14 महीने से लापता था एक्ट्रेस का भाई ,अब मिले है सुराग।

एक्ट्रेस सलीना जेटली पिछले डेढ़ साल से एक बहुत बड़ी मुसीबत में थी। वो अपने भाई मेजर विक्रांत जेटली को ढूंढ रही थी। लेकिन धीरे-धीरे सलीना ने जैसे-जैसे अपने भाई को ढूंढने की कोशिश की उनके सामने पूरी कहानी सामने आई।

सलीना के भाई इंडियन आर्मी से रिटायर्ड थे। रिटायर्ड मेजर विक्रांत जेटली रिटायरमेंट लेने के बाद दुबई शिफ्ट हो गए। जहां पर वह अपने परिवार के साथ रहा करते थे। 2016 से वह दुबई में ही थे और मार्टिटी नाम की एक कंपनी के सीईओ थे जो कि रिस्क मैनेजमेंट संभालती है। पिछले साल 6 सितंबर को सलीना के भाई विक्रांत उनकी पत्नी के साथ दुबई के ही एक मॉल में गए।

जहां से कुछ लोगों ने उन्हें अगवा कर लिया और उसके बाद से ही सलीना अपने भाई को ढूंढ रही है। एक्सटर्नल मिनिस्ट्री में भी सलीना ने बहुत चक्कर काटे तो धीरे-धीरे कहानी सामने आई। बताया गया कि सलीना के भाई को इनिशियली तो मॉल से उठाया गया और उसके बाद यूएई अथॉरिटीज ने उन्हें डिटेन किया है। सलीना ने जब जानना चाहा कि आखिर किस वजह से सलीना के भाई विक्रांत को डिटेन किया गया इसका खुलासा तो खुद सलीना का परिवार भी नहीं कर पाया।

सलीना की भाभी जो विक्रांत के साथ उस दिन मॉल में थी। उन्होंने भी अपनी पिटीशन के तहत लिखा कि एक पुराने केस के तहत उन्हें डिटेन किया गया है। वहीं सलीना ने भी केस की डिटेल्स अभी खोली नहीं है। बताया जा रहा है कि नेशनल सिक्योरिटी के चलते सलीना के भाई विक्रांत जेटली को डिटेन किया गया है। नेशनल सिक्योरिटी में कुछ चीजें आती है जिसमें यूएई में राजनीतिक असहमति, साइबर क्राइम, जासूसी और एक ग्रुप बनाकर कोई क्राइम करना यह सारी चीजें नेशनल सिक्योरिटी के अंतर्गत आती है। अब इनमें से किस बात के लिए सेलीना के भाई को डिटेन किया गया है यह तो क्लियर नहीं हुआ है.

लेकिन पिछले 14 महीनों से सलीना के भाई यूएई अथॉरिटीज के पास है और परिवार उनसे मिल नहीं पा रहा है। परिवार उनसे बात तक नहीं कर पा रहा है और परिवार को उनकी हेल्थ की भी खबर नहीं मिल रही है। साथ ही उन्हें इस डिटेंशन से निकालने के लिए क्या कानूनी प्रक्रिया अपनानी चाहिए इसकी भी क्लेरिटी परिवार को एक्सटर्नल मिनिस्ट्री से नहीं मिल रही थी। सलीना के पैर घिस गए एक्सटर्नल मिनिस्ट्री के चक्कर काटते-काटते लेकिन वहां से भी उन्हें कोई स्यूशन नहीं मिला। जिसके बाद उन्होंने इंडियन कोर्ट का रुख अपनाया। उन्होंने दिल्ली हाई कोर्ट में अर्जी दी और कहा कि मुझे अपने भाई से मिलना है। मुझे अपने भाई की हेल्थ जाननी है।

मुझे अपने भाई से बात करनी है। मेरे भाई को यूएई अथॉरिटीज ने अनऑथोराइज्ड तरीके से डिटेन किया है। और पिछले एक साल में मैं अपने भाई से चार बार ही बात कर पाई हूं। वह भी दूतावास के जरिए मैं पर्सनली डायरेक्ट अपने भाई से मिलना चाहती हूं। उसकी हेल्थ जानना चाहती हूं। साथ ही क्या कानूनी प्रक्रिया हमें अपनानी है जिसके तहत मैं अपने भाई को निकाल सकूं। यह सारी गाइडेंस मुझे चाहिए अथॉरिटीज से। सलीना की सुनवाई आज दिल्ली हाईको में थी और सलीना की इस सुनवाई पर दिल्ली हाईकोर्ट ने एक पॉजिटिव रुख किया है।

उन्होंने चार हफ्ते में सलीना के भाई की जितनी भी डिटेल्स है वो मांगी है एक्सटर्नल मिनिस्ट्री से और यह भी आर्डर दिए हैं कि सलीना और उनके परिवार के लिए व्यवस्था की जाए कि वो उनके भाई से बात कर पाए और उनके भाई से मिल पाए। सलीना ने आज मीडिया से बात करते हुए खुशी जताई है और उन्होंने कहा है कि इंडियन अथॉरिटीज पर ही उन्हें पूरा विश्वास है।

इधर सलीना के भाई विक्रांत जेटली पर जो आरोप लगे हैं वो बेहद सोचने वाले हैं क्योंकि सलीना के भाई एक ट्रू इंडियन है। उनके फोरफादर्स भी आर्मी को सर्व कर चुके हैं। वॉर्स लड़ चुके हैं। फिर चाहे सलीना के दादाजी हो या फिर उनके पिता ही क्यों ना हो। तो सलीना के भाई में भी वही खून है। इसके बावजूद इस तरह के गंभीर आरोप क्यों किस वजह से सलीना के भाई पर लगे हैं? और यह डिटेंशन कितना सख्त है? क्या सलीना के भाई इस डिटेंशन से निकल पाएंगे? या उन्हें यूएई की जेलों में सालों निकालने पड़ेंगे यह तो आने वाले वक्त के साथ ही पता चल पाएगा।

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