अच्छा वक्त आने में बेशक वक्त लग जाए लेकिन बुरा वक्त कभी वक्त देखकर नही आता इस बात का उदाहरण है आज की कहानी।
दोस्तो आज की कहानी है अमीर व्यक्ति के बुरे वक्त की। कहनी है दो भाईयों की जिन्होंने एक वक्त में बेशुमार दौलत देखी लेकिन आज ना खाना है, न घर। आज की कहानी है गुजरात के महुआ शहर की।
इस शहर में रहने वाला एक परिवार बहुत ही अमीर एक दिन में 4 लाख रुपए कमा ले इतना बड़ा नारियल का बिजनेस था उनका। लेकिन अचानक से किस्मत ने पलटी मारी और इस परिवार का नामोनिशान खत्म हो गया।
परिवार के सारे सदस्य पिता, मां, काका, दादा सब दुनिया छोड़कर चले गए अब बचे तो सिर्फ दो भाई अमित भाई और जिग्नेश भाई। अमित भाई को सदमा लगने की वजह से उनकी दिमागी हालत खराब हो गई।
अब बचे जिग्नेश भाई उन्हे अपना और बीमार भाई का गुज़ारा करना था ,उनके पास घर था लेकिन किराए के पैसे नहीं थे जो कुछ लीगल करवाई उस घर को लेकर थी उसमे भी वो हार गए थे अब ना तो घर बचा था ना पैसे।
दोनो भाई सड़क के किनारे कूड़े के पास रहने लगे। जिग्नेश भाई नारियल बेचते थोड़े पैसे कमाते।लेकिन ऐसे वक्त में मसीहा बने पोपटभाई फाउंडेशन के लोग उन्होंने जिग्नेश भाई को तो काम दिया ही साथ में छोटे बीमार भाई की सेवा का जिम्मा भी उठाया। इस वक्त दोनो भाई उनके सोशल मीडिया आश्रम में जीवन बिता रहे है।
