पागल’ है मेरा पति… मरने से पहले बहन को सब बताया ! मधु सिंह का आखिरी कॉल रुला देगा |

मधु सिंह का है। एक लड़की जिसकी आंखों में सपने थे और चेहरे पर एक बेफिक्र मुस्कान। महज 6 महीने पहले ही उसकी शादी हुई थी, लेकिन किसे पता था कि मेहंदी का रंग उतरने से पहले ही उसकी जिंदगी का रंग छीन लिया जाएगा। लखनऊ के इस फ्लैट के बंद दरवाजे के पीछे एक ऐसी कहानी दफन है जो किसी की भी रूह का पा दे। यह कहानी है टूटे हुए भरोसे की, दहेज के लालच की और एक साइको पति के हाथों चढ़ी एक और बेटी की बलि की। आज हम राजधानी लखनऊ की एक ऐसी बेटी की कहानी बताएंगे जो आपको झकझोर देगी।

मधु की बहन बताती हैं कि उसका पति अनुराग जो मर्चेंट नेवी में अफसर है एक साइको की तरह बर्ताव करता था। सोचिए घर में एक प्लेट भी अगर अपनी जगह से हिल जाए तो वह मधु पर हाथ उठा देता था। इतना ही नहीं वह उसे जबरदस्ती शराब पिलाने के लिए भी मजबूर करता था। मधु की हर एक सांस पर उसकी नजर थी। किससे बात कर रही है? कहां जा रही है? यहां तक कि अपनी बहनों से भी बात करने पर उसे पीटा जाता था। अनुराग ने धीरे-धीरे मधु की पूरी दुनिया छीन ली थी। उसके दोस्त, उसका परिवार सब कुछ। यह रिश्ता एक मेट्रोमोनियल साइट से शुरू हुआ था। मधु के परिवार ने अपनी हैसियत से बढ़कर शादी में खर्च किया।

15 लाख कैश और महंगे तोहफे देने के बाद भी अनुराग का लालच खत्म नहीं हुआ। उसे और पैसे चाहिए थे और जब पैसे नहीं मिले तो मधु को ताने और मार मिलने लगी। शादी को महज 15 दिन हुए थे सिर्फ 15 दिन और अनुराग ने अपना असली रंग दिखा दिया। 10 मार्च को उसने मधु को इतना पीटा कि वो रोते हुए अपने मायके आ गई। यह पहली घंटी थी जिसे शायद सबने अनसुना कर दिया था। मौत से एक रात पहले सोसाइटी के गार्ड ने दोनों को झगड़ते हुए घर में घुसते हुए देखा था और फिर आई वो सुबह जब मधु की लाश फंदे से लटकती मिली।

लेकिन यहां कहानी में कई ऐसे मोड़ हैं जो इसे आत्महत्या नहीं बल्कि एक सोची समझी साजिश की तरफ इशारा करते हैं। जैसे अनुराग ने देर रात ही मेड को मैसेज करके सुबह आने से मना कर दिया था। क्यों? उसने पुलिस को 12:00 बजे बताया लेकिन मधु के परिवार को 5 घंटे बाद सुबह 5:00 बजे खबर दी गई। यह 5 घंटे की देरी क्यों हुई? जिस दिन घर में मातम पसरने वाला था, उसी दिन अनुराग ने ऑनलाइन खाना आर्डर किया था। क्यों? इस कहानी में एक तीसरा किरदार भी है। अनुराग की एक्स गर्लफ्रेंड।

मधु ने अपनी बहन को बताया था कि अनुराग उससे चोरी छुपे मिलता है। जब मधु ने सवाल किया तो अनुराग ने उल्टा उसी पर शक करने का आरोप लगा दिया। मधु ने वो सारी चैट पढ़ी थी शायद यही सच जानना उसकी मौत का कारण बन गया और उधर जिसके सिर पर अपनी पत्नी की हत्या का इल्जाम है वो थाने में बैठा मांगता रहा। चेहरे पर ना कोई शिकन ना कोई पछतावा। वो कहता रहा कि वो निर्दोष है। लेकिन इस सवाल का जवाब उसके पास भी नहीं था कि आखिर मधु ने आत्महत्या क्यों की।

एक लड़की जो पार्टियों की जान हुआ करती थी। उसे एक ऐसे पिंजरे में कैद कर दिया गया जहां उसकी मुस्कान भी छीन ली गई। मधु की सिसकियां उन बंद दरवाजों में ही घुट कर रह गई। आज उसका परिवार इंसाफ की गुहार लगा रहा है। सवाल यह है कि मधु को इंसाफ कब मिलेगा और कब तक हमारी बेटियां दहेज और

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