पति की अवैध तरीके से पैसे कमाने की आदत से परेशान हुई बीवी, दे दी अपनी जान।

मुंबई से एक हैरान कर देने वाली कहानी सामने आई। जहां एक पत्नी ने इसलिए कर लिया क्योंकि उसका पति रिश्वत के पैसे कमाता था। रेनू और बाबूराव कटरे एक आम मराठी दंपति जो मुंबई के लोखंडवाला में रहेजा कॉम्प्लेक्स में रहते थे। बाबूराव एमएचएडीए में उप निबंधक थे। बाहर से देखने में सब कुछ ठीक लगता था। लेकिन घर की चार दीवारी के भीतर एक तूफान पनप रहा था।

बाबूराव पर आरोप है कि वह हर महीने 40 से ₹50 लाख की काली कमाई करता था। यह पैसे अवैध तरीके से वह कमाता था और रेनू को यह बिल्कुल मंजूर नहीं था।

रेनू बार-बार बाबूराव को टोकती और कहती यह काली कमाई घर में मत लाओ। इससे हमारे बच्चों का भविष्य खराब होगा। लेकिन बाबूराव पर इसका कोई असर नहीं पड़ता था। वो ना सिर्फ काली कमाई करता था बल्कि उस पैसे को वाइट करने के लिए रेनू के पिता पर भी दबाव डालता था।

रेनू के पिता डर और दबाव में कई बार 15 से ₹ लाख की मदद कर चुके थे। लेकिन बाबूराव का लालच कम होने का नाम नहीं ले रहा था। अगर रेनू विरोध करती तो बाबूराव उस पर गुस्सा उतारता। , मानसिक और आर्थिक प्रताड़ना। रेनू के लिए यह सब कुछ दर्द बन गया था। आखिरकार रेनू के परिवार ने फैसला किया कि पुणे में बाबूराव से साफ-साफ बात की जाएगी। रेनू के पिता उससे मिलकर सारी बात सुलझाना चाहते थे। लेकिन उस दिन बाबूराव ने साफ-साफ मना कर दिया। उसने कहा कि मैं तुम्हारे पिता से नहीं मिलूंगा।

यह बात रेनू के लिए आखिरी झटका साबित हुई। उसी शाम रेनू ने हार मान ली। लोखंडवाला के अपने फ्लैट में उसने फांसी लगाकर अपनी जान दे दी। एक ऐसी महिला जिसने सच की लड़ाई लड़ी लेकिन आखिरकार इस बोझ को और नहीं सह पाई। रेनू के भाई ने बताया कि उसकी बहन बाबूराव की काली कमाई और उसकी हरकतों से तंग आ चुकी थी। रेनू के भाई की शिकायत पर समता नगर पुलिस ने बाबूराव के खिलाफ 306 और अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज किया।

बाबूराव फिलहाल फरार है और पुलिस उसकी तलाश में जुटी है। रेनू की कहानी हमें एक सवाल छोड़ जाती है। आखिर कब तक लालच और मासूम जिंदगियों को निगलती रहेगी। –

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