सवाल में कई रहस्य हैं। जब यह सवाल आप किसी से करेंगे तो साफ-साफ कोई हां नहीं कहेगा। लेकिन किस्से कहानियों के जरिए पुनर्जन्म की बातें कही जाती हैं। फिल्मों में भी पुनर्जन्म की कहानियां दिखाई जाती रही हैं। न्यूज़ 18 पर आप पहली बार एक ऐसे लड़के से मिलेंगे जो दावा करता है कि उसे पुनर्जन्म की सारी बातें याद है। वो अपने दोस्तों को पहचानता है। अपनी पत्नी और बच्चों को भी जानता है। यही नहीं पहले के जन्म में उसके घर में क्या होता था सब कुछ बताता है। हैरानी की बात तो यह है कि मौत के बाद उसके घर में जो कुछ हो रहा था, दावा है कि वह सब कुछ देख रहा था। आप जब उसे सुनेंगे तो हैरान रह जाएंगे। सोचेंगे कि क्या उसका दावा सच है? क्या पुनर्जन्म होता है? क्या रिइकार्नेशन होता है?
क्या मरने के बाद जब इंसान दोबारा जन्म लेता है तो उसे अपनी पिछली जीवन की जिंदगी जो है वो याद रहती है? यह बहुत सारे सवाल हैं। बहुत सारे किस्से कहानियां हमने सुनी है। बहुत सारे किस्से कहानियां हमने पढ़ी हैं। लेकिन । आज मैं आपको पुनर्जन्म का एक ऐसा सबूत दिखाऊंगा जिसे देखकर भी आपको यकीन नहीं होगा। यकीन नहीं होता। कहानी सच है या भ्रम? मन में सवाल उठते हैं। क्या पुनर्जन्म होता है? पुनर्जन्म सच है या पहेली? इसी रहस्य को समझने के लिए टीम हरियाणा के पलवल गांव पहुंची। मैं इस वक्त मौजूद हूं हरियाणा के पलवल जिले के गढ़ी गांव के अंदर और यहां पर एक ऐसा जीता जागता सबूत मौजूद है पुनर्जन्म का रीइंकार्नेशन का कि आप यकीन नहीं कर पाएंगे।
मैंने भी जब ये पूरी कहानी सुनी तो मुझको भी लगा कि ये ऑलमोस्ट इंपॉसिबल है लेकिन इंपॉसिबल नहीं है। बहुत सारी चीजें हैं। बहुत सारी बातें सबसे पहले कोई और बात करने से पहले मैं आपको उस शख्स से मिलवाता हूं। नाम राहुल गांव गढ़ी पट्टी राज्य हरियाणा। उम्र 16 साल की है। लेकिन कहते हैं कि पिछले जन्म में जब मौत हुई तो शादीशुदा था और बच्चे भी थे।
हरियाणा के बासवा गांव में धनराज की मौत हुई तो थोड़ी दूर पर गढ़ी पट्टी में राहुल का जन्म और दावा है कि राहुल ही धनराज है। मौत के 12 साल बाद धनराज ने दूसरे घर में जन्म लिया। एक छोटा सा लड़का आपको दिखाई दे रहा है। देखने में आपको क्या लग रहा है कि एक बहुत यंग छोटा सा लड़का है। लेकिन असल में यह एक ऐसा जीता जागता सबूत है रीइकार्नेशन का पुनर्जन्म का जो आज से पहले टेलीविजन पे तो शायद ही आपने कभी देखा हो। नाम है राहुल और इसी गांव में रहते हैं जहां पर मैं मौजूद हूं। पलवल में गढ़ी गांव है। वहीं पर रहते हैं। पहले तो अपना पूरा नाम बताओ। राहुल सौरभ। राहुल सरो। देखिए राहुल सोत नाम है लेकिन कंफ्यूजन क्या है? इस जन्म का नाम क्या है? पिछले जन्म का नाम क्या है? इस जन्म में क्या करते हैं? पिछले जन्म में क्या करते थे? दावा है कि जन्म के ढाई साल बाद से ही राहुल को अपनी पत्नी की याद आने लगी थी। 