धर्म बदला… ईरानी अफसरों का किया ‘शिकार’, हसीन मोसाद एजेंट की पूरी कहानी।

मुसाद कितना खतरनाक है। कितनी प्रिसाइज इंफॉर्मेशन इसके पास रहती है और इसीलिए सटीक तरीके से अटैक कर पाता है। इससे तो सब वाकिफ है। लेकिन आज की कहानी उस कातिल हसीना की जिसने अफसरों के घर में घुसकर इंफॉर्मेशन इकट्ठी की और ईरान की तबाही का कारण बन गई। आज बात कैथरीन पेरेस शाकिद की।

ईरान में कई मुसाद एजेंट्स सालों से मौजूद हैं। यह स्लीपर सेल्स की तरह काम करते रहते हैं और जरूरत पड़ने पर एक्टिव हो जाते हैं। बड़े-बड़े ऑपरेशंस को अंजाम देते हैं और फिर गायब हो जाते हैं। ऐसी ही चौंका देने वाली कहानी है मुसाद एजेंट कैथरीन पेरिस शाकिब की जिसने ईरान में शिया धर्म अपनाया। बड़े-बड़े अफसरों के घर तक जा पहुंची। जानकारियां चुराई और ईरान के पतन का कारण बन गई और उसके बाद गायब हो गई।

कैथरीन पेरेज़ असल में फ्रेंच ज हैं। लेकिन एज मुसाद एजेंट उसने सिर्फ अपना कर्म किया। उसने बड़ी ही चालाकी से 2 साल पहले ईरान में एंट्री ले ली। शिया बनने के बाद अपनी चतुराई से बड़े-बड़े अफसरों की बीवियों को अपना खास दोस्त बना लिया और इसके बाद उसका काम आसान हो गया था।

कैथरीन की पहुंच इन अफसरों के घरों तक यहां तक कि बेडरूम्स तक जो हो चुकी थी और वहां से इसने चुराई सीक्रेट इंफॉर्मेशन। वो घर जहां लोगों की अच्छी तरह चेकिंग होती है, मोबाइल फोंस को खंगाला जाता है, वहां कैथरीन भरोसे की मेहमान थी। और इसीलिए इंफॉर्मेशन को मुसाद हेडक्वार्टर्स पहुंचाना बहुत ही आसान हो गया था कैथरीन के लिए। ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते हुए तनाव को देखकर अफसरों ने अपने ठिकाने बदल लिए थे। अब इन्हें लगने लगा था कि वे सेफ हैं। लेकिन फिर भी बहुत ही सटीक हुए क्योंकि इन चेंजेस की खबर कैथरीन को पहले से थी। यहां खिंचवाई हुई तस्वीरें मुसाद के पास पहले से ही थी।

इसी वजह से इंफॉर्मेशन की कमी नहीं थी मुसाद को। जब तक यह सब ईरान को पता चलता तब तक देर हो चुकी थी। अपना काम करने के बाद अब कैथरीन गायब है। ईरान ने कैथरीन के कई पोस्टर्स देश में लगाए हुए हैं कि कोई उसका पता ला कर दे लेकिन उसे कोई ट्रेस नहीं कर पा रहा।

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