[संगीत] तानिया मित्तल जितनी सोशल मीडिया पर फेमस हैं, उतनी ज्यादा उनकी साड़ियां भी चर्चा में रहती हैं। हर रील में वह साड़ियों में नजर आती हैं। लेकिन इस बार उन्होंने जो साड़ी पहनी है, उससे कंट्रोवर्सी क्रिएट हो गई है। दरअसल, तानिया मित्तल हाल ही में एक इवेंट में पहुंची जहां उन्होंने ऐसी साड़ी पहनी थी जिस पर भगवान श्री राम और माता सीता की तस्वीरें बनी हुई थी।

जैसे ही उनकी यह तस्वीरें और वीडियोस इंटरनेट पर वायरल हुए, सोशल मीडिया पर इसको लेकर बहस और विरोध शुरू हो गया। आखिर यह पूरा मामला क्या है? लोग क्यों नाराज हो रहे हैं और धर्म के नजरिए से क्या इस तरह की साड़ी पहनना सही माना जाता है? आइए इस मामले को समझते हैं। हाल ही में मुंबई में टीवी प्रोड्यूसर एकता कपूर की नई टैलेंट मैनेजमेंट एजेंसी ऑनर के लॉन्च का एक बड़ा इवेंट हुआ। इस लॉन्च पार्टी में कई सेलिब्रिटीज के साथ तानिया मित्तल भी पहुंची। इवेंट के दौरान उन्होंने भगवा यानी केसरिया रंग की साड़ी पहनी हुई थी। लेकिन इस साड़ी की सबसे खास बात यह थी कि इस पर भगवान राम और माता सीता की तस्वीरें प्रिंट हुई थी।

इवेंट की तस्वीरें और वीडियो जैसे ही सोशल मीडिया पर छाए कुछ लोगों ने इसे आस्था से जोड़ते हुए विरोध शुरू कर दिया। सोशल मीडिया पर कई यूज़र्स का कहना है कि भगवान की तस्वीर वाले कपड़े पहनना ठीक नहीं है। लोगों का तर्क है कि साड़ी जमीन को छू सकती है। कपड़ों को बाद में धोया भी जाता है और इस वजह से देवी देवताओं की तस्वीर का सम्मान कम हो सकता है। इस वजह से कुछ यूज़र्स इसे भगवान का अपमान भी बता रहे हैं। कुछ लोगों ने पुराने पोस्ट का जिक्र करते हुए यह भी कहा कि तानिया मित्तल पहले भी स्पिरिचुअलिटी के नाम पर फोटोशूट को लेकर चर्चा में रह चुकी हैं।

एक यूजर ने लिखा कुछ लोग इसे केवल एक फैशन या कला के रूप में देखते हैं। लेकिन जब बात गहरी धार्मिक आस्था की आती है तो कला और सम्मान के बीच की रेखा बहुत पतली हो जाती है। मकर ने लिखा यह वायरल होने के लिए कुछ भी कर सकती है। विरोध से ही व्यूज बनते हैं। मैगजीर ने लिखा यह तो बिल्कुल गलत है। इस तरह किसी भी धर्म का अनादर नहीं करना चाहिए।
मैगजीन ने नीता अंबानी की वो तस्वीर दिखाई जब उन्होंने गणेश चतुर्थी पर राधा कृष्ण से इंस्पायर्ड ब्लाउज पहना था और रेड सिल्क पटोला साड़ी भी पहनी थी और लिखा कि यह भी पूछ लेना। चलिए अब सवाल यह है कि क्या धार्मिक दृष्टि से ऐसी साड़ी पहनना सही माना जाता है? हिंदू धर्म में भगवान की तस्वीरों और मूर्तियों को बहुत सम्मान के साथ रखा जाता है। आमतौर पर इन्हें मंदिर, पूजा या घर या पवित्र स्थान पर रखने की परंपरा है।
कई धार्मिक विद्वानों का मानना है कि देवी देवताओं की तस्वीर वाले कपड़े पहनना या ऐसे सामान का इस्तेमाल करना सही नहीं माना जाता क्योंकि कपड़े का इस्तेमाल रोजमर्रा के कामों में होता है। हालांकि यह भी सच है कि इस विषय पर अलग-अलग लोगों की अलग-अलग राय होती है। कुछ लोग इसे डिजाइन या फैशन के रूप में देखते हैं। जबकि कुछ लोग इसे आस्था से जोड़कर देखते हैं। आजकल फैशन इंडस्ट्री में कई बार धार्मिक प्रतीकों का इस्तेमाल डिजाइन में किया जाता है। लेकिन जब बात भगवान या धार्मिक भावनाओं की आती है तो कई लोग इसे संवेदनशील मुद्दा मानते हैं। हालांकि संत प्रेमानंद महाराज ने भी ऐसी चीजों को काफी मना किया है।
यही वजह है कि ऐसे मामलों में अक्सर सोशल मीडिया पर विवाद शुरू हो जाता है। फिलहाल इस मामले पर तान्या मित्तल की तरफ से कोई भी बयान सामने नहीं आया। लेकिन सोशल मीडिया पर यह मुद्दा लगातार चर्चा में बना हुआ है और लोग अपनी-अपनी राय दे रहे हैं। तो दोस्तों, यह पूरा मामला एक बार फिर यह सवाल खड़ा करता है कि फैशन और धार्मिक भावनाओं के बीच बैलेंस कैसे रखा जाए? क्या सिर्फ यह एक डिजाइन था या फिर इससे लोगों की धार्मिक भावनाएं आहत हो सकती हैं? इस मुद्दे पर आपकी क्या राय है? कमेंट में जरूर बताएं।