2ाई साल की उम्र में अपनी पूर्व [संगीत] जन्म की पत्नी के लिए मां से सिर दर्द की दवाइयां मांगता था। मिलने के लिए कहता था। राहुल तुम्हारा नाम आज तो राहुल है। पिछले जन्म में क्या नाम था? धनराज। धनराज। ठीक है। इनका पहले नाम था धनराज। आज इनका नाम राहुल है। और सबसे बड़ी बात यह है कि इनको बहुत डिटेल में सारी चीजें याद है। इनको अपने पुनर्जन्म के सारे किस्से पहले क्या काम करते थे। किस तरह से इनकी डेथ हुई। कौन-कौन इनके रिश्तेदार थे, कहां इनका गांव था?वो सारी चीजें इनको याद हैं। सारी चीजें इन्होंने रिकलेक्ट कर ली है।
सारी चीजें इनके ज़हन में मौजूद हैं। बहुत सारी बातें हम राहुल से करेंगे। N 18 के पास सवालों की लंबी फहरिस्त थी। हमने क्रॉस चेक करने के लिए दोनों गांव का दौरा किया। पूरे परिवार से सैकड़ों सवाल किए ताकि किसी को यह ना लगे कि हम अंधविश्वास फैलाते हैं। न्यूज़ 18 अंधविश्वास को बढ़ावा नहीं देता। लेकिन जब ऐसी चीजें सामने आती हैं तो सबके सामने रखना जरूरी होता है। ताकि पुनर्जन्म जैसी बातों पर चर्चा हो और सच सामने आए। राहुल सबसे पहले मुझको ये बताओ देखो बड़ा सरप्राइजिंग सी चीज है जब भी कोई बात करता है कि पुनर्जन्म हुआ है रीइकार्नेशन हुआ है तो बहुत सारी ऐसी चीजें हैं जो लोगों को याद नहीं रहती तुम्हें कब से ये सारी चीजें याद आनी शुरू हुई शुरू से याद सारी चीजें शुरू से मतलब जब से जन्म हुआ है जब से जन्म हुआ है जब तुम बोल जब तुमने बोलना शुरू किया जब तुम्हारी चीजें तुम जबान क्योंकि छोटा बच्चा तो बोल नहीं पाता है तो बोलने के बाद ही तुमने बताना शुरू किया था। हां, बोलने के बाद ही बताना सब कुछ शुरू कर दिया था। मैं यहां का नहीं हूं। बाहर का हूं। किसी ने विश्वास नहीं किया मेरे पे। हां। क्या क्या रिएक्शन था जब तुम्होंने अपने मां-बाप को ये बताना शुरू किया कि जी मैं मेरा नाम राहुल नहीं है। धनराज है। कुछ नहीं। सब ये कहते बच्चे समझ के सब हंस जाते थे और सब नींद। अच्छा सब हंसने लगते थे तुम्हारे ऊपर। तुम कहते क्या थे? शुरुआत में जब तुमने ये पुनर्जन्म की बात करनी शुरू करी तो तुम कहते क्या थे? कि मैं यहां का नहीं हूं। बाहर गांव का हूं। मुझे वहां पे छोड़ आओ और वहां पे करे आओ। मैं नहीं रहना चाहता। भागता था सब पे पकड़ पकड़ के ला। अच्छा। अच्छा जब तुमने ये सारी बातें बताई तो उसके बाद पहले तो लोग हंसते थे। तुम जैसे कह रहे हो कि तुम्हारे घर वाले सोचते होंगे छोटा बच्चा है। ये किस तरह की बातें कर रहा है? तो बेकार की बातें हैं। उसके बाद फिर क्या हुआ? सीरियसली लेना कैसे शुरू किया? जब सीरियसली लेने जब चालू करा जब मेरी वाइफ यहां पे आई थी। अच्छा तुम्हारे पुनर्जन्म की वाइफ यहां पर आई थी। देखिए कितनी शॉकिंग चीज है। अब आपको लग रहा होगा इस बच्चा छोटा सा बच्चा है। कौन सी क्लास में पढ़ते हो तुम? 10थ। 10थ क्लास में पढ़ते हैं। 15 16 साल की उम्र होगी तुम्हारी। 