सड़क पर दौड़ती यह मोटरसाइकिल और उस पर बंधा एक पार्थिव देह। यह तस्वीरें नागपुर जबलपुर नेशनल हाईवे की हैं। जिसने भी यह मंजर देखा, उसका कलेजा कांप उठा। लोग चीखते रहे, उसे रोकने की कोशिश करते रहे, लेकिन वह शख्स किसी की सुनने को तैयार नहीं था। वो बस अपनी धुन में बाइक दौड़ाए जा रहा था।
यह कहानी है एमपी के रहने वाले अमित यादव और उसकी पत्नी यारसी की। रक्षाबंधन के त्यौहार के दिन अमित अपनी पत्नी के साथ नागपुर के लोनारा से अपने गांव करणपुर जा रहा था। तभी एक तेज रफ्तार ट्रक ने उसकी बाइक को टक्कर मारी। इस हादसे में पीछे बैठी गारसी सड़क पर गिरी और उसी ट्रक के पहिए के नीचे आकर उसकी निधन हो गई। टक्कर मारने वाला ट्रक रुका नहीं। वो रफ्तार से आगे निकल गया। अपनी आंखों के सामने पत्नी को दम तोड़ते देख अमित बदहवास हो गया। वो चीखता रहा, रोता रहा। हाईवे पर आती जाती हर गाड़ी के सामने हाथ जोड़कर मदद के लिए गिड़गिड़ाता रहा। लेकिन उस भीड़ भरे हाईवे पर किसी का दिल नहीं पसी। गाड़ियां बगल से गुजरती रही, लोग तमाशा देखते रहे। पर कोई भी उस बेबस पति की मदद के लिए आगे नहीं आया।
घंटों तक जब कोई मदद नहीं मिली और इंसानियत ने दम तोड़ दिया तो एक बेबस और टूटे हुए पति ने वह कदम उठाया जिसे देखकर दुनिया सन्न रह गई। उसने अपनी पत्नी गारसी के देह को अपनी मोटरसाइकिल पर बांधा और खुद ही उसे गांव ले जाने के लिए निकल पड़ा। अब जो लोग मदद के लिए नहीं रुके वो इस अजीब और खौफनाक मंजर का वीडियो बनाने लगे और उसे रोकने की कोशिश करने लगे।
लेकिन शायद डर और सदमे में अमित ने अपनी बाइक नहीं रोकी। आखिरकार हाईवे पुलिस ने किसी तरह अमित को रोका और उससे पूरी कहानी जानी। पुलिस ने शव को मोटरसाइकिल से उतारकर नागपुर के मेडिकल कॉलेज में जांच के लिए भेजा।
यह घटना देवला पार पुलिस स्टेशन के मोरफाटा इलाके की है। पुलिस ने फिलहाल पति अमित यादव को पूछताछ के लिए रोका है ताकि इस दर्दनाक कहानी की हर परत खुल सके और उस अज्ञात ट्रक ड्राइवर को भी पकड़ा जा सके जिसने एक हंसता खेलता परिवार उजाड़ दिया।
