नेतन्याहू से मिलने पहुंचे यूएस एंबेसेडर और फिर…

पश्चिम एशिया में जारी अपने 19वें दिन में प्रवेश कर चुका है। लेकिन हालात थमने के बजाय और ज्यादा जटिल हो गए हैं। जहां एक तरफ हमले और सैन्य कारवाही ने पूरे क्षेत्र को तनाव में डाला है। वहीं दूसरी तरफ सूचना यानी अफवाहें, फर्जी वीडियो और डिजिटल दावों ने स्थिति को और उलझा दिया है। इसी बीच इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजमिन नेतन याू को लेकर ऐसी खबरें सामने आई जिन्होंने पूरी दुनिया को चौंका दिया।

बीते कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर यह अफवाह तेजी से फैल रही थी कि नितिन याू की मौत हो गई है। इन दावों के साथ कई वीडियो और तस्वीरें भी वायरल हुई जिन्हें लेकर कहा गया कि असली नहीं बल्कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी कि एआई से बनाए गए हैं।

देखते ही देखते यह खबरें इतनी फैल गई कि आम लोगों से लेकर राजनीतिक हलकों तक में हलचल मच गई। हर कोई जानना चाहता था कि आखिर सच्चाई क्या है? क्या नितिन याहू वाकई जिंदा है या नहीं। मामला तब और गंभीर हो गया जब इन अफवाहों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी ध्यान खींच लिया।

बढ़ती अटकलों के बीच स्थिति ऐसी बनी कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को खुद इसमें हस्तक्षेप करना पड़ा। खबरों के मुताबिक ट्रंप ने अपने एक दूत को इजराइल भेजा ताकि यह पुष्टि की जा सके कि नेतन याहू सुरक्षित है। इसके बाद खुद ने नितन याहू सामने आए और उन्होंने सभी अफवाहों पर विराम लगाने की कोशिश की। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक वीडियो साझा किया जिसमें उन्होंने स्पष्ट कहा मैं अभी जिंदा हूं।

यह बयान सीधे तौर पर उन सभी दावों को खारिज करता है जो उनकी मौत को लेकर किए जा रहे हैं। इस वीडियो में नितिन याू के साथ अमेरिका के दूत माइक हकाबी नजर आते हैं।

वीडियो के माहौल में हल्का बनाने की कोशिश करते हुए अकाबी ने मजाके अंदाज में कहा कि उन्हें ट्रंप ने खासतौर पर यह देखने भेजा कि नेतन याू ठीक है या नहीं। इस पर नेतन याू मुस्कुराते हुए जवाब देते हैं हां मैं जिंदा हूं। यह संवाद ना केवल अफवाहों पर करारा जवाब था बल्कि यह दिखाने की भी कोशिश कि वह पूरी तरह से सुरक्षित हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर यह पूरा विवाद कैसे शुरू हुआ? दरअसल कुछ दिन पहले नितिन याहू का एक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया।

इस वीडियो को लेकर दावा किया गया कि यह असली नहीं बल्कि एआई तकनीक की मदद से तैयार किया गया है। कई लोगों ने वीडियो में एक अजीब सी बात नोटिस की। नितिन याू के हाथ में छह उंगलियां दिखाई दी। एक छोटी सी डिटेल ने लोगों को शक और गहरा कर दिया और वीडियो को लेकर बहस शुरू हो गई।

अब इस विवाद को और हवा तब मिल गई जब सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स में एआई चैटबॉट ग्रोक ने भी उस वीडियो को संदिग्ध बताते हुए डीप वे करार दिया। इसके बाद तो अफवाहों का सिलसिला और तेज हो गया। कई यूज़र्स ने यह दावा करना शुरू किया कि नेतन याू अब जीवित नहीं है। उनकी जगह एआई से बने वीडियो जारी किए गए हैं। इन सबके बीच नेतन याहू लगातार वीडियो जारी कर अपनी मौजूदगी साबित करने की कोशिश करते रहे।

उन्होंने एक के बाद एक कई वीडियो पोस्ट किए जिसमें वे अलग-अलग स्थानों पर दिखाई दिए। एक वीडियो में वे कॉफी हाउस में बैठे नजर आए। लेकिन उस पर भी लोगों ने सवाल उठा दिए और उसे भी फर्जी बता दिया। हालांकि ताजा वीडियो में जिसमें वह अमेरिकी दूध के साथ नजर आए हैं, उसे ज्यादा विश्वसनीय माना जा रहा है।

इस वीडियो के जरिए उन्होंने एक बार फिर यह साबित करने की कोशिश की कि वह पूरी तरह सुरक्षित हैं और सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं। इस दौरान नितिन याू ने सिर्फ अपनी मौजूदगी नहीं दिखाई बल्कि राजनीतिक रुख को भी साफ किया।

वीडियो में उन्होंने कार्ड दिखाते हुए दावा किया कि इजराइल ने ईरान के दो बड़े नेताओं अली लाजानी और गोलमेजा सुलेमानी को मार गिराया है। यह बयान इस बात का संकेत देता है कि के बीच भी इजराइल अपनी सैन्य कारवाही को लेकर बना हुआ है।

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