16 साल की उम्र है और ये कितना कॉन्फिडेंटली बता रहा है कि लोगों को जब महस होना शुरू हुआ जब मेरी पत्नी यहां पर आई। इनकी शादी अब नहीं हुई है। पुनर्जन्म की शादी की बात कर रहे हैं। शुरू में राहुल की बातों को परिवार के लोग गंभीरता से नहीं लेते थे। लेकिन जब राहुल बार-बार अपने असली गांव जाने के लिए जिद करने लगा तो आसपास के लोग भी हैरान रह गए। जब ये तुमने बचपन में चीजें बतानी शुरू करी। फिर तुम्हारे परिवार ने क्या किया? ढूंढने की कोशिश की, तलाशने की कोशिश की। कैसे पता चला? पता जब चला था वाइफ यहां पे आई थी। फिर आपने सब कुछ बताया। फिर पापा वहां पे फिर लेके गई थी। फिर वहां पे मैं जाके ये जो भांग के गांव से बाहर एक पुल पड़ता है। पुल पे जाके छोड़ दिया था मैं। वहां से फिर मैं अपने आप रास्ता बनाते बनाते घर पे पहुंच गया। वहां पे जाके फिर मैंने बताया ये मेरी पत्नी है। ये मेरी मां है। ये मेरी भाई है। ये मेरी बहन है। सारा कुछ मैंने वहां पे जाके बताया। हम्म। तुमने ये बताना शुरू किया। उसके बाद तुम्हारी पत्नी तक जो तुम कह रहे हो कि वो आई। उनको कैसे खबर मिली है? उनको खबर ऐसी मिली थी कि यहां वहां की एक लड़की यहां पे शादी हुई थी उसकी। उसने बताया कि एक लड़का है वो बांस मतलब जो पिछला गांव मेरे बांसवा वो वहां वहां का बनता है। हम तो उसने कुछ पता किया तो वो यहां पे आई। जब उसने देखा तो ये बात सारी सारी बात उसकी सच से निकली। तो उनको कैसे पता चला कि उनके पति के बारे में बात हो रही है? तुमने अच्छा उनका नाम बताया। मैंने नाम कहा था कि मैं पासे का हूं। मेरी पांच चार लड़कियां है। एक लड़की है। फिर उसके बाद सारा कुछ पता चलने के बाद फिर वो यहां पे आए और उन्हें देखा। मैंने मेरे को पहचाना। मैंने उनको पहचाना। हम पहले जन्म की पत्नी से बातचीत में राहुल ने कई चौंकाने वाली बातें बताई। एक बच्चा था वो लड़की हुई थी, लड़का मैं उससे पूछा कि जो पेट में लड़का था या लड़की हुई, लड़का हुआ उसने बताया लड़की हुई थी वो। अच्छा हम मतलब तुम्हें ये भी याद था कि पिछले जन्म में जब तुम्हारी डेथ हुई थी उस वक्त तुम्हारी वाइफ जो थी वो प्रेग्नेंट थी। तो तुमने उनसे पूछा कि लड़का हुआ है या लड़का? लड़का हुआ है लड़की? उसने कहा लड़की हुई है और इसके बाद भी घरवालों को विश्वास नहीं हो रहा था। उन्हें यह सारी बातें कहानी जैसी लगती थी। लेकिन राहुल बार-बार दावा करता था कि वो अपने पुराने घर जा [संगीत] सकता है। उसे रास्ते याद हैं। इसके बाद राहुल के पिता ने परीक्षा लेने की तैयारी की। राहुल को गांव से बाहर ले जाकर छोड़ दिया गया। सर मुझको यह बताइए जब इस बच्चे ने पहली बार यह बोलना शुरू किया कि मैं इस गांव का नहीं हूं। मैं तो उस गांव का हूं। तो आपने क्या किया उस वक्त? इसका फिर हम वो ले गए थे इसको गांव में। उसके में जहां जाए बताता था हम कि वहां मैं इस गांव का नहीं हूं। फलाने गांव का हूं। हम तो मेरी सिस्टर भी आई है। उसी गांव के पास में गांव है। हम तो एक बार मैं इसको छोटे में ही ले गया था आता इधर बैठा के मोटरसाइकिल पे। हम तो रास्ते में वो गांव पड़ता है। हम तो रास्ते में कहने लगा यही है मेरा गांव जहां आप निकल रहे हो इससे। हम तो मैं हट बैठ जा चुप। हम फिर पढ़ली तरफ से आया