इरान के जवाब से ट्रंप के उड़े होश, किस बात से घबराया अमेरिका!

ट्रंप कल कह रहे थे कि हम जमीनी फौज ईरान भेज रहे हैं। आज सुबह उठे तो ट्रंप ने बोला कि नहीं नहीं ट्रंप ने बाकायदा प्रेस कॉन्फ्रेंस किया। उन्होंने कहा कि हम जमीनी फौज नहीं भेज रहे हैं। पहले ट्रंप ने यह ऐलान किया था कि यह जंग महज तीन या चार दिन चलेगी। फिर ट्रंप का बयान आता है कि असल में चार हफ्ते भी इस में लग सकते हैं। और अब ताजा बयान ट्रंप का आया है। उन्होंने कहा कि हो सकता है छ महीने भी इस जंग में लग जाए तो ट्रंप कितने डरे हुए हैं या ट्रंप कितने कंफ्यूज.

हैं यह दरअसल उनके बयानों से जाहिर हो रहा है। शुरू में बड़े जोश से ट्रंप ने कहा था कि हम रिजीम चेंज करेंगे। यानी हम इराक में ईरान में सत्ता बदल के रख देंगे। यहां की लीडरशिप बदल के रख देंगे। और थोड़ी देर के बाद फिर वजाहत आती है ट्रंप की तरफ से, ईरान की तरफ से, अमेरिका की तरफ से कि नहीं नहीं रिजीम चेंज हमारा मकसद नहीं है। फिर ईरानी लोगों को मशवरा दिया कि भाई ईरान में खुद ही आप लोग हुकूमत गिरा दो। खुद ईरान के खिलाफ एहतेजाज करो। अपनी सरकार के खिलाफ एहतजाज करो और खुद से अपनी हुकूमत गिरा दो

। और अब ट्रंप फरमाते हैं ट्रंप का कहना है कि जिसे लाना है ले आओ बस खामनाई के बेटे को ना लाओ। तो अब इस तरह से लगातार बयान बदल रहे हैं।

जब से ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्ला अली खामनाई की शहादत के बाद यह ऐलान किया गया कि अब ईरान के सुप्रीम लीडर दरअसल मुस्तफा खामनाई जो कि ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्ला अली खामनाई के बेटे हैं। उन्हें अब ईरान का सुप्रीम लीडर बनाया गया है। तो अब उस पर भी अब डोनाल्ड ट्रंप दरअसल घबराए हुए हैं। डोनल्ड ट्रंप का अब बयान बदल गया है और वह कहते हैं कि अब जिसे लाना हो ले आओ।

बस खामनाई के बेटे को मत लाना। तो पिछली जंग में ये दावा था कि हमने ईरान की एटमी सलाहियत खत्म कर दी है। दरअसल ये वो तमाम झूठ ये दरअसल अमेरिका और इजराइल का डर उसका खौफ हम आपको बता रहे हैं कि कहां-कहां पर और किस तरह से अमेरिका डरा हुआ है। डोन्ड ट्रंप कितने कंफ्यूज हैं। डोन्ड ट्रंप तो अब अपने ऑफिस में पादरियों को बुलाकर दुआ भी करा रहे हैं कि किसी तरह से वह जंग में जीत जाएं क्योंकि वह जंग में पूरी तरह से फंस चुके हैं। आपको याद होगा कि जब पिछली जंग इज़राइल की 12 दिनों की ईरान के साथ हुई थी।

इज़राइल ने अचानक ईरान पर हमला किया था। उस बीच क्या दावा अमेरिका ने किया था। उस बीच भी अमेरिका ने दावा किया था कि हमने ईरान की एटमी सलाहियत खत्म कर दी है। ईरान के बी टू जो बमबर है उन्होंने अशफहान या दूसरी जो जगह ईरान के अंदर है जो दरअसल पहाड़ी के नीचे पूरी एक टनल बनी हुई है और उसमें ईरान का एटमी जो हथियार हैं वो तैयार किए जा रहे हैं। तो अमेरिका ने दावा किया था कि हमारे बी टू बंब ने यानी अमेकी बी टू बंब ने दरअसल असफहान के अंदर जाकर ज़रे जमीन जो टनल है वहां पर ईरान के एटमी सलाहियत को खत्म कर दिया है।

लेकिन अब नई कहानी है। नई कहानी यह है कि डोनल्ड ट्रंप ये कहते हैं और इजराइल ये कहता है कि अगर हम यह हमला ना करते तो दो हफ्तों में ईरान एटम बम बना लेता। तो अब इस तरह से बयान बदला जा रहा है। यह दरअसल झूठ है अमेरिका का और डोन्ड ट्रंप का झूठ है और या यह कहा जाए कि ये सिर्फ एटम बम या एटमी जो हथियार और तनसीबात हैं ये तो दरअसल बहाना है और यह झूठ भी दुनिया ने देख लिया है। आप देखिए कि कल तक प्रेस कॉन्फ्रेंस में सीना तान कर कह रहे थे डोनाल्ड ट्रंप कि हम जंग जीत रहे हैं। और आज खबर आई है कि पादरी जो पादरी हैं उनको अभी एक तरह से डोन्ड ट्रंप के ऑफिस में बुला लिया गया है और उनसे दुआ करा रहे हैं डोनाल्ड ट्रंप कि मुझे अब ईरान कहीं ना कहीं मार देगा यानी उनको अपनी जान का एक तरह से ईरान से खतरा हो गया है और ऐसे में अब वो पादरियों से बाकायदा इस को जीतने के लिए दुआएं भी करा रहे हैं। तो कितनी तेजी से एक डर और खौफ दुश्मन के अंदर बढ़ता जा रहा है, वह दरअसल इसे दिखाता है।

और अब आप देखिए कि इस को लेकर जहां पर बड़े-बड़े दावे अमेरिका और इजराइल की तरफ से किए जा रहे थे कि ये जंग इतनी जल्दी खत्म हो जाएगी। ईरान को हम नेस्तोनाबूद कर देंगे, तौबा बर्बाद कर देंगे। यह सारी चीजें अब एक तरफ उठाकर और इस वक्त जो जंग का मंजरनामा है उस पर आप नजर दौड़ाइए। एक तन्हा ईरान और पूरे मशके वस्ता में एक तरह से ईरान ने कोहराम मचा दिया है। आज इजराइल के तलाबीब में आप देखिए कि लोग किस तरह से डरे और घबराए हैं। किस तरह से तलाबीब के अंदर लगातार हमले ईरान की तरफ से किए जा रहे हैं। अज़रबजान तक अब महफूज़ नहीं है।

सऊदी अरब भी अब एक तरह से महफूज़ नहीं है। और जितने मिडिल ईस्ट के जो इलाके और जहांजहां पर अमेरिका की तसीबात हैं, एयरबेस हैं, उन सबको ईरान अकेले दम पर अब एक तरह से साध रहा है। और इस जंग में जहां पर दुनिया की बड़ी ताकतें मौजूद हैं। एक तरफ एक तरफ पूरा मिडिल ईस्ट ईरान के खिलाफ है। अज़र भाईजान, सऊदी अरब और कब्रिज जैसे मुल्क एक तरह से ईरान के खिलाफ खड़े हैं। वहीं ईरान इस जंग में तनहा जरूर है। लेकिन दुश्मनों के ईरान ने दांत पूरी तरह से खट्टे कर दिए

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