आदित्य कुमार सिंह यह वीडियो सोमवार का है। पटना में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आयुष डॉक्टर्स को वो जब नियुक्ति पत्र सौंप रहे थे। इसी दौरान उन्होंने अपने हाथ से एक महिला आयुष डॉक्टर जिनका नाम नुसरत परवीन है उनका हिजाब हटा दिया। मुख्यमंत्री ने पहले तो नुसरत को नियुक्ति पत्र दिया। इसके बाद उन्हें देखने लगी। महिला भी मुख्यमंत्री को देखकर मुस्कुराई।
फिर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने हिजाब की ओर इशारा करते हुए पूछा, ;यह क्या है? जी? इस पर महिला ने जवाब दिया, हिजाब है सर; सीएम ने कहा कि हटाइए इसे। इसके बाद मुख्यमंत्री ने खुद अपने हाथ से महिला का हिजाब हटा दिया।
इसके बाद महिला थोड़ी देर के लिए असहज हो गई। आसपास मौजूद लोग हंसने लगे। इस दौरान कार्यक्रम में मौजूद अधिकारियों ने महिला को नियुक्ति पत्र फिर से थमाया और जाने का इशारा किया और फिर वह महिला वहां से चली गई।
आदित्य कुमार सिंह नमस्कार प्रवीण इंडिया टुडे से जुड़े सुजीत कुमार के रिपोर्ट के मुताबिक इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ-साथ डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी, डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा, बिहार सरकार के मंत्री विजय कुमार चौधरी और स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे पहुंचे थे।
सोमवार को मुख्यमंत्री आवास पर हुए इस कार्यक्रम में 1283 आयुष डॉक्टर्स को नियुक्ति पत्र दिए गए। यह वीडियो इसी दौरान का बताया जा रहा है। व इस घटना का वीडियो शेयर करते हुए आरजेडी ने लिखा यह क्या हो गया है नीतीश जी को? मानसिक स्थिति बिल्कुल भी अब दयनीय स्थिति में पहुंच गई है या नीतीश बाबू अब 100% संघी हो चुके हैं। वहीं कांग्रेस ने लिखा यह बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार हैं। इनकी बेशर्मी देखिए।
एक महिला डॉक्टर जब अपना नियुक्ति पत्र लेने आई तो नीतीश कुमार ने उनका हिजाब खींच लिया। बिहार के सबसे बड़े पद पर बैठा हुआ आदमी सरेआम ऐसी हरकत कर रहा है। सोचिए राज्य में महिलाएं कितनी सुरक्षित होंगी। नीतीश कुमार को इस घटिया हरकत के लिए तुरंत इस्तीफा दे देना चाहिए। यह घटियापन माफी के लायक नहीं है।
बिहार सरकार के मुताबिक मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जिन आयुष चिकित्सकों को नियुक्ति पत्र दिए उनमें 1283 आयुष चिकित्सक जो हैं उनमें 685 आयुर्वेदिक चिकित्सक हैं और 393 होम्योपैथिक और 205 यूनानी चिकित्सक इसमें शामिल हैं। इन सभी 1283 आयुष चिकित्सकों को राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत चल रहे .
चलंत चिकित्सा दल और आयुष चिकित्सा सेवा के तहत विभिन्न स्वास्थ्य संस्थाओं में ओपीडी और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत चल रहे बाकी कार्यक्रमों में सहभागिता के लिए कई स्वास्थ्य संस्थानों में नियुक्त किया जा रहा है। इससे स्कूलों में बच्चों की स्वास्थ्य जांच और स्वास्थ्य संस्थानों में बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी।
