ऑस्कर विनिंग म्यूजिक कंपोजर ए आर रहमान के एक इंटरव्यू के बाद से लगातार बवाल चल रहा है। लोग उसकी अपनी-अपनी तरह से व्याख्या कर रहे हैं और उसी व्याख्या के मुताबिक अपनी-अपनी तरह के रिएक्शंस दे रहे हैं। इस इंटरव्यू से जुड़ी कई वीडियो क्लिप्स भी आपको सोशल मीडिया पर दौड़ती मिल जाएंगी। उनमें किस हद तक सच्चाई है, कितनी काटछाट की गई है, इस पर आगे इसी वीडियो में बात करेंगे। लेकिन फिलहाल यह बात तो जाहिर है कि इन टूटी हुई क्लिप्स के चलते जोरदार खबरें बन चुकी हैं। हंगामा मच गया है और इसी हंगामे के बीच आई है कंपोजर ए आर रहमान की प्रतिक्रिया।
उन्होंने अपने ऑफिशियल Instagram हैंडल से 18 जनवरी 2026 को एक वीडियो पोस्ट किया। इस वीडियो में उन्होंने 14 जनवरी को पब्लिश हुए अपने इंटरव्यू से उठे वाद-विवाद पर बात की। उन्होंने डायरेक्टली तो इसका जिक्र नहीं किया लेकिन जो बातें उन्होंने कही उससे यह कनेक्शन समझ आ रहा है। ए आर रहमान ने अपने ऊपर लगाए जा रहे आरोपों का भी बातोंबातों में जवाब दे दिया। क्या कहा है सुनिए। डिअ फ्रेंड्स म्यूजिक हैज़ ऑलवेज बीन माय वे ऑफ़ कनेक्टिंग सेलिब्रेटिंग एंड ऑनरिंग अ कल्चर। इंडिया इज माय इंस्पिरेशन, माय टीचर एंड माय होम। आई अंडरस्टैंड द इंटेंशनंस कैन समटाइ्स बी मिसअंडरस्टुड बट माय पर्पस हैज़ ऑलवेज बीन टू अपलिफ्ट ऑनर एंड सर्व थ्रू म्यूजिक आई हैव नेवर विश टू कॉज़ पेन एंड आई होप माय सिंसियरिटी इज़ फ्ट। आई फील ब्लेस्ड टू बी इंडियन व्हिच इनेबल्स टू क्रिएट अ स्पेस व्हिच ऑलवेज अलाउ फ्रीडम ऑफ़ एक्सप्रेशन एंड सेलिब्रेट्स मल्टीकल्चरल वॉइसेस।
फ्रॉम न्चरिंग जाला प्रेजेंटेड एट द वेव समिट इन फ्रंट ऑफ द ऑनरेबल प्राइम मिनिस्टर एंड रूहीनूर टू कोलबोरेटिंग वि द यंग नागा म्यूजिशियंस टू क्रिएट अ स्ट्रिंग ऑकस्ट टू मेंटरिंग द सनशाइन ऑकस्ट आल्सो बिल्डिंग सीक्रेट माउंटेन इंडियास फर्स्ट मल्टीकल्चरल वर्चुअल बैंड एंड द ऑनर ऑफ स्कोरिंग रामायण अलोंग साइड हंसमा ईच जर्नी अ स्ट्रेंथन माय पर्पस आई रिमेन ग्रेटफुल टू दिस नेशन नेशन एंड कमिटेड टू म्यूजिक दैट ऑनर्स द पास्ट सेलिब्रेट्स अ प्रेजेंट एंड इंस्पायर्स अ फ्यूचर। जय हिंद एंड जय हिंद। इसके बाद उन्होंने क्रिकेट स्टेडियम का वीडियो प्ले किया जिसमें बहुत बड़ी तादाद में क्राउड ए आर रहमान का मशहूर देशभक्ति गीत मां तुझे सलाम गा रहा है।
कॉपीराइट इशूज़ के चलते वो हिस्सा हम आपको यहां सुना नहीं सकते, दिखा नहीं सकते। लेकिन आप इस गाने के बारे में अच्छे से जानते ही हैं। अब बात आती है कि आखिर ए आर रहमान को यह वीडियो जारी क्यों करना पड़ा? क्यों याद दिलाना पड़ा कि उन्होंने हाल ही में यह सारी चीजें की है? क्यों बार-बार साफ शब्दों में कहना पड़ा कि वो अपने वतन से कितनी मोहब्बत करते हैं? और अपने देश की अलग-अलग संस्कृतियों की कितनी इज्जत करते हैं। इन सवालों के जवाब के लिए शॉर्ट में आपको इस मामले का बैकग्राउंड बताते हैं। बीबीसी रेडियो एशियन नेटवर्क ने 14 जनवरी को इंडियन म्यूजिक कंपोजर ए आर रहमान का एक इंटरव्यू पब्लिश किया। यह इंटरव्यू तकरीबन 1ढ़ घंटे का था। मगर इस पूरे इंटरव्यू में से कुछ क्लिप्स काट काट कर शेयर की जाने लगी। सबसे ज्यादा शेयर की गई क्लिप 1 मिनट 47 सेकंड की थी। यह भी पूरी नहीं थी। इसे भी तीन-चार अलग-अलग हिस्सों को मिलाकर बनाया गया था। इसके बाद तरह-तरह की व्याख्याएं हुई, इंटरप्रिटेशंस हुए और उन्हीं के आधार पर दावे किए जाने लगे।
