राजनीति के सियासी तूफानों में अक्सर नेता कठोर और मजबूत नजर आते हैं। लेकिन क्या होता है जब वही नेता प्यार के सामने पूरी तरह ढह जाते हैं। महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री और एनसीपी के नेता दिवगंद अजीत पवार जिनकी राजनीति जितनी तेज थी उनके दिल की कहानी उतनी ही मासूम और रोमांटिक थी। कहते हैं पहली नजर में ही अजीत पवार का दिल सुमित्रा पवार पर हार बैठा था।
राजनीति की दुनिया के सबसे समझदार नेता भी उस खूबसूरत मुस्कान और सादगी के सामने बेबस महसूस करने लगे थे। जब राजनीति के दादा सुमित्रा पर अपना दिल हार बैठे थे तो उनकी काकी ने उनका साथ दिया था और दोनों की शादी करवाईथी।
लेकिन आज इस कहानी में एक बेहद दुखद मोड़ आ गया है। बुधवार सुबह बारामती में उनका विमान हादसा हो गया और इस हादसे में उनके साथ पांच अन्य लोगों की भी निधन हो गई। इस हादसे ने महाराष्ट्र और पूरे भारत को हिला कर रख दिया है। आज हम सिर्फ एक नेता की मृत्यु की बात नहीं कर रहे हैं बल्कि उस दिल की कहानी को भी याद कर रहे हैं जिसने साबित कर दिया कि सबसे बड़े नेता भी प्यार के सामने हार सकते हैं। राजनीति की ए बी सीडी शरद पवार से सीखने वाले अजीत पवार अपनी काकी को बहुत प्यार करते थे।
एक इंटरव्यू के दौरान अजीत पवार ने अपनी शादी का किस्सा शेयर किया था। उन्होंने हंसते हुए कहा था कि प्रतिभा काकी ने ही सब कुछ फिक्स किया था और फिर शादी हो गई। लेकिन सच कहूं तो मैं अपनी पत्नी को जीवन साथी के रूप में पाकर बहुत खुश हूं। दरअसल देखने में बेहद ही सुंदर सुमित्रा पवार का परिवार भी सियासी रहा है।
वह पूर्व राज्य मंत्री और लोकसभा सांसद पद्म सिंह पाटिल की बहन है। पद्म सिंह पाटिल की रिशेदारी प्रतिभा पवार से थी। उन्हें सुित्रा बहुत पसंद थी और उन्होंने ही अजीत पवार से कहा कि उनके कहने पर एक बार उनसे मिल लो। अजीत पवार उस वक्त शादी नहीं करना चाहते थे लेकिन काकी की बात को आखिर कैसे मना कर सकते थे।
इसलिए उन्हें सुमित्रा से मिलना पड़ा। अजीत पवार जब उनसे मिले तो उन्हें ना करने का सवाल ही नहीं था। [संगीत] उनकी सुंदरता और सादगी के आगे दिल हार बैठे थे। आपको बता दें कि अजीत पवार का जन्म अहमदागर जिले के देवलाली प्रवरा में हुआ था। वो आशा ताई पवार और अनंतराव पवार के बेटे थे और नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष और महाराष्ट्र के चार बार के पूर्व मुख्यमंत्री शरद पवार के भतीजे थे। उन्होंने देवलाली प्रवरा में स्कूली पढ़ाई की लेकिन पिता की निधन के बाद परिवार की मदद करने के लिए कॉलेज छोड़ दिया। उनको शादी से दो बेटे जय और पार्थ पवार हैं। आज उन्हीं बच्चों और अपनी पत्नी सुमित्रा को छोड़कर अजीत पवार हमेशा के लिए जा चुके हैं।
आज अजीत पवार हमारे बीच में भले ही नहीं रहे लेकिन उनकी कहानी सिर्फ राजनीति तक ही सीमित नहीं थी। असल जिंदगी में वह परिवार और प्यार के सबसे बड़े संरक्षक थे।
