यहां उखरूल जिले के लतान सरई खोंग गांव के करीब 50 घरों में आग लगा दी गई। इस गांव में नागा और कुगी दोनों समुदाय के लोग रहते हैं। इंडिया टुडे से जुड़े बेबी शरीन की रिपोर्ट के मुताबिक जिन घरों को गया है, वह घर ज्यादातर ताकुल नागा समुदाय के लोगों के हैं। यह विवाद शुरू हुआ था 7 फरवरी को हुए एक झगड़े से।
मामला बढ़ते-बढ़ते इतना बिगड़ गया कि गांव के कई घरों को आग लगा दी गई। हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक करीब 50 घरों को आग लगाई गई है। सिचुएशन को कंट्रोल में करने के लिए जिले में पांच दिनों तक इंटरनेट सेवाएं बंद रहेंगी। साथ में कई इलाकों में कर्फ्यू भी लगाया गया है। अब विस्तार से समझते हैं कि विवाद शुरू कैसे हुआ था। इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक 7 फरवरी की रात लितान गांव में तांगुल नागा समुदाय के एक व्यक्ति को घेर लिया गया था। गांव के सात से आठ लड़कों ने पीड़ित के साथ की थी।
पीड़ित ने उसी रात घटना अपने समुदाय के लोगों को बताई। इसके बाद पीड़ित पक्ष और लतान सरई खून गांव के मुखिया साथ में बैठे और बातचीत से मामले को सुलझा लिया गया था। अधिकारियों ने बताया कि पारंपरिक रीति रिवाजों के जरिए समस्या का समाधान करने पर दोनों के बीच में सहमति बन गई थी। अगले दिन यानी कि 8 तारीख को मीटिंग भी तय हो गई थी। लेकिन बाद में दोनों पक्ष से पलट गए और मीटिंग नहीं हो पाई।

पुलिस के मुताबिक 89 फरवरी की दरमियानी रात करीब 12:00 बजे खबर मिली कि ले लुंग विराम गांव में आग लग गई है। जिसकी वजह से कुछ घर जल भी गए हैं। खबर मिलते ही सिक्योरिटी दल वहां पहुंचा और मामले को शांत किया गया। आग किसने लगाई है? इसकी जांच फिलहाल चल रही है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि के लंगविराम गांव लतान से करीब 50-60 कि.मी. दूर है। आग लगने के बाद सोशल मीडिया में खबर फैली कि गांव में बड़ी संख्या में लोग पलायन कर रहे हैं।
लिखा जाने लगा कि लतान के लोग अपने घर छोड़कर भाग रहे हैं, दूसरे गांव जा रहे हैं। हालांकि पुलिस ने इन खबरों को अफवाह बताया। पुलिस के मुताबिक सिर्फ वही लोग अपनी जगह बदल रहे हैं जो स्टूडेंट्स हैं या फिर जिनकी दूसरी जगह नौकरी है। इन अफवाहों को रोकने के लिए इंटरनेट पर रोक लगा दी गई। जिले के कई इलाकों में 5 दिनों के लिए इंटरनेट पर बैन रहेगा।

नोट में बताया गया स्थिति को प्रभावी ढंग से संभालने और तनाव बढ़ाने वाली गलत सूचनाओं के प्रसार को रोकने के लिए जिले में तत्काल प्रभाव से इंटरनेट सेवाओं को अस्थाई रूप से निलंबित करना जरूरी है। इसी के साथ कुछ क्षेत्रों में कर्फ्यू भी लगा दिया गया है। लितान के नजदीकी गांव कोसनाम ने इस घटना की निंदा की है। कोसनाम प्रशासन ने केंद्र और राज्य सरकार से अपील की कि पीड़ित परिवारों को तुरंत मदद पहुंचाई जाए और करने वालों के खिलाफ सख्त एक्शन लिया जाए।
मामले में मणिपुर के पूर्व मुख्यमंत्री एन बीन सिंह की प्रतिक्रिया भी सामने आई है। उन्होंने लिखा कि उकरूल के लतान में तांगुल और कुकी समुदायों के सदस्यों के बीच अचानक तनाव से मैं बेहद चिंतित हूं। ऐसे समय में जब हमने अपने राज्य में शांति और सामान्य स्थिति बहाल करने के लिए सामूहिक रूप से कड़ी मेहनत की है। किसी भी प्रकार का तनाव प्रगति को नष्ट कर सकता है।
मैं दोनों समुदायों से संयम बरतने, उकसावे से बचने और शांति की रक्षा के लिए एकजुट होने का आग्रह करता हूं। रिपोर्ट के मुताबिक जिला के पुलिस अधिकारियों ने इलाके का दौरा किया है और गांव वालों को आश्वासन दिया है कि हिंसा करने वालों के खिलाफ एक्शन लिया जाएगा। इस खबर में
