अयातुल्ला खामेनेई की मौ!त से 48 घंटे पहले क्या हुआ था?

ईरान के सर्वोच्च नेता आया अली खामिनई को लेकर। क्या आप जानते हैं कि खामई पर हमले से ठीक 48 घंटे पहले क्या हुआ था? एक ऐसी फोन कॉल जिसने पश्चिम एशिया का इतिहास बदल दिया। इजराइली पीएम बेंजामिन नितन्याहू ने ट्रंप को फोन लगाया और कहा इससे बढ़िया मौका फिर कभी नहीं मिलेगा।

आखिर उस रात दोनों नेताओं के बीच क्या बातचीत हुई थी और क्यों ट्रंप जो युद्ध से बचना चाहते थे अचानक इस बड़े हमले के लिए तैयार हो गए। रॉयर्स की रिपोर्ट में एक बड़ा खुलासा हुआ है।

हमले से करीब दो दिन पहले इंटेलिजेंस ब्रीफिंग से ट्रंप और नेतन्या दोनों को पता चला कि खामई अपने करीबियों के साथ तेहरान के एक परिसर में बड़ी मीटिंग करने वाले हैं। पहले यह मीटिंग शनिवार रात को होनी थी। लेकिन अचानक खुफिया खबर आई कि समय बदल गया है और मीटिंग शनिवार सुबह ही होगी।

नतन्या इस मौके को हाथ से नहीं जाने देना चाहते थे। उन्होंने ट्रंप को तर्क दिया कि खामनाई को खत्म करने और 2024 में ट्रंप की हत्या की रानी साजिशों का बदला लेने का यह सबसे सही वक्त है। याद रहे 2024 में जब ट्रंप उम्मीदवार थे तब ईरान पर उनकी की साजिश रचने के आरोप लगे थे। और वह अक्सर कहते थे कि ईरान के साथ युद्ध नहीं बल्कि कूटनीतिक बातचीत चाहते हैं।

लेकिन पर्दे के पीछे कहानी कुछ और ही चल रही थी। वाइट हाउस के सूत्रों के मुताबिक पिछले साल जब ईरान के कार्यक्रम पर बातचीत फेल हुई तभी से ट्रंप ने सैन्य कारवाही पर विचार करना शुरू कर दिया था।

जून में अमेरिका इजराइल ने मिलकर ईरान के ठिकानों पर हमला भी किया था। लेकिन नतन्या इससे संतुष्ट नहीं थे। वह कुछ बड़ा करना चाहते थे। सीधे सत्ता के शीर्ष पर रहा। नितन्या ने ट्रंप से कहा कि अगर खामन और उनकी लीडरशिप खत्म होती है तो वह इतिहास रच देंगे।

उन्होंने तर्क दिया कि ईरानी जनता खुद इस शासन से तंग आ चुकी है और एक बड़ा हमला होते ही लोग सड़कों पर उतर आएंगे। यही नहीं फरवरी में अपनी वाशिंगटन यात्रा के दौरान नितन्याहू ने ट्रंप को ईरान के बढ़ते कार्यक्रम के बारे में जानकारी दी थी और अमेरिका तक हमला कर सकने के खतरे से भी अवगत कराया था। और अब इस रिपोर्ट में यह दावा किया गया है कि इन दलीलों ने ट्रंप के मन में बैठे युद्ध विरोधी हिचकिचाहट को खत्म कर दिया। आज ईरान की स्थिति पूरी दुनिया के सामने है।

उसे कॉल ने सब बदल दिया। पश्चिम एशिया में जो मंजर दिख रहा है, उसने पूरी दुनिया को एक गहरे संकट में लाकर खड़ा कर दिया है। फिलहाल अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पांच दिनों के सीज फायर का ऐलान किया है। लेकिन यह सीजफायर कब तक टिकेगा?

यह सवाल भी लगातार बना हुआ है और खामिने की मौत से 48 घंटे पहले नतन्या और ट्रंप की जो बातचीत हुई थी जो ट्रंप को फोन पर नितन्या की तरफ से प्लान बताया गया था ]

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