फिर कहने लग गया हम मैंने कहा ये फिर बकवास कर रहा है जबकि उम्र उसकी तीन चार साल के लगभग हो गई तीन चार साल की बस इससे ज्यादा नहीं थी हम आगे अपने घर फिर दोबारा यहां जिद करने लग गया कभी पल्ले चौक में पहुंच जाता कभी कहीं पहुंच जाता 2ाई साल की उम्र में राहुल पिछले जन्म की यादों को सबको सुनाता रहा पिता ने कई बार उसे इस बात को भूलने के लिए कहा लेकिन राहुल अपनी बात पर अड़ा रहा पिता परेशान थे।
मां भी बच्चे की बातों को अब गंभीरता से लेने लगी थी। तो ऐसे ही चलती रही चर्चा। फिर एक दिन मैं इसको ले ही गया। मैंने चल भाई तू अपने गांव ही चल आज। हम तो पहुंचा गांव के समीप नजदीक पहुंच गया। स्कूल था पहले सरकारी वहां पे नहर पड़ती है। स्कूल पड़ता है। हम तो गांव लगते ही नहर और स्कूल है। हम मैंने कहा कि तू अब नहर पे इसको छोड़ दे। हम अब देखते हैं घर कौन सा है। इसका गांव कौन सा है। मोटरसाइकिल से उतार दिया। मैं पीछे रह गया। मैंने चल भाई घर हम यह आगे आ गया।
मैं पीछे पीछे सीधा गली इन में निकल गया। अपने घर पहुंच गया। अच्छा। एक हमारी दादी जैसी मां है। इसकी जो मां थी हां इसी उम्र की अधे उम्र की। हम बैठी थी और सीधा उसके पास जा लग गया। हम कि ये मेरी मां है। ये मेरी बहू है। ये मेरे बेटे हैं। ये मेरी लड़की है। अब वो तो अनजान हो गए। सब कौन आ गया इधर भाई? पिता का दावा है कि राहुल ने अपने पिछले जन्म के रिश्तेदारों को [संगीत] पहचान लिया। राहुल ने धनराज के रूप में अपनी मां के पैर छुए। अपने भाइयों को और अपनी बेटियों को भी पहचाना।जैसे ही गांव वालों को पुनर्जन्म की बात का पता चला हलचल मच गई।
वो आए तो मिले सबसे मैं भी बीच-बीच पहुंच गया वहां पे। हम भैया ये बच्चा ऐसा जिद कर रहा है कि ये मेरी मां है। यही मेरे भाई है। यही मेरा गांव है। तो लोग इकट्ठे हो गए वहां पे। भैया कौन आ गया इधर? हम तो जैसे तैसे मिल मिला मिलाना कर दिया उन लोगों का फिर ले आए अपने बच्चे को इधर फिर महीना छ महीना गुजर गए उसमें फिर ना स्कूल जाना पढ़ने जाना कम की उसका मन ही इधर है हम तो फिर ले गए उसको भाई फिर लड़की भी आई उधर से उसकी घरवाली भी आई जान पहचान हो गई और राहुल और उसके माता-पिता से बात करने के बाद हमारी टीम सारे दावों को क्रॉस चेक करना चाहती थी।
इसलिए हमने राहुल को वहां लेकर गए जहां पर उसका पहला जन्म हुआ था। हम देखना चाहते थे कि पुनर्जन्म की कहानी कितनी सच्ची है। तो उसको सबसे पहले पहचान लिया कि ये है फलाना नाम है इसका अपने दोस्त को हां जो उसके साथ रहा था साथ रहता था जैसे काम करने में मजदूरी करने जा रहे हैं कहीं या काम बैठे हैं या ताश खेल रहे हैं तो उसी के साथ ज्यादा वक्त गुजारता था तो उसे पहचान लिया कि ये मेरा दोस्त है पक्का तोदी नाम था उसका हम राहुल की कहानी ने सबको हैरान कर दिया था धनराज की मौत और 12 साल बाद राहुल के जन्म की कहानी जब लोगों को विश्वास हो गया कि राहुल ही धनराज है तो उसकी पत्नी राहुल को देखने के लिए बार-बार आने लगी कुछ ना कही बेचारी पर वो महीना