हेलमेट से शीशे तोड़े, ईंट से हेडलाइट बीच सड़क लड़की ने तोड़ डाली बुलेट !

हां हो गया। अब छोड़ दो गाड़ी को। नहीं क्यों छोड़ दूं? गाड़ी तोड़ दी आपने। उससे क्या होगा? मेरे को तो ये बता दो। अब आगे मेरी जयपुर की सड़कों पर इन दिनों ट्रैफिक कम और टशन ज्यादा दौड़ रहा है। मामला है 22 गोदाम पुलिया का जहां एक छोटी सी टक्कर ने ब्लॉकबस्टर एक्शन सीन का रूप ले लिया। लड़की के हाथ में हेलमेट और सामने एक बुलेट। अब छोड़ दो गाड़ी को।

नहीं क्यों छोड़ दूं? लड़की पूरी ताकत से पर हेलमेट से प्रहार करती रही। पहले दोनों शीशे तोड़े और फिर हेडलाइट्स। बुला रहे हैं। हां इससे क्या होगा? मेरे को तो ये बता दो। अब आपके मेरी मेरी बात सुनो। आपके ₹1700 का नुकसान के बराबर हो चुका है। हां हो गया। अब छोड़ दो गाड़ी को। नहीं। क्यों छोड़ दूं? और गाड़ी आपने गाड़ी तोड़ दी। गाड़ी तोड़ दी आपने। पत्थर कहां है? रुक जा।

हाथ लगा मेरे। अरुण को बुलाना। इतने से भी लड़की का मन नहीं भरा तो लड़की सड़क किनारे पड़ी ईंट उठा लेती है और बुलेट के हेडलाइट, फ्यूल, टैंक और मीटर पर बारी-बारी से मारती है। लड़का चीखता रहा। अपनी महंगी बाइक को बचाने की मिन्नतें करता रहा। लेकिन लड़की के सिर पर खून सवार था। एक सेकंड है ओ भाई साहब क्या कर रहे हैं? अरे समझाओ गाड़ी तोड़ रही है पत्थर से। ये पुलिस वाले खड़े हुए हैं यहां पे। लेकिन कोई कारवाई नहीं हो रही। देखिए आप पुलिस वाले खड़े हुए हैं।

