JD Vance बनेंगे अमेरिका के नए राष्ट्रपति?जानिए पूरी कहानी।

अमेरिका में इस समय एक बड़ा संवैधानिक सवाल चर्चा के केंद्र में है। क्या किसी मौजूदा राष्ट्रपति को पद से हटाया जा सकता है? और अगर हां, तो इसका कानूनी रास्ता क्या है? डोनाल्ड ट्रंप के हालिया विवादित बयानों के बाद यह बहस और तेज हो गई है।

सबसे पहले समझना जरूरी है कि अमेरिका में राष्ट्रपति को हटाने के दो मुख्य संवैधानिक रास्ते हैं। पहला इंपीचमेंट और दूसरा 25वां संशोधन यानी 25th अमेंडमेंट। इंपीचमेंट एक राजनीतिक और कानूनी प्रक्रिया है जिसमें राष्ट्रपति पर गंभीर आरोप जैसे देशद्रोह, भ्रष्टाचार या अन्य हाई क्राइम्स लगते हैं। वहीं 25वां संशोधन उस स्थिति के लिए बनाया गया है जब राष्ट्रपति शारीरिक या मानसिक रूप से अपने पद की जिम्मेदारियां निभाने में सक्षम ना हो। अब बात करते हैं 25वें संशोधन की जो इस समय सबसे ज्यादा चर्चा में है। इसे 1967 में लागू किया गया था।

जॉन एफ केनेडी की हत्या के बाद सत्ता के ट्रांसफर को लेकर स्पष्टता लाने के लिए। इस संशोधन में कुल चार सेक्शंस हैं। लेकिन सबसे अहम है सेक्शन फोर जिसे सबसे कड़ा प्रावधान माना जाता है। सेक्शन फोर के तहत अगर अमेरिका के उपराष्ट्रपति और कैबिनेट के बहुमत यानी कि कुल मंत्रियों में आधे से ज्यादा यह लिखित रूप में घोषणा कर देते हैं कि राष्ट्रपति अपने कर्तव्यों का पालन करने में सक्षम नहीं है तो राष्ट्रपति की शक्तियां तुरंत छीन ली जाती है। ऐसी स्थिति में उपराष्ट्रपति देश के एक्टिंग

प्रेसिडेंट बन जाते हैं और पूरी कार्यकारी शक्ति उनके हाथ में चली जाती है। लेकिन यह प्रक्रिया इतनी आसान नहीं है। अगर राष्ट्रपति इस फैसले को चुनौती देते हैं और कहते हैं कि वो पूरी तरह से सक्षम है तो मामला अमेरिकी संसद यानी कि कांग्रेस के पास जाता है। फिर कांग्रेस के दोनों सदनों हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स और सीनेट को 2/3 बहुमत से यह तय करना होता है कि राष्ट्रपति वाकई अयोग्य हैं या नहीं। अगर यह बहुमत नहीं मिलता तो राष्ट्रपति अपनी सारी शक्तियां वापस हासिल कर लेते हैं।

यही वजह है कि 25वें संशोधन का इस्तेमाल बेहद मुश्किल और दुर्लभ माना जाता है। इसमें सबसे बड़ी भूमिका उपराष्ट्रपति की होती है। अगर वह सहमत नहीं होते तो यह प्रक्रिया शुरू ही नहीं हो सकती। यानी राजनीतिक इच्छा शक्ति और कैबिनेट की एकजुटता इस पूरे सिस्टम की कूंजी है। अब सवाल उठता है कि क्या सिर्फ विवादित बयान या आपत्तिजनक भाषा के आधार पर राष्ट्रपति को हटाया जा सकता है? इसका जवाब सीधा है नहीं। अमेरिकी संविधान असमर्थता यानी इनेबिलिटी को स्पष्ट रूप से परिभाषित नहीं करता। यही कारण है कि यह एक राजनीतिक और कानूनी बहस का विषय बन जाता है।

विपक्ष यह तर्क दे सकता है कि अस्थिर व्यवहार, गलत फैसले या मानसिक असंतुलन इसके दायरे में आते हैं। जबकि समर्थक इसे महज राजनीतिक हमला बता सकते हैं। इसी संदर्भ में कुछ अमेरिकी नेताओं ने भी संकेत दिए हैं कि अगर स्थिति गंभीर होती है तो संवैधानिक विकल्पों पर विचार किया जा सकता है।

हालांकि अब तक उपराष्ट्रपति या कैबिनेट की ओर से कोई आधिकारिक कदम नहीं उठाया गया है। कुल मिलाकर अमेरिका में राष्ट्रपति को हटाना संभव तो है लेकिन यह बेहद जटिल और उच्च स्तर की राजनीतिक सहमति मांगने वाली प्रक्रिया है।

25वां संशोधन एक सुरक्षा तंत्र जरूर है। लेकिन इसका इस्तेमाल तभी हो सकता है जब सत्ता के भीतर बैठे लोग खुद यह मान लें कि राष्ट्रपति अब अपने पद के लिए फिट नहीं है। फिलहाल यह मुद्दा ज्यादा राजनीतिक बहस का हिस्सा है। लेकिन अगर हालात और बिगड़ते हैं तो यह संवैधानिक प्रावधान वास्तविक कार्यवाही में भी बदल सकता है

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