ईरान से THANK YOU भाई क्यों बोला पाकिस्तान?

क्या अमेरिकी मीडिया ईरान से जुड़े मामलों को गलत तरीके से पेश कर रहा है ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराशी तो यही आरोप लगा रहे हैं। क्यों? वो इसलिए क्योंकि अमेरिका के बड़े अखबारों में से एक वॉलस्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट में दावा किया गया कि तेहरान ने इस्लामाबाद में अमेरिका से बात करने से इंकार कर दिया है। इसे अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव कम करने के लिए की जा रही डिप्लोमेटिक कोशिशों को एक बड़ा झटका माना गया।

आप इस बात से वाकिफ ही होंगे कि पाकिस्तान इन दोनों देशों के बीच मध्यस्था यानी कि मिडिएटर की रोल निभा रहा था और मध्यस्था कराने की कोशिश कर रहा था। खैर इन दावों के बाद ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराची का एक ट्वीट आया जो अलग ही कहानी बयां कर रहा था। पोस्ट में पाकिस्तान की कोशिशों की तारीफ की गई।

अराची ने कहा कि अमेरिकी मीडिया ईरान की बातों को गलत तरीके से पेश कर रहा है। हम पाकिस्तान की कोशिशों के लिए दिल से शुक्रगुजार हैं और हमने कभी यह नहीं कहा कि हम इस्लामाबाद नहीं जाएंगे। हमारी असली चिंता यह है कि हम पर थोपी गई इस गैर कानूनी जंग का एक साफ, ठोस और हमेशा के लिए खत्म होने वाला हल निकले। ईरान की तरफ से आए ऐसे प्रेम भरे संदेश से पाकिस्तान की बांछे खिल गई। पाकिस्तान के डिप्टी प्राइम मिनिस्टर और फॉरेन मिनिस्टर इसहाक डार ने गदगद होकर अरा के पोस्ट पर रिप्लाई किया। लिखा कि आपकी इस सफाई के लिए दिल से धन्यवाद मेरे प्रिय भाई अरा।

दरअसल पाकिस्तान, तुर्की और मिस्र बीते कुछ समय से अमेरिका और ईरान के बीच बैक चैनल डिप्लोमेसी में लगे हुए थे। 29 मार्च को इस्लामाबाद में इन देशों के विदेश मंत्रियों के बीच बैठक भी हुई जिसमें सऊदी अरब भी शामिल हुआ था। इस बैठक में वाशिंगटन और तेहरान के बीच सीधी बातचीत की उम्मीद जताई गई थी। अब वापस वॉलस्ट्रीट जनरल की रिपोर्ट पर आते हैं। रपर्ट में कहा गया कि मिडिएटर्स ने बताया कि ईरान ने उन्हें आधिकारिक तौर पर बता दिया है कि वह आने वाले दिनों में इस्लामाबाद में अमेरिकी अधिकारियों से मिलने को तैयार नहीं है।

और यह भी कहा कि अमेरिका की मांगे कुूल करने लायक भी नहीं है। दूसरी तरफ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि अमेरिका ईरान के साथ बातचीत कर रहा है। उन्होंने कहा कि हम उस बातचीत में बहुत अच्छा कर रहे हैं। हालांकि उन्होंने इसके बारे में बहुत ज्यादा जानकारी नहीं दी है। इससे पहले 30 मार्च को मुंबई में मौजूद ईरानी एंबेसी के अकाउंट से एक ट्वीट किया गया था। जिसमें विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा था कि अमेरिका के साथ कोई सीधी बातचीत नहीं हो रही है। जो भी बात हो रही है वो सिर्फ बीच के लोगों के जरिए हो रही है और उनमें बहुत ज्यादा और गलत मांगे रखी जा रही हैं।

अमेरिका की बातचीत करने की नीति बार-बार बदलती रहती है। लेकिन हमारा रुख साफ और एक जैसा है। पाकिस्तान जो मीटिंग या बातचीत कर रहा है वो उसका अपना मंच है। हम उसमें शामिल नहीं हुए हैं। आसपास के देश अगर जंग खत्म करने की अपील कर रहे हैं तो वह ठीक है। लेकिन यह भी याद रखना चाहिए कि यह लड़ाई किसने शुरू की थी।

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