2019 की एक महामारी के बाद नई महामारी दस्तक देने वाली है और यह महामारी कहीं और से नहीं बल्कि आपके घरों से दस्तक दे सकती है। जी हां, बिल्कुल सही कह रहे हैं। वैज्ञानिकों ने बड़ी चेतावनी दी है और यह चेतावनी है आपके घरों में खाने वाले नमक को लेकर। जी हां, नई महामारी नमक को लेकर आ सकती है। बहुत चौंकाने वाली वजह है। क्योंकि अक्सर ये लोग कहते थे कि आयोडीन नमक खाइए, सोडियम वाला नमक खाइए। लेकिन अब यही सोडियम वाला नमक आपके जीवन के लिए खतरा बन सकता है।
वैज्ञानिकों ने बताया है कि यह मूख महामारी को बढ़ावा दे रहा है, जन्म दे रहा है जिसकी वजह से लोगों की जिंदगी खतरे में पड़ सकती है। वैज्ञानिकों ने बताया है कि ज्यादा सोडियम वाला नमक खाने की वजह से लोगों में हाई ब्लड प्रेशर, जैसी घटनाएं बहुत तेजी से देखने को मिली है और अब इसे लेकर वैज्ञानिकों ने लोगों को चेताया है और साथ ही साथ यह भी कह दिया है कि सावधान हो जाइए नहीं तो आने वाले समय में नमक की वजह से बड़ी महामारी फैल सकती है और लाखोंगियों को खतरा हो सकता है। आखिर वैज्ञानिकों ने यह सारी बातें क्यों कही है? रिसर्च में क्या कुछ पाया गया है?
दरअसल भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद यानी आईसीएमआर के अध्ययन में दावा किया गया है कि अत्यधिक नमक का सेवन भारत में एक मूख महामारी को बढ़ावा दे रहा है। जिससे लोगों में हाई ब्लड प्रेशर, स्ट्रोक, हृदय रोग और गुर्दे की बीमारियों का खतरा बढ़ रहा है। आईसीएमआर के राष्ट्रीय महामारी विज्ञान संस्थान के वैज्ञानिकों ने इस समस्या के समाधान के लिए एक अध्ययन शुरू किया है कि लोग कम सोडियम वाले नमक का सेवन करें और उसके विकल्पों को लेकर के अब आईसीएमआर काम कर रहा है। तो देखा आपने कि किस तरीके से आईसीएमआर के वैज्ञानिकों ने बताया है कि ज्यादा सोडियम वाला नमक खाने की वजह से लोगों में स्ट्रोक की घटनाएं बढ़ी है। इसके अलावा हाई ब्लड प्रेशर की संभावनाएं देखी जा रही है।
गुर्दे की बीमारी देखी जा रही है। इसके अलावा हार्ट संबंधित समस्याओं में भी बहुत तेजी से इजाफा हुआ। अब आखिर यह सब हुआ क्यों और आपको एक दिन में कितने नमक का सेवन करना चाहिए और कितना नहीं करना चाहिए और क्या भारतीय अब ज्यादा नमक का सेवन कर रहे हैं? क्या ज्यादा सोडियम वाला नमक खा रहे हैं जिसकी वजह से लोगों में इन बीमारियों का खतरा बढ़ा है। चलिए अब आपको बताते हैं कि आखिर आपको एक दिन में कितने नमक का सेवन करना चाहिए और इसको लेकर के WHO ने क्या कुछ रिपोर्ट में अपनी बताया है वह भी आपको बताते हैं।
दरअसल WHO के मुताबिक प्रतिदिन 5 ग्राम से कम नमक का सेवन करना चाहिए। जबकि अभी जो ताजा हालात हैं उसके मुताबिक शहरों में रहने वाले भारतीय प्रतिदिन लगभग 9.2 ग्राम नमक का सेवन करते हैं और ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले भारतीय लगभग रोजाना 5.6 ग्राम नमक का सेवन करते हैं। तो देखा आपने नमक खाने को लेकर के WHO की एडवाइज़री भी है कि प्रतिदिन आपको 5.2 ग्राम से अधिक नमक का सेवन नहीं करना चाहिए। वो भी खासकर क्योंकि जो मौजूदा समय में मार्केट में नमक पाया जा रहा है उसमें सोडियम की मात्रा बहुत ज्यादा है और यही सोडियम आपके शरीर में बीमारियों के लिए घर बना रहा है। आपकी जिंदगी के साथ खिलवाड़ कर रहा है। और आप देखिए 5.2 ग्राम नमक का सेवन जो है वो एडवाइज़री है WHO की।
