ट्रंप ! 24 घंटे में पुतिन ने पलटा खेल, ईरानी राष्ट्रपति से की बात

ईरान इजराइल l के बीच रूसी राष्ट्रपति व्लादमीर पुतिन ने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पकसियान से फोन पर बातचीत की है। इससे पहले आपको बता दें कि सोमवार रात को पुतिन ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से भी फोन पर बातचीत की थी। ईरानी राष्ट्रपति से बात के बाद रूस के राष्ट्रपति कार्यालय क्रेमलिन ने जानकारी दी है और बताया है कि पुतिन ने बातचीत के दरमियान अपने रुख को दोहराया है और कहा कि इस संघर्ष का समाधान राजनैतिक तरीकों से ही निकाला जाना चाहिए।

खास बात यह है कि 24 घंटे के अंदर पुतिन ने ट्रंप और ईरान के राष्ट्रपति दोनों से बातचीत की है। इससे पहले आपको बता दें कि सोमवार रात को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से पुतिन ने बातचीत की थी और तब बताया था कि उनकी पुतिन से फोन पर तब ट्रंप ने बताया था कि पुतिन के साथ उनकी फोन पर बातचीत हुई है।

ट्रंप के मुताबिक दोनों नेताओं ने ईरान और यूक्रेन के हालात पर चर्चा की थी। आपको बता दें कि एक इंटरेस्टिंग बात और है। पिछले एक हफ्ते में पुतिन और ईरानी राष्ट्रपति के बीच दो बार फोन पर बातचीत हो चुकी है।

6 मार्च को दोनों नेताओं के बीच फोन पर बातचीत हुई थी और यह बातचीत अली खामनई की मौत के बाद हुई थी। तब पुतिन ने खामई की मौत पर दुख जताया। क्रेमलिन के प्रेस ऑफिस ने बताया है कि पुतिन और कजशियन के बीच हुई बातचीत में ईरान के खिलाफ इजराइल और अमेरिका की आक्रमकता के संदर्भ में मध्य पूर्व की स्थिति पर चर्चा फिर से शुरू हुई है। पुतिन ने ईरान के खिलाफ अमेरिका और इजराइल के युद्ध के लिए जल्द से जल्द राजनैतिक और कूटनीतिक समाधान का आह्वान किया है। ईरान रूस का एक प्रमुख सहयोगी रहा है।

आपको बता दें कि इस पूरे युद्ध क्रम में रूस और चीन ईरान के साथ अप्रत्यक्ष तौर पर खड़े दिखाई दिए। इससे पहले सोमवार को पुतिन ने कहा था कि ईरान युद्ध के कारण वैश्विक ऊर्जा संकट पैदा हो गया है। तब पुतिन ने कहा था कि अगर यूरोपीय ग्राहक दीर्घकालिक सहयोग की ओर लौटना चाहते हैं तो रूस उनके साथ फिर से काम करने के लिए तैयार है। मतलब पुतिन ने यह हिंट दिया था, यह ऑफर दिया था कि वो यूरोप को फिर से कच्चे तेलों का निर्यात कर सकते हैं।

आपको बता दें कि इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूसी तेल पर प्रतिबंध लगाया था और जो भी देश रूस से तेल खरीद रहे थे उन पर एक्स्ट्रा टेरीफ भी लगाया था। लेकिन अब जब ट्रंप और पुतिन के बीच बातचीत हुई थी उसके बाद ट्रंप ने यह इशारा दिया था कि आने वाले समय में वह रूसी तेल प्रतिबंधों में छूट दे सकते हैं। पुतिन ने यह भी चेतावनी दी थी कि होमोज स्टेट से होने वाले परिवहन पर निर्भर तेल उत्पादन जल्दी ठप हो सकता है और इसके जरिए पुतिन यह संकेत देना चाहते हैं कि अगर यूरोप को जरूरत है तो वह मदद के लिए तैयार हैं।

महंगाई पर कंट्रोल पा सकते हैं। पुतिन ने अपने बयान में कहा कि हम उन देशों को ऊर्जा संसाधन की आपूर्ति जारी रखेंगे जो हमारे विश्वसनीय साझेदार हैं। रूसी कंपनियों को मौजूदा स्थिति का लाभ उठाना चाहिए।

आपको बता दें कि रूस ने ईरान के खिलाफ अमेरिका और इजराइल के बमबारी अभियान की निंदा करते हुए इसे सोची समझी और अकारण की गई आक्रामकता बताया है। पुतिन ने ईरानी सर्वोच्च नेता आया अली खामई की को नैतिकता और अंतरराष्ट्रीय कानून का निंदनीय उल्लंघन भी करार दिया था।

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