में छ महीना में आती रही बेचारी आती रहती थी हां अभी इसके जैसे ही आती थी इसके पैर लगती थी हां पैर छूती थी तो इसका पैर छूती थी आके अपना घूंघट करके नीचे अपना पन्नू अभी इसके बूत्ती ले ली ऐसे ऐसे लगा के माथे पैर लगा के फिर माथे ऐसे कर साथ ही जब धनराज की बेटियों [संगीत] की शादी हुई तो राहुल ने अपनी बेटी मानकर उनकी मदद की। बेटी की शादी में विदाई तक मौजूद भी रहा। साथ ही बारात [संगीत] में आए लोग भी इस बात से हैरान थे। हमारी बिरादरी का भी नहीं है वो। हां। मैंने कि हम जाट हैं। वह बेचारे बलार हैं। हमारी का जान पहचान इनसे जब भी हमने 60-700 खर्च किया था उसकी शादी में। बच्चे के लिए बच्चे के लिए उन्होंने जिद ना छोड़ी हमने कर दिए भाईत हम कि ले ले भाई जो भी चाहिए फिर दो तीन आदमी अपने गांव के इकट्ठे करे समेती सी बनाई गरीब बच्चे की शादी है थोड़ा बहुत हम देते हैं थोड़ा बहुत तुम दे दो फिर लोगों ने काफी सहयोग किया था राहुल ने कई कहानियां किस्से सुनाई धनराज के रूप में क्या करता था सब कुछ बताया मां पत्नी और दोस्तों की भी बात की इसी बात की जांच करने [संगीत] के लिए हम धनराज के गांव पहुंचे वो भी बिना बिना किसी को सूचना दिए गांव में कोई नहीं है क्योंकि इनकी बेटियों की शादियां हो चुकी हैं। राहुल के पिछले जन्म के जो बच्चे हैं उनमें बच्चियों की शादियां हो गई तुम्हारी चारों? हां चारों की पांचों की हो गई। लड़का की भी हो गई।
लड़का की भी हो गई। लेकिन लड़का तो गांव में ही है ना? लड़का गांव में ही है। न्यूज़ 18 की टीम थोड़ी दूर की यात्रा करने के [संगीत] बाद उस गांव पहुंच गई जिसे राहुल अपने पहले जन्म का गांव बताता है। कौन सा घर है ये वाला? चलिए जरा आवाज लगाइए। देखें कौन है। चलिए आइए उनके घर चलते हैं। आपको मतलब मैं टेलीविज़ जैसे मैं बार-बार कह रहा हूं कि आपने स्क्रीन पे पहली बार इस तरह की कोई चीज होते हुए देखी होगी। तो ये अपने आप में बहुत सरप्राइजिंग सी चीज है। कोई है घर में या नहीं है पता करते हैं। थोड़ी देर में घर के सभी लोग बरामदे में जुट गए। राहुल जैसे ही घर में दाखिल हुआ, धनराज के छोटे भाई रोने लगे। राहुल के रूप में धनराज को पाकर [संगीत] वो भावुक हो उठे। ये धनराज का फोटो है। अच्छा ये हैं धनराज जी। ओके। तो ये वो धनराज जी हैं जिनकी डेथ हुई थी। और जिनका पुनर्जन्म ये लड़का जो राहुल है ये बताता है। ये तस्वीर है धनराज की। तो ये बाबा जी इसने तो यह तक बताया के जब मेरी डेथ हुई थी तो मेरी पत्नी को कुछ होने वाला था बच्चा। हां बच्चा पेट में था। चार महीने तक हां उसने पूछा भी था जैसे गए थे लोग और पिछला बच्चा क्या हुआ? लड़की हुई है जिसको मैं पेट में छोड़ गया था। वो भी बताया था। ये कौन है भाई? तुम ही हो। [हंसी] ये देखिए मतलब अपने आप को एक सेकंड में पहचान रहा है। ये भी है। अब ये आपने आज तक फिल्मों में ही देखा होगा। कभी भी आपने इस तरह से लाइव नहीं देखा होगा कि एक शख्स जो कह रहा है कि ये मैं ही हूं और ये देख लीजिए दो तस्वीरें एक ही शख्स