ब्रेस्ट से लिवर’ तक फैली बीमारी, अस्पताल में दर्द से चिल्लाती रही। एक्ट्रेस।

मशहूर इंडियन एक्ट्रेस पर पड़ी बीमारी की दोहरी मार। पहले फिर लीवर तक फैला का जाल। एक्ट्रेस की चीखों से दहलता रहा बीच कैंडी हॉस्पिटल का वो कमरा। दिलों पर राज करने वाली उस हसीना को मिली बेहद दर्दनाक निधन। बेटी की निशा से टूटी बूढ़ी मां बिलखता रह गया इकलौता बेटा। कैंसर की बीमारी ने बॉलीवुड से कई बेहतरीन कलाकारों को छीना है।

इन्हीं में से एक थी नूतन। जी हां, वही नूतन जिन्हें बचपन में अपने दुबले पतले कद और साधारण चेहरे की वजह से बदसूरत तक कहा गया। लेकिन वक्त ने करवट ली और फिर वही लड़की अपनी मासूम मुस्कान, गहरी आंखों और बेमिसाल अदाकारी से हिंदी सिनेमा की पहचान बन गई। नूतन ने कई दशकों तक सिल्वर स्क्रीन पर राज किया। करोड़ों दर्शकों का प्यार बटोरा। लेकिन क्या आप यह जानते हैं कि दिलों पर राज करने वाली नूतन की जिंदगी का अंत बेहद दर्दनाक रहा।

हॉस्पिटल के कमरे में दर्द से चीखते चिल्लाते हुए नूतन ने दम तोड़ा था। साल 1991 में 21 फरवरी के दिन नूतन का निधन हुआ था। महज 54 साल की उम्र में नूतन यह दुनिया छोड़ गई थी। एक साल तक पूरी हिम्मत के साथ वो बीमारी से जंग लड़ती रही। लेकिन अंत में नूतन यह लड़ाई हार गई। नूतन का बीमारी ब्रेस्ट से लीवर तक फैल गया था। जिसके बाद उन्हें बचाना डॉक्टर्स के लिए नामुमकिन हो गया था। नूतन की इस बीमारी के बारे में उनके बेटे और बॉलीवुड एक्टर मोहनीश बहल ने अपने इंटरव्यू में बात की थी।

मोहनीश ने उस मनहूस दिन को याद किया था जब उन्हें मां की इस बीमारी के बारे में पता चला था और उस पल से उनकी जिंदगी बदल गई थी। मोहनीश ने बताया था कि यह 16 जुलाई 1989 की वो मनहूस सुबह थी जब पापा ने मुझे जगाकर कहा मां की तबीयत ठीक नहीं है। तुम्हें उन्हें चेकअप के लिए अस्पताल ले जाना होगा। वापसी के रास्ते में मां ने मुझे बताया कि उन्हें ब्रेस्ट बीमारी है।

शुरुआत में एक यानी गांठ निकालने की ट्रीटमेंट हुई। उसके बाद वह ठीक थी लेकिन जून जुलाई 1990 के आसपास बीमारी लीवर तक फैल गया। इसके बाद उनकी हालत तेजी से बिगड़ने लगी। 9 फरवरी 1991 को उन्हें फिर से अस्पताल में भर्ती करवाया गया। उस दौरान उन्हें इलाज के लिए अमेरिका के स्टोन कैटरिंग इंस्टट्यूट ले जाने की भी चर्चा हो रही थी। बीमारी का पता चलने के बाद नूतन ने फिल्मों में काम करना बंद कर दिया था। उन्होंने फिल्मों के साइनिंग अमाउंट भी लौटाने शुरू कर दिए थे। नूतन की मां शोभना समर्थ ने भी एक इंटरव्यू में बेटी की बीमारी को लेकर बात की थी।

शोभना के मुताबिक ऐसा वक्त भी आया जब नूतन ने जीने की इच्छा छोड़ दी थी। वो जीना ही नहीं चाहती थी। बीमारी के दर्द ने नूतन को भीतर तक तोड़ दिया था। एक्ट्रेस का इलाज मुंबई के ब्रच कैंडी हॉस्पिटल में चल रहा था। शोभना ने इंटरव्यू में उस दिन को भी याद किया जब नूतन ने दर्द में तड़पते हुए आखिरी सांस ली थी। 21 फरवरी 1991 की दोपहर 12:07 पर नूतन ने आखिरी सांस ली थी।

शोभना के मुताबिक उस दिन वह अस्पताल में उनके कमरे के बाहर बैठी थी। अंदर से नूतन के जोर-जोर से चीखने चिल्लाने की आवाजें आ रही थी। लेकिन जब तक शोभना अंदर पहुंची नूतन इस दुनिया से जा चुकी थी। नूतन के निधन के बाद उनके पति रजनीश और बेटे मोहनीश बहल अकेले रह गए थे। मां को खोने का दर्द मोहनीश के दिल में आज भी वैसा ही ताजा है।

Leave a Comment