लेकिन भारतीय शहरों में रहने वाले लोग प्रतिदिन 9 ग्राम से अधिक नमक का सेवन कर रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में भी 5.4 ग्राम नमक का रोजाना सेवन कर रहे हैं। तो ऐसे में अगर आप भी बहुत ज्यादा ये जो मार्केट में सोडियम वाला नमक मिल रहा है अगर इसका आप बहुत ज्यादा सेवन कर रहे हैं तो अब से आप कम कर दीजिए जो WHO की रिपोर्ट है 5.2 ग्राम अधिकतम प्रति व्यक्ति इतना ही होना चाहिए। उससे ज्यादा आपको नहीं खाना चाहिए। आप देखते होंगे बहुत सारे ऐसे भी लोग होते हैं जो दाल सब्जियां खाने में नमक तो जितना है उतना खाते ही हैं।
उसके अलावा अलग से भी लोग नमक का सेवन करते हैं। तो ये बहुत खतरनाक हो सकता है। इसका सेवन आपको नहीं करना चाहिए क्योंकि एक मूख महामारी को यह जन्म दे रहा है। यह सोडियम इसमें जो है ना वो बहुत खतरनाक हो रहा है। चलिए अब आपको बताते हैं कि आखिर वैज्ञानिकों ने इससे बचने के लिए क्या सुझाव दिया है। आप कैसे अगर आप बहुत ज्यादा नमक का सेवन कर रहे हैं या सोडियम वाला नमक बहुत ज्यादा खा रहे हैं तो आप अपना बचाव कैसे कर सकते हैं वो भी आपको बताते हैं। दरअसल विशेषज्ञों का कहना है कि कम सोडियम खाने से ब्लड प्रेशर कंट्रोल रहता है। हार्ट के स्वास्थ्य में सुधार होता है। कम सोडियम वाले नमक का सेवन करने से प्रेशर 7/4 एमएमएजी तक कम होता है। आपको बता दें कि नमक के अधिक सेवन की समस्या से निपटने के लिए नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एपिडेमिलॉजी यानी कि एनआई ने आईसीएमआर के साथ पंजाब और तेलंगाना में तीन वर्षीय परियोजना की शुरुआत भी की है।
दरअसल इस परियोजना का मकसद यह है कि कम सोडियम वाले नमक तैयार किए जाए और मार्केट में वही अवेलेबल कराए जाए क्योंकि यह जो अधिक नमक वाले सेवन मतलब अधिक सोडियम वाले जो नमक हैं उसका सेवन करने से लोगों में यह बीमारियां घर बना रही हैं। आपने देखा होगा कि अभी मुश्किल से 5
साल पहले कोरोना महामारी ने कितनी बड़ी तबाही मचाई। उसके बाद से अब नई महामारी की आशंका जताई जा रही है। वो भी नमक को लेकर के। तो इसमें आपको अभी से सावधान हो जाना चाहिए। आपको जो नियम है 5.2 ग्राम अधिकतम प्रतिदिन उससे अधिक का सेवन नहीं करना चाहिए। और आपने हाल फिलहाल में देखा भी होगा कि बहुत सारे लोगों में अचानक हार्ट की समस्याएं बढ़ गई है। ज्यादा आने लग गए हैं। प्रेशर धीरे-धीरे एक आम समस्या होती जा रही है।
हार्ट संबंधी समस्याओं से अब अधिकतम लोग बहुत ज्यादा लोग परेशान होने लग गए हैं। इसके अलावा गुर्दे की बीमारी भी बहुत तेजी से बढ़ी है। और इसके अलावा आपने देखा होगा किस तरीके से बहुत सारे यंग लोग भी हैं जो जिम में हो या पढ़ाई के दौरान हो, ऑफिस में हो उन्हें अचानक कार्डियक अरेस्ट आ रहा है या आ रहा है उनका निधन हो जा रहा है। तो शायद शायद जो है एक संभावना यह भी हो सकती है कि वो अधिक सोडियम का सेवन कर रहे हो जिससे उनके अंदर जो है इस तरह की बीमारी हो रही है और उनकी जान जा रही है।
तो ऐसे में ये जो रिपोर्ट आई है वो चौंकाने वाली रिपोर्ट है क्योंकि बहुत सारे ऐसे लोग हैं जो लगातार बहुत सारे नमक का सेवन करते हैं। उन्हें कोई अंदाजा नहीं रहता वो कितना नमक खा रहे हैं। तो ऐसे में आपको प्रतिदिन डब्ल्यूho के मुताबिक 5.2 ग्राम अधिक से नमक का सेवन नहीं करना चाहिए। उम्मीद है आपको यह जानकारी पसंद आई होगी और अगर आप भी बहुत ज्यादा नमक का सेवन कर रहे हैं खासकर सोडियम वाले नमक का तो निश्चित तौर पर अभी से आप कम कर दीजिए क्योंकि स्वस्थ रहेंगे तो सब कुछ है।
