के इस धकते माहौल में एक तस्वीर ने ऐसा तूफान खड़ा कर दिया है जिसने ईरान से लेकर इजराइल तक हलचल मचा दी है। दावा किया जा रहा है कि अली लारजानी को निशाना बनाने की साजिश कई दिनों से रची जा रही थी और एक कथित मोसाद एजेंट लगातार उनके पीछे लगा हुआ था। अब जो तस्वीर सामने आई है उसने इस कहानी को और भी रहस्यमय बना दिया है।
ईरान, इजराइल और अमेरिका के बीच जारी तनाव अब 19वें दिन में प्रवेश कर चुका है। हालात ऐसे हैं कि शांति की कोई उम्मीद दूर-दूर तक नजर नहीं आ रही है। हर दिन नए हमले, नई रणनीतियां और नई चेतावनियां सामने आ रही हैं। इस बीच यह खबर सामने आई कि ईरान के राष्ट्रीय सुरक्षा प्रमुख अली लारजानी का इजरायली हमले में देहांत हो गया है। मौत हो गई है। ईरान ने खुद इस बात को स्वीकार किया और इसे बड़ी क्षति बताया है।
कहानी यहीं नहीं खत्म होती है। सोशल मीडिया पर वायरल एक पोस्ट ने इस पूरे मामले को और भी पेचीदा बना दिया है। इस पोस्ट में दावा किया गया है कि एक व्यक्ति जिसे मोसाद एजेंट बताया जा रहा है, वह पिछले 5 दिनों से लारजानी पर नजर रखे हुआ था। तस्वीर में भीड़ के बीच एक आदमी को लाल घेरे में देखा जा सकता है। बताया जा रहा है वही इस साजिश का हिस्सा था। हालांकि इस दावे की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हो पाई है।
लेकिन इसने कई सवाल जरूर खड़े कर दिए हैं। बता दें कि यह फोटो कुछ्स रैली के दौरान की है। ईरान के लिए यह सिर्फ एक हमला नहीं बल्कि प्रतिष्ठा का सवाल भी बन गया है। देश के सर्वोच्च नेता मुस्तफा खानई ने पहले ही कड़े शब्दों में चेतावनी दी थी कि हर हमले का जवाब दिया जाएगा। अब लार्जानी की के बाद ईरान ने बदले की कसम खाई है और इजराइल के खिलाफ मिसाइल हमलों की 61वीं लहर का ऐलान कर दिया है। दूसरी ओर इजराइल भी पीछे हटने के मूड में नहीं दिख रहा है। प्रधानमंत्री बेंजामिन ने नितनया लगातार यह कहते हुए आए हैं कि ईरान की हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है और जरूरत पड़ने पर सटीक कारवाई की जाएगी।
ऐसे में दोनों देशों के बीच टकराव और तेज होता हुआ दिख रहा है। इस पूरे घटनाक्रम का असर सिर्फ ईरान और इजराइल तक सीमित नहीं है।
खाड़ी देशों पर भी इसका सीधा असर पड़ रहा है। तेल सप्लाई, व्यापार और क्षेत्रीय सुरक्षा सभी प्रभावित हो रहे हैं। आम लोग डर और अनिश्चितता के बीच जीने को मजबूर हैं। हर नए हमले के साथ हालात और बिगड़ते जा रहे हैं।
तस्वीर में दिख रहा संदिग्ध व्यक्ति सच में कोई एजेंट था या सिर्फ अफवाह यह अभी साफ नहीं है लेकिन इतना जरूर है कि इसने इस को और रहस्यमय और खतरनाक बना दिया है। अब सवाल यह है कि क्या ये संघर्ष यहीं थम जाएगा या आने वाले दिनों में और भी बड़ा रूप ले लेगा।
फिलहाल दुनिया की नजरें मध्य पूर्व पर टिकी हुई हैं। जहां हर दिन नई कहानी सामने आ रही है और हर कहानी में खतरे की नई आहट साफ सुनाई दे रही है।
