कहने पर अब उनसे मिलने के बाद एक ही बात है ना कि वो जो दुख है वो हम बांट नहीं सकते ना। हमें भी दुख हुआ है लेकिन नाना पाटकर बॉलीवुड के उन दिग्गज कलाकारों में से एक हैं जो अपनी बात को बेबाक तरीके से रखते हैं। इसी कड़ी में उन्होंने अपने सहयोगी कलाकार अमिताभ बच्चन को लेकर एक बात कही है जिससे सोशल मीडिया पर एक नई बहस छिड़ गई है। नाना पाटकर ने बॉलीवुड में बढ़ते अब स्टार स्टाफ और खर्चों पर चिंता जताई है।
उनका इस पर कहना है कि पहले इंडस्ट्री सरल थी और कलाकारों से सीधे बात करना आसान था। लेकिन अब यह काम जटिल और महंगा हो गया। उन्होंने यह भी कहा कि आज कलाकारों और निर्देशकों के बीच में अपनापन कम हो गया है। वहीं अमिताभ बच्चन जैसे कलाकार अभी भी सीधे काम करना पसंद करते हैं।
बढ़ते खर्चों के कारण कई फिल्म मेकर ओटीटी प्लेटफार्म की ओर रुख कर रहे हैं। अब बॉलीवुड इंडस्ट्री इन दिनों एक नया मुद्दा तेजी से देखने को मिल रहा है और वह है सितारों के साथ आने वाला भारीभरकम स्टाफ और उससे जुड़ा बढ़ता खर्च। अब इस बहस में अपनी बेबाक राय रखी है दिग्गज अभिनेता नाना पाटकर ने।
अपने साफ सुथरे और सटीक बयानों के लिए पहचाने जाने वाले नाना पाटकर ने मौजूदा स्टार सिस्टम पर सवालात खड़े कर दिए और उन्होंने एक अहम बात कही है। नाना का कहना है कि पहले का दौर बिल्कुल अलग हुआ करता था।
उस समय फिल्म इंडस्ट्री काफी सरल हुआ करती थी। किसी भी अभिनेता से सीधे बात करना आसान होता था। जिससे काम तेजी और सहजता से हो जाता था। लेकिन आज हालत पूरी तरीके से बदल चुके हैं। आज किसी भी बड़े स्टार तक पहुंचने के लिए कई लेयर्स से गुजरना पड़ता है। मैनेजर, एजेंट, बॉडीगार्ड और पूरी टीम। ऐसे में निर्माता और निर्देशक के बीच सीधे संवाद करना मुश्किल हो गया। अब नाना पाटकर यहीं नहीं रुकते हैं और वह उनके मुताबिक यह कहते हैं कि इस बदलाव का सीधा असर फिल्म निर्माण पर पड़ रहा है। काम की प्रक्रिया जटिल हो गई है और फिल्म का बजट भी तेजी से बढ़ रहा है।
सिर्फ इतना ही नहीं इन्होंने कलाकारों और निर्देशकों के रिश्तों को लेकर भी चिंता जताई है। उनका कहना है कि पहले इन रिश्तों में अपनापन और भावनात्मक जुड़ाव होता था।
लेकिन आज यह सिर्फ एक प्रोफेशनल रिश्ता बनकर रह गया। नाना ने उदाहरण देते हुए कहा कि आज भी अमिताभ बच्चन जैसे कलाकार अपने डायरेक्टर से सीधे संपर्क में रहते हैं। लेकिन नई पीढ़ी में यह चीज काफी कम देखने को मिलती है। बॉलीवुड में पढ़ते स्टाफ और उनके खर्च को लेकर पहले भी कई फिल्म मेकर्स और कलाकार चिंता जता चुके हैं।
