दबंग पुलिस वाले के बेटे थे मुकुल देव बेटों की तरह फिल्मी नहीं बल्कि असल जिंदगी के हीरो थे हरिदेव कई साल तक पुलिस महकमे में की सर्विस बड़े-बड़े कारनामों को दिया अंजाम अभिनेता मुकुल देव अब हमारे बीच मौजूद नहीं हैं परिवार और दोस्तों की आंखों में आंसू देखकर मुकुल इस दुनिया से बहुत दूर जा चुके हैं.
23 मई की रात मुकुल ने आखिरी सांस ली होमटाउन दिल्ली में उनका निधन हुआ 54 साल की उम्र में मुकुल तो अब इस दुनिया से जा चुके हैं लेकिन अपने पीछे कई ऐसे किस्से छोड़ गए हैं जिन्हें उनके जाने के बाद फैंस खंगाल रहे हैं मुकुल की प्रोफेशनल लाइफ तो किसी से छिपी नहीं रही लेकिन उनकी निजी जिंदगी के बारे में कम ही बातें होती हैं यही वजह रही कि मुकुल की निजी जिंदगी लोगों से छिपी ही रही क्या आप यह जानते हैं कि असल जिंदगी के हीरो थे मुकुल देव के पिता हरिदेव कौशल जी हां मुकुल के बड़े भाई राहुल देव को तो हर कोई जानता है.
राहुल और मुकुल दोनों ने हीरो बनकर बड़े पर्दे पर नाम कमाया और परिवार का नाम रोशन किया लेकिन हरिदेव कौशल अपने बेटों की तरह फिल्मी नहीं बल्कि रियल लाइफ हीरो थे जानकारी के लिए बता दें कि मुकुल और राहुल के पिता हरिदेव कौशल एक दबंग पुलिस वाले थे जो दिल्ली पुलिस में एसीपी यानी असिस्टेंट कमिश्नर रहे थे और इसी पोस्ट पर रिटायर हुए थे अपने कार्यकाल में हरिदेव कौशल ने कई बड़े कारनामे अंजाम दिए थे जिन्हें आज भी पुलिस महकमे में याद किया जाता है.
जानकारी के मुताबिक मुकुल के पिता हरिदेव कौशल 1971 में हुए नागरवाला बैंक घोटाले की जांच टीम का हिस्सा रहे थे इसके अलावा बताया जाता है कि एक रसोखदार शख्सियत की किडनैपिंग केस को सॉल्व करने के लिए हरिदेव कौशल तब एक पत्रकार बन किडनैपर से मिलने भी पहुंच गए थे वहीं अपने एक इंटरव्यू में मुकुल ने भी अपने पिता की वीरता को लेकर बात की थी दरअसल पिता के निधन के बाद मुकुल पूरी तरह टूट गए थे तब एक इंटरव्यू में मुकुल ने अपने पिता को वीरता पुरस्कार मिलने पर बात की थी उस समय मुकुल ने कहा था कि मैं अपने पिता को उनके साहस के लिए वीरता पुरस्कार प्राप्त करना कभी नहीं भूल सकता.
उन्हें एक विशेष पुरस्कार दरियागंज में एक पूरे पुलिस स्टेशन को बचाने के लिए मिला था जिसे घेर लिया गया था और आग लगाने वाला था वह अकेले वहां गए भीड़ को संभाला और इसके लिए उन्हें वीरता पुरस्कार से सम्मानित किया गया यह एक ऐसी बात है जो मुझे बहुत अच्छी तरह से याद है जानकारी के लिए बता दें कि साल 2019 में 91 साल की उम्र में मुकुल और राहुल देव के पिता हरिदेव कौशल का निधन हो गया था मुकुल अपने पिता के बेहद करीब थे उनका निधन मुकुल के लिए एक बड़ा सदमा था.
बताया जाता है कि पिता के निधन के बाद मुकुल दुनिया से कटने लगे थे हालांकि बीते साल मार्च में जब मुकुल को अपनी मां को खोने का सदमा सहना पड़ा तब वह पूरी तरह से टूट कर रह गए थे बताया जाता है कि मुकुल देव दोस्तों से भी अपने दिल का हाल बयान नहीं करते थे फ्लॉप करियर बीवी से तलाक इकलौती बेटी से जुदाई और माता-पिता को खोने का दर्द मुकुल अकेलेपन का शिकार हो गए थे जानकारी के मुताबिक वह लंबे वक्त से बीमार चल रहे थे और हॉस्पिटल में भर्ती थे लेकिन 23 मई की रात वह दुनिया को अलविदा कह गए.
