इनकम टैक्स के नए नियम: दोस्त से कैश उधार लिया? दोनों पर लग सकता है 100% जुर्माना!

इमरजेंसी के समय ज्यादातर लोग बिना सोचे समझे दोस्तों से पैसे उधार ले लेते हैं। मुश्किल वक्त में सबसे आसान तरीका यही नजर आता है। लेकिन ऐसा करना अब भारी पड़ सकता है। क्या आपको पता है आपने मुश्किल हालात में दोस्त से जितना उधार लिया है उतनी ही रकम आपको टैक्स के तौर पर चुकानी पड़ सकती है।

जी हां चौकिए मत। टैक्स बd नाम के टैक्स एडवाइजर प्लेटफार्म ने राहुल का मामला शेयर कर लोगों को जागरूक करने की कोशिश की है। दरअसल राहुल ने भी ऐसा ही किया था। उसने जरूरत के समय अपने दोस्त से ₹1,20,000 कैश में उधार ले लिए। लेकिन जो मदद उसे आसान लगी थी उस वक्त अब वही उस पर उतने ही रुपए का जुर्माना बनकर लौट सकती है।

ऐसा मामला काफी आम है क्योंकि बहुत से लोग अब भी नहीं जानते कि बड़े कैश ट्रांजैक्शन चाहे दोस्तों के बीच ही क्यों ना हो भारी पेनल्टी का सबब भी बन सकते हैं। टैक्स बडी ने एक्स यानी ट्विटर पर लिखा इमरजेंसी में राहुल ने अपने दोस्त से ₹1200 कैश में उधार ले लिए। अब उस पर 1,20,000 का आयकर जुर्माना लग सकता है। कैश में लेनदेन। सावधान रहिए।

यहां कुछ इनकम टैक्स पेनल्टी है जिनसे आप प्रभावित हो सकते हैं। यहां पर एक सवाल है कब और क्यों कैश लेनदेन पर जुर्माना लग सकता है। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट बड़े कैश ट्रांजैक्शन पर सख्त रुख अपनाता है। चाहे आप उधार के तौर पर ले रहे हो, उधार चुकाने के लिए दे रहे हो या डोनेशन के लिए। इसके लिए एक सीमा तय की गई है इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की ओर से। अगर आप उस सीमा से ज्यादा कैश में लेनदेन करते हैं तो आप पर जुर्माना उतनी ही रकम का लग सकता है। राहुल के मामले में अगर देखा जाए तो उसने ₹00 से ज्यादा का कैश उधार लिया। जिससे इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 269 एसेस का उल्लंघन हुआ।

इस सेक्शन के तहत किसी से 20,000 या उससे ज्यादा कैश लोन में डिपॉजिट या एडवांस के तौर पर लेना सख्त मना है। ऐसा करने पर सेक्शन 271 डीए के तहत जितना लोन लिया उतना ही जुर्माना देना होगा। अब सवाल है कि कैश लेनदेन से जुड़ी किन गलतियों से सभी को बचना चाहिए? जान लीजिए इसका जवाब। अगर आप किसी से एक दिन में एक ट्रांजैक्शन या एक इवेंट के लिए ₹ लाख या उससे ज्यादा कैश लेते हैं तो सेक्शन 269 एसटी के तहत आप पर 100% की पेनल्टी लग सकती है। यानी 100% जितना लिया उतना ही पेनल्टी आपको देनी होगी।

इसी तरह अगर आप किसी को ₹2000 या उससे ज्यादा का लोन या डिपॉजिट कैश में चुकाते हैं। चाहे फिर वो व्यक्ति आपका दोस्त ही क्यों ना हो, परिवार का कोई सदस्य ही क्यों ना हो। आप पर सेक्शन 269 के तहत जुर्माना लग सकता है। बिजनेस में अगर आप एक दिन में किसी को ₹10,000 से ज्यादा का कैश पेमेंट करते हैं, तो आपके प्रॉफिट का कैलकुलेशन करते समय वो रकम एक्सपेंस यानी खर्च के तौर पर नहीं गिनी जाएगी। मतलब आपको ज्यादा टैक्स देना पड़ सकता है। कई लोग अनजाने में ही टैक्स बेनिफिट गवा देते हैं। जैसे अगर आप किसी चैरिटी या मंदिर को ₹2000 से ज्यादा कैश दान करते हैं तो आपको सेक्शन 80g के तहत कोई छूट टैक्स में नहीं मिलेगी। हेल्थ इंश्योरेंस का प्रीमियम कैश में भरने पर भी आपको कोई टैक्स छूट नहीं मिलेगी। सिर्फ प्रिवेंटिव हेल्थ चेकअप के लिए 5000 तक की छूट आपको मिल सकती है।

बस इससे ज्यादा कोई उम्मीद आप मत रखना। अपने बैंक अकाउंट से बड़ी रकम निकालने पर भी टीडीएस यानी टैक्स डिडक्टेड एट सोर्स लग सकता है। अगर आप 1 साल में 1 करोड़ से ज्यादा कैश बैंक से निकालते हैं तो बैंक 2% टीडीएस काटेगा। अगर आपने पिछले 3 साल से अपना इनकम टैक्स ही नहीं भरा है, रिटर्न फाइल ही नहीं की और ₹ लाख से ज्यादा का कैश निकालते हैं तो टीडीएस लगेगा 5% तो कुल मिलाकर बात यह है कि कैश से जुड़े इतने सारे नियमों के चलते सबसे सुरक्षित तरीका है भैया बैंक ट्रांसफर करो, यूपीआई करो या फिर चेक का इस्तेमाल करो।

खासकर बड़े ट्रांजैक्शन करने के लिए। इससे आप टैक्स कानूनों का पालन भी करेंगे और फालतू जुर्माने से भी बच जाएंगे। इसलिए अगली बार जब भी आप कोई बड़ा कैश पेमेंट करने या रिसीव करने जा रहे हो या किसी को देने जा रहे हो तो एक बार जरूर सोच लें इनकम टैक्स विभाग की आप पर नजर हो सकती है। इसलिए डिजिटल पेमेंट का ही ऑप्शन आपके लिए सुरक्षित रहेगा।

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