प्रेग्नेंट हेमा से चोरी-छिपे मिलने आई थी सासू मां, छोटी बहू पर लुटाया था खूब।

46 साल में कभी ससुराल नहीं गई हेमा तो कैसा था सास और ससुर के साथ हेमा का रिश्ता? क्या कभी हेमा को मिला था सास ससुर का आशीर्वाद? क्या बेटे की दूसरी बीवी को घर के बड़ों ने था अपनाया? यह वो सवाल हैं जो अक्सर हेमा मालिनी के चाहने वालों के ज़हन में आते हैं। 24 नवंबर को धर्मेंद्र का 89 साल की उम्र में निधन हो गया था। जिसके बाद से ही धर्मेंद्र के दोनों परिवारों के तमाम सदस्य सुर्खियों में छाए हुए हैं।

खासतौर से धर्मेंद्र की दूसरी पत्नी हेमा मालिनी जो इस मुश्किल वक्त में बिल्कुल अकेली पड़ गई हैं। कहा जा रहा है कि धर्मेंद्र के निधन के बाद उनके पहले परिवार ने धर्मेंद्र की दूसरी पत्नी और बेटियों को अलग-थलग कर दिया है। यही वजह है कि हेमा की निजी जिंदगी को अब कुरेद- कुरेद कर देखा जा रहा है। यह तो सभी जानते हैं कि धर्मेंद्र से शादी करने के बाद हेमा मालिनी ने कभी अपने ससुराल में कदम नहीं रखे। कभी भी वह सौतन प्रकाश कौर से मुलाकात करने उनके घर नहीं गई। ऐसे में लोग सवाल पूछ रहे हैं कि कभी ससुराल नहीं गई हेमा मालिनी के अपने सासससुर के साथ रिश्ते कैसे थे? तो बता दें कि अपनी सास का प्यार हासिल करने के लिए हेमा मालिनी को लंबा इंतजार करना पड़ा था। यहां तक कि जब हेमा पहली बार मां बनने वाली थी तब वो पहली बार अपनी सास से मिली थी। अपनी दूसरी बहू हेमा की प्रेगनेंसी की खबर सुनकर सतवंत कौर उनसे मिलने आई थी। वह भी अपने परिवार से छिपकर। उस दौरान उन्होंने प्रेग्नेंट हेमा से कुछ ऐसा कह दिया था कि एक्ट्रेस बेहद इमोशनल हो गई थी और वह रो पड़ी थी।

इस किस्से का खुलासा खुद हेमा ने अपनी किताब हेमा मालिनी बियड द ड्रीम गर्ल में किया था। हेमा ने अपनी किताब में सास से पहली मुलाकात के किस्से के बारे में बताया था और कहा था कि जब वह पहली बार प्रेग्नेंट हुई थी तब उनकी सास सतवंत कौर बिना किसी को कुछ बताए उनसे मिलने एक डबिंग स्टूडियो पहुंच गई थी। उस किस्से को याद करते हुए हेमा ने बताया कि धर्म जी की मां सतवंत कौर बहुत ही दयालु और स्नेही थी।

मुझे बहुत अच्छे से याद है कि कैसे एक बार जब मैंने एशा को कंसीव किया और उन्हें मेरी प्रेगनेंसी का पता चला तो वह जूहू के एक डबिंग स्टूडियो में मुझसे मिलने आ गई थी। उन्होंने घर में किसी को इसके बारे में नहीं बताया था। जैसे ही वह पहुंची मैंने उनके पैर छुए और उन्होंने मुझे गले लगाया और कहा बेटा खुश रहो हमेशा। मैं खुश थी कि वो मुझसे खुश थी। हेमा ने यह भी बताया कि जब वो सास से मिली तो उनका प्यार और स्नेह पाकर काफी इमोशनल हो गई थी। यहां तक कि उनकी आंखों में आंसू भी भर आए थे।

हालांकि हेमा के ससुर के साथ उनकी बॉन्डिंग काफी अच्छी थी। अपनी इसी किताब में हेमा ने ससुर केवल किशन सिंह देओल का भी जिक्र किया है। ससुर को याद करते हुए हेमा ने बताया कि जब भी उनके ससुर केवल किशन सिंह देओल उनके पिता के घर आते थे। तब वह उनके पिता या भाई को हाथ कुश्ती में हरा देते थे।

बाद में हेमा के ससुर जी उन्हें घी ना खाने के लिए चिढ़ाते थे और कहते थे कि तुम लोग घी मक्खन लस्सी खाओ। इडली और सांभर खाने से ताकत नहीं आती। वहीं जब हेमा ने धर्मेंद्र के साथ शादी की और उन्हें लोगों के खूब गाने सुनने पड़े तब प्रकाश कौर ने उनसे संवेदना जताई थी। तब प्रकाश कौर ने कहा था कि अगर मैं हेमा की जगह होती तो मैं वह नहीं करती जो उसने किया। एक औरत होने के नाते मैं उसकी भावनाओं को समझ सकती हूं। लेकिन एक पत्नी और एक मां होने के नाते मैं उन्हें मंजूर नहीं कर सकती।

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