क्या भारत में महंगाई की लहर आने वाली है क्या भारत में बेतहाशा बढ़ेंगे पेट्रोल और तेल के दाम दरअसल दुनिया इस वक्त ईरान इजराइल की जंग में उलझी हुई है जिसका असर पूरी दुनिया पर पड़ रहा है हमले के बाद से लगातार तेल के दाम आसमान पर चढ़ने लगे हैं सिर्फ मिडिल ईस्ट ही नहीं बल्कि दुनिया भर के देशों में अब महंगाई अपने असली रूप में आने वाली है ईरान इजराइल की जंग का असर भारत में बैठे आप लोगों पर भी पड़ने वाला है आपकी रसोई में रखे सामान से लेकर पहनने वाले कपड़े और डीजल पेट्रोल सब महंगे होने वाले हैं.
दरअसल भारत के पास तेल दो जगहों से आता है एक लाल सागर और दूसरा हॉर्मोस जलडमू मध्य के रास्ते से लेकिन इन दोनों ही जगहों पर इस समय तनाव है ईरान जैसे ही हॉर्मोस जलडमरू मध्य को बंद करेगा वैसे ही भारत में तेल के दाम और ज्यादा तेजी से बढ़ने लगेंगे जिसका असर अभी से दिखने लगा है.
हॉर्मोस जलडमरू मध्य कितना जरूरी है इसका अंदाजा आप इस बात से लगा सकते हैं कि अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने चीन से आग्रह किया है कि वे ईरान को इस मार्ग को बंद करने से रोके आपको बता दें कि भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा तेल आयातक है और चौथा सबसे बड़ा गैस खरीदार है यानी अगर ईरान इजराइल संघर्ष चलता रहा तो हिंदुस्तान के लोगों को महंगाई का सामना करना पड़ेगा आइए जानते हैं भारत पर इसका कैसे असर पड़ेगा दरअसल भारत पहले 27 देशों से तेल मंगाता था अब 40 देशों से आयात होता है भारत प्रतिदिन 5.6 मिलियन बैरल कच्चा तेल आयात करता है.
इसमें से करीब 1ढ़ से 2 मिलियन बैरल हॉर्मोस जलडमू मध्य के रास्ते से आता है जलडमू मध्य बंद होने की खबरों के बीच भारत में तेल के दाम बढ़ गए हैं सोमवार को तेल का भाव जनवरी के बाद उच्चतम स्तर पर पहुंच गया ब्रांड क्रूज फ्यूचर्स का दाम $1.91 तक उछल गया उछाल के बाद $78.9 पर पहुंच गया यूएस वेस्ट एक्सेस इंटरमीडिएट क्रूड में 1.89 की बढ़ोतरी हुई 2.56% की बढ़ोतरी के बाद रेट 75.7 तक पहुंच गया.
आज इनकी कीमतों में 3% का उछाल देखने को मिला था जिसकी वजह से भाव 81.4 और 78.4 पहुंच गया यह 5 महीने का उच्चतम स्तर है अगर उन देशों की बात करें जिनसे भारत सबसे ज्यादा तेल खरीदता है तो उनमें इराक संयुक्त राज्य अमेरिका नाइजीरिया सऊदी अरब संयुक्त अरब अमीरात का नाम शामिल है इराक भारत के लिए कितना जरूरी है ऐसे समझिए कि भारत के कच्चे तेल आपूर्ति में रूस का नाम सबसे ऊपर आता है इसके बाद इराक का ही नंबर है जिससे भारत ने मई में 8,300 बैरल प्रतिदिन कच्चे तेल का आयात किया सऊदी अरब से भारत ने मई में 5600 बैरल प्रतिदिन का आयात किया इसके अलावा यूएई से 2 3000 बैरल प्रतिदिन और यूएस से 138000 बैरल प्रतिदिन कच्चे तेल का आयात किया ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव के अजय श्रीवास्तव का कहना है कि भारत क्रूड का दो तिहाई और करीब आधा एलएनजी हॉर्मोस गलियारे के रास्ते आयात करता है लाल सागर में स्थिति बिगड़ रही है इससे भारत से पश्चिमी देशों को निर्यात प्रभावित होगा यदि शिप केप ऑफ गुड होप के रास्ते मोड़ने पड़े तो डिलीवरी दो हफ्ते देरी से होगी.