जब हमने इंटरव्यू के वो पूरे हिस्से देखे तब मालूम चला कि इनमें से बहुत सी बातें अर्धसत्य या हाफ टुट थी। मसलन सबसे ज्यादा चर्चा इस बात पर हुई कि आर रहमान ने कहा है कम्युनल या सांप्रदायिक कारणों से उन्हें इंडस्ट्री में काम मिलना बंद हो गया है। जबकि इंटरव्यू देखने पर पता चलता है कि उन्होंने कहा था हो सकता है शायद यह वजह हो। लेकिन उन्होंने आगे साफ किया कि उन्होंने खुद कभी भी यह सब सामने से फेस नहीं किया है। सिर्फ इससे जुड़ी चाइनीस विस्पर्स यानी अफवाहें जैसी बातें सुनी है जिन्हें उन्होंने कभी सीरियसली नहीं लिया। ऐसा वो खुद कहते हैं। दूसरा उदाहरण है जो उन्होंने 8 साल में हुए पावर शिफ्ट की बात की। लेकिन उस वक्त वो फिल्म इंडस्ट्री की बात कर रहे थे। पॉलिटिक्स की नहीं। ये इस बात से और साफ हो जाता है कि उन्होंने आगे एक म्यूजिक कंपनी का उदाहरण दिया। एक और टॉपिक जो इसे लेकर सुर्खियों में है वो है छावा फिल्म को लेकर कही गई उनकी बातें। दावा किया जा रहा है कि ए आर रहमान ने छावा को एक डिवाइसिव यानी बांटने वाली फिल्म बताया।
जबकि ए आर रहमान ने यह भी कहा है कि छावा फिल्म का असल मकसद वीरता दिखाने का था और उन्हें इस फिल्म में काम करके गर्व महसूस होता है। इसी तरह उन्होंने उनकी अपकमिंग फिल्म रामायण को लेकर भी सकारात्मक बातें कही। यह भी दावा किया जा रहा है कि फेमस म्यूजिक कंपोजर ए आर रहमान ने कहा कि वो इंडस्ट्री में काम ढूंढने जा रहे हैं और सांप्रदायिक वजहों से उन्हें काम नहीं दिया जा रहा है। जबकि इंटरव्यू में आपको इसके एकदम उलट बात कहते हुए मिलेंगे। रहमान ने कहा कि वो कभी काम तलाशने नहीं जाते। उनका मानना है कि उनकी मेहनत देखकर काम खुद उनके पास आए। उन्होंने बल्कि यह भी कहा कि जो भी काम वो डिर्व करते हैं वो खुदा खुद उनके पास भेज देता है। हालांकि पक्ष हो चाहे विपक्ष दोनों ओर के समर्थक इस इंटरव्यू की क्लिप्स को अपनी-अपनी तरह से समझ रहे हैं और उसी तरह से फैला भी रहे हैं। कोई दावा कर रहा है कि ए आर रहमान ने सांप्रदायिकता के जो कथित दावे किए हैं वो झूठे हैं। उन्हें निशाने पर लिया जा रहा है। जबकि कोई दावा कर रहा है कि ए आर रहमान ने कम्युनल एंगल वाली बात कहकर हिम्मत दिखाई है और यह आज की सच्चाई है।
ऐसे ही और भी दावे हैं। मगर पूरा इंटरव्यू देखने पर इन दावों का पूरा सच पता चलता है। आप भी अगर इसे समझना चाहते हैं तो हमने इस पर एक डिटेल्ड वीडियो किया है जिसकी लिंक आपको डिस्क्रिप्शन बॉक्स में मिल जाएगी। वहां से आप इंटरव्यू में दिए गए वो सारे बयान समझ सकते हैं, सुन सकते हैं।
