बॉलीवुड सिनेमा के दिग्गज गायक मोहम्मद रफी की 24 दिसंबर को 100वीं जयंती मनाई जाएगी। रफी अपनी सुरीली आवाज से दुनिया पर राज करते थे। उनके गाने आज भी लोगों के दिलों में बसे हुए हैं। बाबुल की दुआएं लेती जा से लेकर कर चले हम फिदा तक रफी ने अपने गानों से दिल पर अलग छाप छोड़ी है। आज भी उनका नाम हिंदी सिनेमा के दिग्गज गायकों में शामिल हैं। सिंगर की पर्सनल लाइफ आसान नहीं रही है। भिंडी बाजार में रहने से लेकर सिंगर ने हिंदी सिनेमा तक का सफर तय किया है। आइए आपको उनके जीवन से जुड़ी कुछ खास बातें शेयर करते हैं।
मोहम्मद रफी ने बहुत छोटी उम्र में गाना शुरू कर दिया था। महज 13 साल की उम्र में उन्होंने अपनी पहली परफॉर्मेंस दी थी। सिंगर ने आकाशवाणी लाहौर के लिए भी गाने गाए हैं। आकाशवाणी लाहौर के मंच पर कुंदन सहगल गाना गाने आए थे, लेकिन बिजली गुल होने की वजह से उन्होंने गाने से इनकार कर दिया था। इसके बाद भीड़ को शांत कराने के लिए शो के आयोजकों ने 13 साल के रफी को मुच पर आमंत्रित कर गाना गाने के लिए कहा। सिंगर का ये पहला शो था।
दिग्गज सिंगर ने इसके बाद साल 1944 में पंजाबी फिल्म ‘गुल बलोच’ में गाना गाया था। वहीं इसके बाद सिंगर ने मुंबई जाने का फैसला किया। आज करोड़ों दिलों पर राज करने वाले मोहम्मद रफी मुंबई में भिंडी बाजार के 10 बाई 10 के कमरे में रहा करते थे। इसके बाद सिंगर को संगीतकार नौशाद ने फिल्म ‘पहले आप’ में गाने का मौका दिया।
साल 1946 में ही आई ‘अनमोल घड़ी’ मूवी में रफी ने ‘तेरा खिलौना टूटा’ गाना गाया। इस गाने ने उन्हें फेमस बना दिया। वहीं ‘बैजू बावरा’ के गीतों ने रफी को दिग्गज कलाकारों में लाकर खड़ा कर दिया। संगीतकार नौशाद के लिए सिंगर ने कई गाने लिखे हैं। मोहम्मद रफी मदन मोहन, गुलाम हैदर और जयदेव जैसे फेमस संगीत निर्देशकों की पहली पसंद बन गए थे। रफी के गाए गानों पर भारत भूषण, देवानंद, दिलीप कुमार, शम्मी कपूर, राजेश खन्ना और धर्मेंद्र जैसे सितारों ने अभिनय किया है।