की हैं। बैठो बैठो। बैठ जाओ। तो यहां पर आए थे राहुल तुम। कब? काफी टाइम हो गया। पहचान लिया था सबको? किस-किस को? सबको। सबको पहचान लिया था। तो ये जो है अरे आप रो रहे हैं? हैं क्या हुआ? भाई की याद आ गई? भाई की याद आ गई आपको? तो ये है तो भाई आपका। भाई तो मौजूद है। हैं? इधर आ जाओ। उनको थोड़ा सा संभालो। देखो कैसे रो रहे हैं फूट-फूट के। चुप करो। हैं? यह है तो आपका भाई यहां पर कर लीजिए प्यार कर लीजिए भाई को धनराज के छोटे भाई काफी देर तक रोते रहे राहुल की आंखें भी नम हो गई सभी के दिलों दिमाग में राहुल धनराज के रूप में घूमने लगा और इतना देखने के बाद पुनर्जन्म की पहेली को आप समझ सकते हैं इससे अलग न्यूज़ 18 पर राहुल ने सबसे हैरान करने वाला एक बड़ा दावा किया।
मुझे सारा कुछ पता था हम कि अब डेथ हो रही है। अब घर को ले जा रहे हैं। कौन रो रहा है? कौन नहीं रो रहा है? यह सब कैसे पता था? तुम्हें तुम देख रहे थे क्या? कहां से? वहीं से उनके और बैठ के तुम्हें कहवे में मैं यू बैठ बैठ किसी ने यकीन ही नहीं किया। अच्छा देखिए यहां पर मैं बात कर रहा था सिर्फ रीइकार्नेशन की। लेकिन यहां पर सिर्फ पुनर्जन्म का मामला नहीं है। आउट ऑफ बॉडी एक्सपीरियंस मतलब जब आत्मा शरीर से बाहर निकल जाती है वो भी इस लड़के ने महसूस किया है और वो भी सारी चीजें देखी हैं। क्या हो रहा था उस वक्त? कुछ नहीं होता मैं कुछ नहीं आ रहा मेरी। डेड बॉडी तुम्हारी सामने थी तुम्हें नजर आ रहा था कि मेरी बॉडी पड़ी है। हां। देख रहे थे तुम अपनी आंखों से।
तो यार ये बड़ी सरप्राइजिंग सी चीज है। मैं खुद मतलब बहुत शॉक्ड हूं। अगर मैं इस मामले को समझूं तो तुम्हें कैसे तुम उस वक्त क्या महसूस कर रहे थे जब तुम देख रहे थे अपने आप को कि तुम लेटे हुए हो तुम्हारे आसपास पड़ोस में तुम्हारे रिश्तेदार बैठे हुए हैं रो रहे हैं तुम्हारे बच्चे हैं तुम्हारी बीवी होंगी सब रो रहे होंगे तुमने क्या महसूस किया तुम उन्हें चुप कराने की कोशिश कर रहे थे क्या कर रहे थे चुप कराए मैंने कोई रो मत मेरो किसी ने यकीन ही ना करा कहीं ध्यान ही ना दी मेरी तरफ हम्म साहब अपनी कोई रो रहा है कोई कच कर रहा है कोई कुछ कर रहा है मतलब तुम बार-बार टोक रहे थे लेकिन कोई सुन नहीं रहा था। वो तुम्हारी आवाज सुन नहीं पा रहे थे। तुम्हें देख नहीं पा रहे थे। मैंने टच भी करा टच भी नहीं हो पा रहे थे।
उसके बाद क्या हुआ फिर? उसके बाद मैं 12 दिनों तक घर पे रहा। फिर उसके बाद हनुमान भवन हो गया। मैं चला गया। 12 दिन तक तुम उसी घर में रहे। घर में कहां रहे? कमरे में रहे, पेड़ पे रहे, कहां रहे? पेड़ पे। कौन सा पेड़ था? बाहर घर के। किस चीज का पेड़ था? नींबू का।
राहुल की बातें हैरान करने वाली हैं। मरने के बाद भी सब कुछ देखने का दावा करता है। तो सवाल यह है कि क्या मौत के बाद आत्मा आसपास ही रहती है? ऐसे कई सवाल हैं जिसका जवाब विशेषज्ञ दे सकते हैं। लेकिन राहुल की पुनर्जन्म की कहानी ने एक बार फिर से पुनर्जन्म की पहेली पर बहस छेड़ दी है।
