जिनके हाथ खू!न से सने हैं… ट्रंप को सबसे बड़े धर्मगुरु पोप ने दी चेतावनी !

पाम संडे ईसाई धर्म के लिए पवित्र सप्ताह की शुरुआत का प्रतीक वो दिन जब शांति की कामना की जाती है। लेकिन इस साल वेटिकन सिटी से ईसाई समुदाय के सबसे बड़े धर्मगुरु पोप लियो चौध ने एक ऐसा संदेश दिया जिसने दुनिया के सबसे शक्तिशाली गलियारों में हड़कंप मचा दिया है।

पॉप ने बिना नाम लिए लेकिन सीधा और तीखा निशाना साधा है उन नेताओं पर जो पिछले कई महीनों से मिडिल ईस्ट को की आग में झोंक रहे हैं।

पोप ने पाम संडे की अपनी सभा में शांति और अहिंसा का एक शक्तिशाली संदेश दिया। उन्होंने गंभीर स्वर में ट्रंप की युद्ध नीति पर सवाल उठाए और अमेरिकीराष्ट्रपति पर तंज कसते हुए कहा भगवान उन नेताओं की प्रार्थनाएं स्वीकार नहीं करते जो युद्ध शुरू करते हैं और जिनके हाथ खून से भरे होते हैं। धार्मिक ग्रंथ का हवाला देते हुए पोप ने चेतावनी [संगीत] दी कि धर्म का इस्तेमाल संघर्ष को सही ठहराने के लिए नहीं किया जाना चाहिए।

इसके साथ ही उन्होंने बाइबल की पंक्ति दोहराई कि भले ही तुम बहुत प्रार्थनाएं करो मैं नहीं सुनूंगा क्योंकि तुम्हारे हाथ खून से भरे हुए हैं। खैर पोप ने किसी का नाम नहीं लिया लेकिन उनके शब्दों का इशारा स्पष्ट था।

जानकारों की मानें तो इसे अमेरिका केराष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजराइली पीएम बेंजामिन नेतन्या पर सीधे हमले के रूप में देखा जा रहा है। अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान के खिलाफ जारी युद्ध ने कई परिवारों को तबाह कर दिया है और इससे भी ज्यादा चिंताजनक बात यह है कि इस को धार्मिक औचित्य दिया जा रहा है। तो पोप लियो 14वें ने अपना पक्ष साफ कर दिया है।

अब देखना यह है कि क्या वाशिंगटन और यरूशलेम तक इस शांति की पुकार की गूंज पहुंचेगी या फिर से सने हाथों की यह जंग दुनिया को और गहरे संकट में धकेलेगी।

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