संजय कपूर से करिश्मा कपूर को हर महीने मिलते थे 10 लाख रुपये, अब कैसे चलेगा लोलो का खर्चा ?

संजय कपूर के निधन से करिश्मा कपूर को बड़ा झटका। हर महीने मिलते थे ₹1 लाख। अब कैसे चलेगा करिश्मा और उनके बच्चों का खर्चा? क्या ससुराल वाले लगा देंगे करिश्मा के गुजारा भत्ता पर रोक? क्या संजय की तीसरी बीवी को अब भी मंजूर होगा जायदाद में बंटवारा? 15 साल के बेटे के गुजारा भत्ता पर उठे सवाल। करिश्मा कपूर के एक्स हस्बैंड संजय कपूर के निधन को 5 दिन बीत चुके हैं।

12 जून को दिल के दौरे के चलते उनका निधन हुआ। रिपोर्ट्स के मुताबिक यूके में पोलो खेलते समय यह हादसा हुआ। मौत को 5 दिन बीत चुके हैं। लेकिन 31,000 करोड़ की कंपनी का उत्तराधिकारी कौन होगा? लगभग 10,000 करोड़ की संपत्ति का किस हिसाब से बंटवारा होगा? यह सारे सवाल सोशल मीडिया पर खूब बस बना रहे हैं। इसी बीच एक और सवाल लोगों के दिमाग में चल रहा है जिसका जवाब हम आपके लिए लेकर आए हैं।

वह सवाल है संजय कपूर के निधन के बाद जो गुजारा भत्ता उनके एक्स वाइफ करिश्मा कपूर और उनके दोनों बच्चों को मिलता था। क्या वो गुजारा भत्ता अभी भी करिश्मा को मिलेगा? या उनके ससुराल वाले अपनी मर्जी के चलते वह बंद करा सकते हैं। कुछ तो यह भी बातें कर रहे हैं कि उनकी करंट वाइफ प्रिया सचदेव अब करिश्मा कपूर और उनके बच्चों को एक फूटी कौड़ी नहीं देने वाली। जो भी यह सोच रहा है सब कुछ गलत है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक डिवोर्स के वक्त करिश्मा के एक्स हस्बैंड ने उनके बच्चों के नाम ₹14 करोड़ के बॉन्ड खरीदे थे। जिसके तहत दोनों को हर महीने ₹1 ₹1 लाख का ब्याज मिल रहा है। यह अब भी समायरा और किियान के नाम ही रहेंगे। जिसके चलते उन्हें हर महीने वह ₹1 ₹1 लाख मिलते रहेंगे। इन पैसों पर करिश्मा के ससुराल वाले या उनकी करंट बीवी प्रिया सचदेव का कोई दखल नहीं माना जाएगा।

मिली जानकारी के अनुसार इन ₹1 लाख के अलावा भी अगर किसी और तरह का गुजारा भत्ता भी करिश्मा के दोनों बच्चों को संजय की तरफ से अब तक दिया जाता रहा होगा वह भी उन दोनों बच्चों को जरूर मिलेगा। यही कानून कहता है।

भारत में इस कानून के मुताबिक बच्चों के भरण पोषण का प्रावधान हिंदू विवाह अधिनियम 1955 और अपराधिक प्रक्रिया संहिता की धारा 125 में दिया गया है। बच्चे चाहे वह नाबालिक हो या एडल्ट हो अपने माता-पिता से भरण पोषण पाने के हकदार होते हैं। खासकर जब वह अपनी जरूरतों को पूरा करने में सक्षम ना हो। पिता की निधन के बाद भी बच्चों के भरण-पोषण की जिम्मेदारी उनके कानूनी वारिसों पर आ जाती है। जैसे कि दादा-दादी या उनके बाकी रिश्तेदार जो उनकी संपत्ति का उपयोग कर रहे हैं। और अगर किसी भी वजह से बच्चों को भरण पोषण में कठिनाई हो रही है तो वह अदालत में मुआवजे के लिए आवेदन कर सकते हैं।

तो हां, रिपोर्ट्स के मुताबिक करिश्मा कपूर के दोनों बच्चों को संजय कपूर के निधन के बाद भी उनका गुजारा भत्ता मिलता रहेगा, जब तक वो आर्थिक रूप से सक्षम नहीं हो जाते।

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