एक्ट्रेस ललिता पवार अपने विलनेस रोल्स के लिए पहचानी जाती है। उनकी ऑन स्क्रीन इमेज तेजतर्रार औरत की थी। वो औरत जो धोखेबाज है, जो लड़ती है, झगड़ती है, तेज है और सबका बुरा सोचती है। लेकिन रियल लाइफ में वो ऐसी बिल्कुल नहीं थी। इनफैक्ट रियल लाइफ में तो उनके साथ यह सारी चीजें हुई कि उन्हें धोखा मिला।
उनके साथ छल कपट हुआ और किस्मत ने भी उनके साथ कुछ अच्छा नहीं किया। ललिता पंवार बहुत कम एज से पैसा कमाने लगी थी। बहुत यंग एज में जब वो पहली बार फिल्म इंडस्ट्री में काम करने लगी थी एक प्रोडक्शन हाउस में तो उनकी तनख्वाह थी ₹10 जिसमें वो महीने भर काम करती थी। लेकिन उन्हें यह काम बहुत ज्यादा पसंद था। फिल्मों में काम करना, फिल्म इंडस्ट्री के लोगों से बात करना, फिल्मों के बारे में बातें करना यह सारी चीजें ही उन्हें पसंद थी। इसी दौरान जैसे-जैसे ललिता पवार फिल्म इंडस्ट्री में बड़ी हुई, पॉपुलर हुई, उनकी फिल्में भी चलने लगी। उन्होंने कुछ पैसा भी कमा लिया और जब लाइफ में सब कुछ मिल गया तो उन्होंने सोचा कि अब सेटल हुआ जाए। यही वजह है कि 1930 में ललिता पवार ने शादी करी फिल्म मेकर गणपत राव पवार से।
एक्चुअली ललिता पवार का जो सरनेम है पवार वो उनके गणपत राव पवार हस्बैंड का ही सरनेम है। वरना ललिता पवार का शादी से पहले नाम अंबू था। शादी के बाद ही उन्होंने अपना नाम ललिता पवार कर दिया। गणपत राव पवार के साथ ललिता पवार ने ना सिर्फ फिल्मों में काम किया बल्कि दोनों ने साथ मिलकर 1932 की फिल्म कैलाश को प्रोड्यूस भी किया था। ललिता पवार की जिंदगी अच्छी चल रही थी। उन्होंने एक अच्छी एक्ट्रेस के रूप में अपने आप को इंडस्ट्री में इस्टैब्लिश कर दिया था और उनके पति फिल्म मेकर थे। दोनों का इंटरेस्ट भी मैच होता था। ललिता पवार गणपत राव के साथ अपनी जिंदगी को आगे बढ़ाती। परिवार को आगे बढ़ाने का सोचती कुछ गुड न्यूज़ देने का सोचती उससे पहले ही गणपत राव को लेकर उन्हें एक बैड न्यूज़ पता चली।
ललिता पवार को पता चला कि गणपत राव का घर के बाहर किसी और औरत से अफेयर चल रहा है। जब ललिता पवार ने इस मामले में और ज्यादा जानकारी निकालने की कोशिश की तो जो कुछ सच्चाई ललिता पवार को पता चली वो सुनकर उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। जिस औरत से ललिता पवार के पति गणपत राव पवार का अफेयर चल रहा था वह औरत और कोई नहीं बल्कि ललिता पवार की ही छोटी बहन थी। इस इंसिडेंट ने ललिता पवार को हिला कर रख दिया। उनके पास अब उनका परिवार नहीं था। पति ने छल किया और बहन भी धोखेबाज निकली। ललिता पवार ने अपने आप को इस रिश्ते से ही दूर कर दिया। उनके पास उनका करियर था। पर्सनल लाइफ बिखर चुकी थी लेकिन करियर के दम पर ही वह आगे बढ़ती रही और उनकी जिंदगी का मकसद सिर्फ अब काम करना था। इसी दौरान ललिता पवार की मुलाकात एक और शख्स से हुई। राज प्रकाश गुप्ता नाम के शख्स से जो खुद एक फिल्म मेकर थे। ललिता पवार को राज प्रकाश गुप्ता का साथ अच्छा लगता था। लेकिन पिछला जो धोखा मिला था उससे ललिता पवार बहुत ज्यादा डर गई थी।
उन्होंने शादी के बारे में वापस सेटल होने के बारे में सोचा ही नहीं। उन्हें डर लगता था कि कहीं यह शख्स भी वैसा ही निकल गया तो मेरा क्या होगा। हालांकि राज प्रकाश गुप्ता के साथ ललिता पंवार की कुछ महीनों तक की दोस्ती रही। दोनों ने अच्छा टाइम एक साथ स्पेंड किया।
एक दूसरे को अच्छे से पहचाना और जब ललिता पवार श्योर हो गई तभी उन्होंने राज प्रकाश गुप्ता के साथ शादी की। इस शादी के बाद उन्हें बहुत प्यार मिला। जैसा पार्टनर उन्हें चाहिए था, पार्टनर से जैसा सपोर्ट, जैसा प्यार उन्हें चाहिए था, वह सब उन्हें मिला। और इसी पार्टनर के साथ उन्होंने अपना घर बसाया, अपना वंश भी आगे बढ़ाया। उन्होंने इस शादी से एक बेटे को भी जन्म दिया और अपने बेटे की परवरिश में वह बिजी हो गई और कभी कबभार फिल्में भी करने लगी और पति का साथ तो था ही। लेकिन यह खुशियां भी ललिता पवार की ज्यादा लंबी नहीं ठहरी क्योंकि एक जानलेवा बीमारी ने उन्हें जकड़ लिया।
ललिता पवार को माउथ हो गया। वह बीमार रहने लगी। घर से ज्यादा वह हॉस्पिटल में रहने लगी। दवाइयां लेनी पड़ती थी। जिंदगी ऐसी हो गई थी कि बस मौत कभी भी आ सकती है। कुछ समय तो ललिता पवार इस बीमारी से लड़ी। काफी उपचार भी करवाया गया। लेकिन एक टाइम आया जब यह बीमारी उन पर भारी पड़ गई और उनकी हो गई। ललिता पवार की जिंदगी के लिए यही कहा जाता है कि प्यार उन्हें मिला नहीं और जब मिला तो वह प्यार के लिए रुक नहीं सकी। कैंसर की वजह से वो चल बसी।