सर गाड़ी तोड़ रही है मेरी। अब आमतौर पर होता क्या है? हल्की सी टक्कर लगते ही लोग सॉरी बोल देते हैं और मामला खत्म। लेकिन यहां तो कहानी में ट्विस्ट था। जैसे ही स्कूटी और बुलेट का हल्का सा टच हुआ, मैडम का गुस्सा जीरो से सीधा 100 पर पहुंच चुका था। फिर क्या था ना बातचीत, ना बहस और शुरू हो गया बुलेट ब्रेकिंग मिशन। मजा आ रहा है ना तोड़ने में? कर लो। मेरी गाड़ी नुकसान नहीं हुआ है जितने जितने में गाड़ी तोड़ रही है मेरी क्या कह रहा जा सर समझा इनको मेरी गाड़ी तोड़ रही है मैं कर लूंगा मैं पैसा लूंगा पूरा गाड़ी तोड़ने का हेडलाइट टैंक मीटर कुछ भी सुरक्षित नहीं बचा बुलेट बाइक बनी बैटल फील्ड और मैडम बनी वन वुमेन आर्मी बेचारा बाइक बाइक मालिक कभी गाड़ी बचाए कभी खुद को बार-बार कहता रहा मैडम बस करिए लेकिन जवाब मिला जिसको बुलाना है बुला ले मैं नहीं डरती बहुत हो गया पुलिस वाले भी कुछ भी नहीं कर सकते तुम्हारा। इतनी बड़ी हो। इतनी बड़ी हो। कोई फर्क नहीं पड़ता। इतनी बड़ी हो। पुलिस वालों को बुला लो मेरा कोई फर्क नहीं पड़ता। कुछ नहीं भाईजान कहां पर है तू? लेकिन इस पूरी फिल्म का सबसे शर्मनाक हिस्सा भी बाकी था। जिस वक्त युवती सरेआम तोड़फोड़ कर रही थी। कानून की धज्जियां उड़ा रही थी। वहां पास ही ट्रैफिक पुलिस का एक सिपाही खड़ा था। वीडियो में साफ दिख रहा है कि पुलिसकर्मी किसी फिल्म के दर्शक की तरह शांति से खड़ा तमाशा देख रहा है। ना लड़की को रोकने की हिम्मत दिखाई ना कानून का डर। पीड़ित युवक बार-बार पुलिस की ओर इशारा करता रहा लेकिन वर्दी बेबस नजर आई। सवाल उठता है क्या जयपुर की पुलिस अब गुंडागर्दी रोकने के बजाय सिर्फ वीडियो देखने के लिए तैनात है? ओ भाई साहब क्या कर रहे हैं? अरे गाड़ी तोड़ रही है पत्थर से। ये पुलिस वाले खड़े हुए हैं यहां पे। लेकिन कोई कारवाई नहीं हो रही। देखिए आप पुलिस वाले खड़े हुए हैं। सर गाड़ी तोड़ रही है मेरी। मजा आ रहा है ना तोड़ने में? हां कर लो। मेरी गाड़ी में नुकसान नहीं हुआ है। जितने जितने में गाड़ी तोड़ रही है मेरी। क्या मिला? जाओ। सर समझाओ इनको। मेरी तोड़ रही है। ये मैं लूंगा मैं। पैसा लूंगा पूरा गाड़ी तोड़ने का। सड़क पर करीब आधे घंटे तक यह हाई वोल्टेज ड्रामा चलता रहा। इसके बाद मामला पहुंचा सोडाला थाने। युवक न्याय की उम्मीद में अपनी टूटी हुई बुलेट लेकर थाने पहुंचा। लेकिन वहां जो हुआ उसने कानून व्यवस्था पर और बड़ा सवालिया निशाना लगा दिया। सरेआम तोड़फोड़ और उपद्रव के बावजूद पुलिस ने युवती पर कोई सख्त कारवाई नहीं की। समझाइश के नाम पर दोनों पक्षों में समझौता करा दिया गया और मामला रफादफा। तो सवाल बड़ा सीधा है। अगर सड़क पर ही कानून का रियलिटी शो चलेगा तो फिर नियम कौन मानेगा? बहुत हो गया। पुलिस वाले भी कुछ भी नहीं कर सकते तुम्हारा। इतनी बड़ी हो, इतनी बड़ी हो। कोई फर्क नहीं पड़ता। इतनी बड़ी हो। पुलिस वालों को गुलेजी बुला दो मेरा कोई फर्क नहीं पड़ता। कुछ नहीं कर सकता। भाईजान कहां पर है तू? कैमरे पे कैद ये घटना अब बन चुकी है [संगीत] बड़ा सवाल। क्या गुस्सा कानून से ऊपर हो गया है। अब इसी फिल्मी सीन के पीछे की पूरी कहानी भी जान लीजिए। घटना जयपुर के पौश इलाके और व्यवस्तम इलाके 22 गोदाम पुलिया की है। विवाद की शुरुआत महज एक टच से हुई। स्कूटी सवार युवती जा रही थी। तभी पास से गुजर रही एक बुलेट बाइक उसकी स्कूटी से हल्की सी छू गई। आमतौर पर ऐसी बातों पर यह बहस होती है या बात आई गई कर दी जाती है।

लेकिन यहां तो क्लाइमेक्स ही कुछ और था। टक्कर लगते ही लड़की का पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया। उसने आओ देखा नताव देखा। सड़क किनारे से एक भारी भरकमीट उठाई और शुरू हो गया तांडव। सोशल मीडिया पर इस वीडियो ने बहस छेड़ दी। लोग पूछ रहे हैं कि अगर यही काम किसी लड़के ने किया होता तो क्या पुलिस तब भी समझाइश करती? कानून को हाथ में लेने वाली इस एंग्री यंग वूमेन ने ना केवल एक नागरिक की संपत्ति का नुकसान किया बल्कि पुलिस के इकबाल को भी चुनौती दी।

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