टेनिस प्लेयर राधिका यादव को क्यों मारा, पिता ने एक-एक बात बता दी।

गांव में लोग ताने देते थे कि बेटी की कमाई खाते हो। पिता के आत्मसम्मान को ठेस पहुंची। उसने उठाई और तीन बेटी के शरीर में उतार दी। बेटी का नाम राधिका यादव उम्र 25 साल पेशे से टेनिस खिलाड़ी थी। कई अवार्ड्स भी जीते थे। शुरुआत स्टेट लेवल से की थी और धीरे-धीरे इंटरनेशनल लेवल पर खेलने का सपना पाले हुए आगे बढ़ गई थी।

लेकिन कंधे में चोट लग गई। इसीलिए कुछ समय से खेलना बंद कर दिया था। खेलना बंद किया तो दूसरे खिलाड़ियों को टेनिस की कोचिंग देती थी। फिर फैसला किया कि खुद की एकेडमी खोलनी है। एक मजबूत इंडिपेंडेंट महिला की तरह जिसके लिए शायद उसके पिता को गर्व होना चाहिए था। लेकिन यहां पर केस बिल्कुल अलग है। गर्व तो बहुत दूर की बात उसके पिता को इस बात से दिक्कत थी कि बेटी खुद की एकेडमी खोलने जा रही है।

पिता को लोगों के घटिया तानों से समस्या थी। गांव के लोग ताने देते थे कि भाई तुम तो बेटी की कमाई खाते हो। इसीलिए पिता ने अपनी उठाई और अपनी ही बेटी की कर दी। आरोपी का नाम है दीपक यादव।

घटना हरियाणा के गुरुग्राम की है। तारीख 10 जुलाई। हत्या का समय सुबह के करीब 10:30 बजे। आज तक से जुड़े अरविंद ओझा की रिपोर्ट के मुताबिक राधिका अपने घर के फर्स्ट फ्लोर पर किचन में काम कर रही थी। तभी दीपक ने लाइसेंसी से उन पर तीन चला दी। राधिका को घायल हालत में सेक्टर 56 के एक निजी हॉस्पिटल में ले जाया गया।

लेकिन डॉक्टर्स ने उन्हें मरा घोषित कर दिया। शुरुआती जांच में आरोपी दीपक ने पुलिस को बताया जब मैं दूध लेने के लिए गांव वजीराबाद जाता था तो लोग मुझसे कहते थे कि तुम लड़की की कमाई खाते हो जिससे मैं काफी परेशान था। लोग मेरी लड़की के चरित्र पर भी उंगली उठाते थे। मैंने अपनी लड़की से टेनिस एकेडमी को बंद करने के लिए कहा लेकिन वो नहीं मानी। मेरे दिमाग में यही टेंशन रहती थी जो मेरे आत्मसम्मान को ठेस पहुंचाती थी। मैं काफी परेशान था।

इसी टेंशन में मैंने अपनी लाइसेंस की रिवाल्वर निकाली और जब वो रसोई में खाना बना रही थी। मैंने उसकी कमर पर पीछे से तीन वार कर मार दी। राधिका का एक भाई भी था जो घटना के वक्त किसी काम से बाहर गया हुआ था। उनकी मां घर पर ही थी। आराम कर रही थी।

इसी घर पर ग्राउंड फ्लोर पर राधिका के चाचा का परिवार भी रहता है। वो राधिका के चाचा ही थे जो राधिका की बॉडी को हॉस्पिटल लेकर गए और सबसे पहले उन्होंने ही राधिका का खून से सना हुआ शरीर देखा था और पुलिस के पास शिकायत दर्ज कराई थी।

आज तक से जुड़े अरविंद ओझा की रिपोर्ट के मुताबिक उनके चाचा कुलदीप यादव ने बताया मैं अपने मकान पर था जब धमाके की आवाज आई थी। ऊपर गया तो देखा कि भतीजी राधिका रसोई में गिरी पड़ी है और बंदूक ड्राइंग रूम में पड़ी हुई थी।

मैंने तुरंत अपने बेटे को ऊपर बुलाया और हम उसे हॉस्पिटल लेकर गए। लेकिन डॉक्टर्स ने उसे मृत घोषित कर दिया। मेरी भतीजी को गोली लगी हुई थी। उसकी मौत से मैं हैरान हूं। मेरे भाई दीपक के पास लाइसेंस की 32 बोर की रिवाल्वर है। जो पड़ी हुई थी वो दीपक की ही थी। मुझे लगता है कि मेरे भाई दीपक ने ही राधिका को गोली मारी है। घटना पर पुलिस का बयान भी सामने आया है। सुनिए उन्होंने क्या बताया। एक्यू्यूज है।

एक्यूज़ के ब्रदर के द्वारा पुलिस की कंप्लेंट फाइल की गई है और उसके द्वारा ये एलगेशन लगाए गए हैं कि उनको शक उसके द्वारा मारी गई है। एक दीपक जो है उसकी उम्र करीब 49 इयर्स है। उसके द्वारा घटना को स्वीकार घटना को अंजाम देना स्वीकार किया गया है और पुलिस के द्वारा उसको अरेस्ट कर लिया गया है। स्पोर्ट पर पुलिस की सी क्राइम की टीम के द्वारा विजिट किया गया है।

इन्वेस्टिगेशन में ये सामने आया कि को तीन कुल मिला के लगी हुई है। जो रीजन है घटना के पीछे उसमें फिलहाल तक जो पाया गया है कि ये जो राधिका मृतिका थी ये कोई टेनिस एकेडमी अपनी चलाती थी जिसको लेकर के इसके पिता नाराज थे और उन्होंने इसको कई बार बोला था कि ये एकेडमी ना चलाई और इसी नाराजगी के चलते इन्होंने गोली चढ़ाकर के इस हादसे को वारदात को अंजाम दिया गया। पुलिस ने दीपक यादव के खिलाफ बीएएनएस की धारा 1031 हत्या और आर्म्स एक्ट 1959 की धारा 273 के तहत एफआईआर दर्ज की है।

उसे गिरफ्तार कर लिया गया है और आगे की कारवाई चल रही है। अब कार्यवाही तो आगे चलती रहेगी लेकिन एक टेनिस खिलाड़ी जो आगे जाकर भारत का नाम रोशन कर सकती थी अपनी तरह और खिलाड़ियों को तैयार कर सकती थी वो सिर्फ इसलिए मार दी गई क्योंकि उसके पिता को गांव वालों के ताने चुकते थे।

Leave a Comment