हम इजराइल के लिए नहीं मरेंगे.. अमेरिकी सैनिक ने कर दी बगावत।

अमेरिकी संसद के ऊपरी सदन में तब जबरदस्त हंगामा हो गया जब एक पूर्व मरीन यानी पूर्व सैनिक ने बीच में घुस कर जबरदस्त तरीके से अपनी सरकार को आईना दिखाते हुए सवाल पूछा कि इजराइल का आखिर अमेरिकी क्यों लड़े? क्या ट्रंप ने ईरान में युद्ध छेड़कर अपने देश के अंदर एक बड़ी मुसीबत मोल ले ली है? एक ऐसी मुसीबत जिसकी कीमत ना केवल वो बल्कि उनकी पूरी पार्टी आने वाले चुनाव में भारी कीमत के साथ चुकाएगी।

दुनिया की राजनीति इन दिनों अजीब मोड़ पर खड़ी है। अमेरिका ने इजराइल के साथ मिलकर ईरान पर हमला किया और अब यह युद्ध अमेरिका के लिए मुसीबत बनती जा रही है। सोचिए दुनिया का सबसे ताकतवर देश जिसकी संसद को लोकतंत्र का सबसे बड़ा प्रतीक माना जाता है। उसी संसद के अंदर अचानक एक शख्स घुस आता है और वह चीख-चीख कर कहता है कि कोई भी इजराइल के लिए लड़ना नहीं चाहता है। और यह कहने वाला कोई आम प्रदर्शनकारी नहीं था। यह एक पूर्व मरीन सैनिक था। कुछ ही सेकंड में पूरे हॉल में हड़कंप मच गया।

पुलिस दौड़ पड़ी। सांसद उठकर खड़े हो गए और फिर जो हुआ उसका वीडियो पूरी दुनिया में वायरल हो गया। सवाल अब उठ रहे हैं। क्या ट्रंप ने ईरान के साथ टकराव बढ़ाकर अपने ही देश के अंदर एक बड़ी राजनीतिक मुसीबत मोल ले ली है? मिडिल ईस्ट में हालात पहले ही बेहद तनावपूर्ण है। यूनाइटेड स्टेट और इजराइल मिलकर ईरान के ठिकानों पर हमले कर रही है। इस संघर्ष ने पूरी दुनिया की राजनीति को हिला कर रख दिया है। लेकिन अब सबसे दिलचस्प बात यह है कि इस युद्ध को लेकर अमेरिका के अंदर ही विरोध बढ़ने लगा है और उसी विरोध की सबसे बड़ी झलक तब देखने को मिली जब अमेरिकी संसद के ऊपरी सदन में अचानक एक हंगामा खड़ा हो गया।

घटना हुई संयुक्त राज्य अमेरिका की सीनेट में। रिपोर्ट के मुताबिक एक व्यक्ति अचानक अंदर घुस आया। उसने मरीन की यूनिफार्म यानी सैनिक की यूनिफार्म पहनी हुई थी। जैसे ही वह अंदर पहुंचा, उसने जोर-जोर से चिल्लाना शुरू कर दिया। कोई भी इजराइल के लिए लड़ना नहीं चाहता है। यह युद्ध इजराइल का है। अमेरिकियों का नहीं है। कुछ सेकंड के लिए पूरा माहौल सन रह गया। फिर अचानक सुरक्षा अधिकारी सक्रिय हुए। तुरंत पुलिस के अधिकारी आगे बढ़े। वीडियो में देखा जा सकता है कि वह व्यक्ति दरवाजे को पकड़ कर खड़ा हो गया और लगातार चिल्लाता रहा। लेकिन पुलिस ने आखिरकार उसे पकड़ लिया और बाहर ले जाने की कोशिश करने लग गई। रिपोर्ट के मुताबिक वह ग्रीन पार्टी की तरफ से नॉर्थ कैरोलना से सीनेट चुनाव लड़ रहा है।