भारतीय निर्यातकों की लागत बढ़ेगी भारतीय नौसेना के पूर्व प्रवक्ता कैप्टन डी के शर्मा ने भी कहा हॉर्मोस जलडमू मध्य को अवरुद्ध करने की ईरान की धमकी से वैश्विक तेल व्यापार में महत्वपूर्ण व्यवधान उत्पन्न हो सकते हैं क्षेत्र में बढ़ते तनाव के कारण पहले से ही तेल की कीमतों में उछाल आने की आशंका है ऐसे में अगर ईरान जवाबी कारवाई करता है तो कीमतें 80 से $90 प्रति बैरल या यहां तक कि $ प्रति बैरल तक पहुंच सकती है क्षेत्रीय देशों की मुद्राओं में काफी अस्थिरता भी आ सकती है और निवेशक अन्य स्थिर बाजार की ओर रुख कर सकते हैं जिसका क्षेत्र की आर्थिक वृद्धि पर प्रभाव पड़ सकता है हालांकि भारत में तेल संकट को लेकर पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कीमत के बारे में अनुमान लगाना बहुत मुश्किल है लंबे समय तक तेल की कीमत 65 से 70 के बीच थी फिर यह 70 से 75 के बीच हो गई लेकिन जैसा कि मैं लंबे समय से कह रहा हूं वैश्विक बाजारों में पर्याप्त तेल उपलब्ध है वैश्विक बाजारों में ज्यादा से ज्यादा तेल आ रहा है खासकर पश्चिमी गोलार्ध से यहां तक कि पारंपरिक आपूर्ति भी आपूर्ति बनाए रखने में रुचि लेंगे क्योंकि उन्हें भी राजस्व की आवश्यकता होती है इसलिए उम्मीद है कि बाजार इसे ध्यान में रखें अगर यह जंग लंबी चली तो इराक जॉर्डन लेबनान सीरिया और यमन सहित पश्चिमी एशियाई देशों के साथ भारत का व्यापार पर तगड़ा असर पड़ेगा भारत इनसे 8.6 अरब डॉलर का निर्यात और 33.1 अरब डॉलर का आयात करता है हॉर्मोस मार्ग के बंद होने से माल ढुलाई भी बढ़ेगी कच्चे तेल का हर चौथा जहाज यहीं से आता है दुनिया भर में रोजाना 30% तेल की आपूर्ति यहीं से होती है यानी हॉर्मोस का बंद होना हिंदुस्तान के लिए खतरे की घंटी है.
लेकिन भारत के पास इराक के अलावा तेल के लिए क्या विकल्प हैं एक बार इस पर भी गौर कर लेते हैं भारत अब रूस अमेरिका और ब्राजील से भी कच्चा तेल मंगा रहा है रूस अपना तेल स्वेज नहर केप ऑफ गुड होप या प्रशांत महासागर से भेजता है जानकारी के मुताबिक भारत का 38% कच्चा तेल रूस से आ रहा है.
भारत लिक्विफायर नेचुरल गैस एलएनजी कतर से आयात करता है और क़तर भी गैस भेजने के लिए हॉर्मोस जलडंबू मध्य का प्रयोग नहीं करता वहीं भारत के पास एलएनजी आयात के लिए ऑस्ट्रेलिया अमेरिका और ब्राजील भी विकल्प हैं अगर हॉर्मोस जलडमू मध्य बंद की जाती है तो भारत पश्चिम अफ्रीका और अन्य क्षेत्रों से भी तेल मंगा सकता है लेकिन अब देखना होगा कि आने वाले वक्त में यह लड़ाई भारतीयों के लिए कैसे दिन लेकर आएगी
