ईरान एंबेसी ने जमकर उड़ाया ट्रंप का मजाक।

ईरान में चल रही है लेकिन जमीन आसमान के साथ-साथ Twitter या एक्स पर भी मोर्चा खुला हुआ है। एक तरफ यूएस का F1-15 ई ईगल गिरा है। दूसरी तरफ पूरी दुनिया देख रही है कि सुपर पावर अमेरिका इस वक्त असल में फाइंड माय पायलट मुहिम पर अटका दिख रहा है। ईरान के खिलाफ अपनी जंग की शुरुआत में अमेरिका और इजराइल ने जो कहानी लिखी थी उसका टाइटल था रिजीम चेंज इन तेहरान।

यानी ईरान में सत्ता परिवर्तन। लेकिन एक महीने बाद ईरान ने अमेरिका की ही तरफ से इस कहानी का टाइटल बदल दिया है। नया टाइटल ईरान ने रखा है। हमारा पायलट ढूंढ दो प्लीज। अमेरिकी पायलट। ये ईरान ने अमेरिका की तरफ से किया है। आसान भाषा में कहें तो ईरान ने यूएस को एक बार फिर से बुरा ट्रोल कर दिया है। ट्रोलिंग का ये नया एपिसोड तब आया है जब ईरान ने अमेरिका का एक F1-15 ई फाइटर जेट गिरा दिया है। इस टू सीटर जेट में यूएस के दो क्रू मेंबर्स सवार थे। एक को यूएस फोर्सेस ने कथित तौर पर रेस्क्यू कर लिया है।

जबकि दूसरे की तलाश अभी भी अमेरिकी एजेंसियां कर रही हैं। यूएस ऑफिशियल्स के हवाले से रिपोर्ट्स बताती हैं कि ब्लैक हॉक हेलीकॉप्टर C130 और दूसरे सर्च एंड रेस्क्यू प्लेटफॉर्म्स ईरान के अंदर गहराई तक जाकर मिसिंग ट्रू की तलाश में लगे हुए हैं। जबकि इसी वक्त यूएस इजराइल की तरफ से ईरान पर भी जारी है। इसे लेकर वाइट हाउस प्रेस सेक्रेटरी कैरोलाइन लेविट ने कंफर्म किया कि प्रेसिडेंट डोनल्ड ट्रंप को F-15 ई के गिरने और पायलट्स की स्थिति ब्रीफ कर दी गई है। इन्हीं ब्रीफिंग्स और सर्च ऑपरेशंस के बीच आता है।

ईरानी संसद के स्पीकर का रिएक्शन। स्पीकर मोहम्मद बगेर गालिबाफ़ ने अपने एक्स अकाउंट से एक पोस्ट की जिसने इस पूरी सीरियस स्टोरी को मीम में बदल दिया। ईरानी संसद के स्पीकर गालिबाफ़ ने अंग्रेजी में अमेरिका को ट्रोल करते हुए तंजिया अंदाज में लिखा। ईरान को लगातार 37 बार हराने के बाद बगैर किसी रणनीति के शुरू की गई यह शानदार जंग अब सत्ता परिवर्तन से सिमट कर हे कोई हमारा पायलट ढूंढ देगा प्लीज तक आ गई है। वाओ क्या लाजवाब प्रोग्रेस है। एकदम जीनियस लोग।

गालिबा की सोशल मीडिया स्टाइल पर एनबीसी और दूसरे इंटरनेशनल आउटलेट्स पहले ही लिख चुके हैं कि वो ट्रंप की ही तरह मीम्स और चुटीले तंजों से जवाब देने वाले नए ईरानी पब्लिक प्लेस बनकर उभरे हैं। फर्क बस इतना है कि एक जमाने में ट्रंप सुबह उठकर फायर एंड फ्यूरी ट्वीट करते थे। आज गालिबाफ रात में बैठकर फाइंड योर पायलट मीम लिख रहे हैं। फिर जो मीम्स की कड़ी शुरू हुई तो लंबी चली। दुनिया भर में मौजूद ईरानियन एंबेसीज ने इससे रिलेटेड मीम्स पोस्ट किए। उनकी ओर बढ़ने से पहले अमेरिकन पायलट से जुड़ी खबर के कुछ और डिटेल्स आपके सामने रखना जरूरी है। तो पहले उन पर बात करते हैं। ईरान से आई रिपोर्ट्स कहती है कि इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर यानी आईआरजीसी से जुड़े सर्कल्स और कुछ बड़े बिजनेसमैन खुलेआम यह ऐलान कर रहे हैं कि जो भी उस अमेरिकी पायलट को ढूंढकर डिफेंस फोर्सेस के हवाले करेगा उसे नकद इनाम दिया जाएगा कैश प्राइस मनी। और बिजनेसमैन कहां के? तेहरान या ईरान के।

हालांकि मलबे की तस्वीरें दिखाकर यह भी दावा किया जा रहा है कि मिसिंग पायलट पहले ही मारा जा चुका है। लेकिन यूएस अभी भी उसे आधिकारिक तौर पर मिसिंग ही मानकर यानी गुमशुदा मानकर रेस्क्यू मिशन चला रहा है। युद्ध की भाषा में इसे कॉम्बैट सर्च एंड रेस्क्यू कहते हैं। लेकिन सोशल मीडिया की भाषा में उसे इस वक्त सीधा-सीधा हाइड एंड सीक ईरान एडिशन कहा जा रहा है मीम की भाषा में। वैसे तो ईरान के अंदर इंटरनेट लगभग बंद है। इसलिए वहां की लोकल स्लैंग्स मजाक मीम्स हमें सीधे-सीधे नहीं दिख रहे। लेकिन दुनिया भर में फैली तेहरान की एंबेसीज ही एक तरह से मीम फैक्ट्री बन चुकी हैं।

भारत में लोकेटेड ईरानी दूतावास ने एक्स हैंडल से एक एआई जनरेटेड मीम शेयर किया। इस मीम में अमेरिकी पायलट भागते हुए दिख रहा है और पीछे हथियार लिए ईरानी लोग उसे पकड़ने के लिए दौड़ रहे हैं। कैप्शन ईरान में फिलहाल ये चल रहा है। ये पोस्ट ईरान की न्यू दिल्ली एंबेसी ने ईरान की थाईलैंड एंबेसी के एक पोस्ट को रिशेयर करते हुए लिखा है। यानी लिस्ट में दो एंबेसीज यहां पर जुड़ जाती हैं। फिर आता है मुंबई के ईरानियन कंसिलेट की बारी। मुंबई के ईरानियन कंसोलेट ने रेस्क्यू हेलीकॉप्टर्स की इन फ्लाइट रिफ्यूलिंग वाली तस्वीर डाली। साथ में लिखा ईरान के आसमान में अपाचे हेलीकॉप्टर्स में ईंधन भरा जा रहा है। सावधान थोड़ा और करीब आए तो तुम हमारी नजर में आ सकते हो। जिंबाब्व वाले दूतावास ने भागते पायलट वाला मीम डालकर सिर्फ तीन शब्द लिखे।

भागो बस भागो। वहीं अफगानिस्तान में ईरान के कंसोलेट ने तो अपनी मेहमान नवाजी भी ऑफर कर दी। भागते पायलट की फोटो के साथ कैप्शन में लिखा रुको हम तुम्हें कबाब खिलाएंगे। कुल मिलाकर दुनिया भर में लोकेटेड ईरानी एंबेसीज के पास इस वक्त दो काम है। ऑफलाइन में डिप्लोमेसी और ऑनलाइन में अमेरिका इजराइल की क्रोलिंग।

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