उस समय यूनिफार्म में था। वीडियो में देखा जा सकता है जैसे ही उसने बोलना शुरू किया कमरे का माहौल अचानक बदल गया। वह दरवाजे को पकड़ कर जोर-जोर से चिल्लाता रहा। कोई भी इजराइल के लिए लड़ना नहीं चाहता है। इजराइल के लिए कोई भी सैनिक अपनी जान नहीं गवाना चाहता है। बस इतना कहना था कि हॉल में हड़कंप मच गया। तुरंत यूनाइटेड स्टेट कैपिटल पुलिस के अधिकारी उसे बाहर निकालने के लिए आगे बढ़े। इस घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल है और लोग अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। इसी के साथ वरिष्ठ पत्रकार डॉ. राकेश पाठक ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है।

उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर इस घटना को लेकर तीखी टिप्पणी की है। उन्होंने लिखा अमेरिका की संसद में युद्ध का विरोध अमेरिका में अब ईरान के खिलाफ युद्ध का विरोध तेज हो गया है। एक पूर्व मरीन सैनिक ने संसद में चिल्लाकर कहा कि इजराइल इस युद्ध का कारण है। कोई भी इजराइल के लिए लड़ना मरना नहीं चाहता।

इतना कहते ही उन्हें पुलिस और एक सांसद द्वारा जबरदस्ती घसीट कर बाहर निकाल दिया गया। वहीं लेखक अशोक कुमार पांडे इस वीडियो को शेयर करते हुए इस मुद्दे को इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए लिखते हैं अमेरिका से ऐसे वीडियोस की बाढ़ आई हुई है जहां पूर्व और वर्तमान सैनिक खुलकर ईरान का विरोध कर रहे हैं और इजराइल के लिए सेना भेजने को गलत बता रहे हैं। वैसे भी अमेरिका में कई सर्वे बताते हैं कि वहां इजराइल का समर्थन लगातार कम होता जा रहा है और अब उसका विरोध करने वाले की संख्या ज्यादा है।

आपको बता दूं कि इससे पहले एक सर्वे से ये खुलासा हुआ था कि अमेरिका में 43% अमेरिकी जो हैं जो वहां के लोग हैं वो नहीं चाहते थे। वो युद्ध का विरोध कर रहे हैं। सर्वे में भाग लेने वाले लगभग आधे लोगों ने कहा कि उनका मानना है कि ट्रंप सैन्य बल का इस्तेमाल करने के लिए बहुत उत्सुक हैं यानी बहुत एक्साइटेड रहते हैं। यह सर्वेक्षण ईरान में अमेरिकी सेना के तीन सैनिकों के मारने की घोषणा से पहले हुआ था। मतलब तब तक उन्हें नहीं पता था कि ईरान पर हमले में अमेरिका को भी नुकसान पहुंच सकता है। और अब एक पूर्व मरीन सैनिक भरी संसद में ट्रंप के इस फैसले पर सवाल उठा रहे हैं और नारे लगा रहे हैं कि इजराइल के लिए नहीं करना चाहते हैं और इजराइल के लिए कोई भी सैनिक अपनी जान नहीं गवाना चाहता।

मध्य पूर्व की राजनीति, ईरान के साथ तनाव और इजराइल के समर्थन की नीति इस सब मुद्दों पर अमेरिका के भीतर भी मतभेद बढ़ते जा रहे हैं। और अब पहली बार ऐसा लग रहा है कि यह बहस सिर्फ टीवी डिबेट तक सीमित नहीं है बल्कि संसद के अंदर तक पहुंच गई है।

यानी जिस देश में बाकी दुनिया को लोकतंत्र का पाठ पढ़ाया जाता है। वहीं संसद के अंदर युद्ध का विरोध करने वाले एक पूर्व सैनिक को घसीट कर बाहर निकाल दिया जाता है। तो सोचिए अगर इतने लोग कह रहे हैं कि यह युद्ध गलत है तो ट्रम्प कितनी बुरी तरह से राजनीतिक तौर पर फंस गए हैं और साथ में उनकी पार्टी भी अब इस युद्ध में फंसती हुई दिखाई दे रही है।

फिलहाल जिस तरह से यह वीडियो इस समय सोशल मीडिया पे वायरल है और लोग इस वीडियो को शेयर करते हुए अपनी-अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं और इस दौरान यह

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