ईरान को कितना ताकतवर बना गए खामनेई ?

अमेरिका और इजराइल पर ईरान ने जवाबी और ड्रोन हमले किए जिसके बाद को लेकर चर्चा तेज हो गई। सवाल है कि क्या ईरान के पास अभी भी है? अंतरराष्ट्रीय निगरानी एजेंसी यानी कि का मानना है कि ईरान का परमाणु कार्यक्रम मौजूद है।

लेकिन वैज्ञानिक रूप से वह अभी नहीं मानता कि उसके पास सयार है। हालांकि ईरान का संवर्धन काफी उन्नत स्तर पर पहुंच चुका है। जिससे संभावित रूप से कुछ बनाने की क्षमता आ सकती है। कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक ईरान के पास इतना है कि वो लगभग 6 से 10 तक बना सकता है। अगर उसे उच्च शुद्धताएं यानी कि 90% तक संवर्धित किया जाए। लेकिन यह अब तक एक अनुमान है।

इसकी पुष्टि नहीं है। आसान शब्दों में कहें तो ईरान अभी नहीं रखता लेकिन तैयार करने की क्षमता तकनीकी रूप से उसके करीब हो सकती है। बता दें कि दुनिया में मुख्य रूप से नौ देशों के पास ही हैं। रूस के पास करीब 5400, अमेरिका के पास 5300, चीन के पास 600, फ्रांस के पास 290, ब्रिटेन के पास 225, भारत के पास करीब 170 से 180, पाकिस्तान के पास 170, उत्तर कोरिया के पास 50, जो कि अभी अनिश्चित हैं और इजराइल के पास भी 90 हैं जो कि अभी अनुमानित हैं।

अभी तक ईरान ने कोई नहीं किया और आधिकारिक तौर पर कोई हथियार घोषित नहीं किया। लेकिन उसके पास संवर्धित यूरेनियम इतना है कि अगर वो चाहे वो कुछ बम बनाने की क्षमता तक आ सकता है। अगर हम सिर्फ मिडिल ईस्ट देशों की बात करें तो उनके पास नहीं है। सऊदी अरब के पास परमाणु हथियार नहीं है।

हालांकि उसने कहा है कि अगर ईरान परमाणु हथियार बनाता है तो वह भी कदम उठा सकता है। कुछ रिपोर्ट्स में पाकिस्तान से संभावित सहयोग की चर्चा होती है लेकिन आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं। तुर्की के पास भी कोई हेड नहीं है। तुर्की के पास अपने नहीं है। लेकिन नाटो सदस्य होने के कारण अमेरिका के कुछ तुर्की के बेस पर तैनात हो सकते हैं। वो तुर्की के नहीं बल्कि अमेरिका के नियंत्रण में होते हैं।

मिडिल ईस्ट में संयुक्त अरब, अमीरात, क़तर, कुवैत, जॉर्डन, इराक, सीरिया, मिस्र इन सब देशों के पास अभी नहीं है। कुछ देशों के पास ऊर्जा कार्यक्रम है जैसे कि यूएई लेकिन वह बिजली उत्पादन के लिए हैं। कुल मिलाकर मिडिल ईस्ट में केवल इजराइल के पास माने जाते हैं जो कि 80 से 90 के बीच है। ईरान के पास अभी हथियार नहीं है लेकिन उसकी क्षमता पर दुनिया की नजरें हैं। बाकी सभी मिडिल ईस्ट देशों के पास एक भी न्यूक्लियर वॉर हेड अभी तक नहीं है।

Leave a Comment