समथिंग बट देव ओपन इट अप दे हैव टू ओपन अप स्ट्रेट ऑफ़ ट्रंप आई मीन हार्मोन्स डोनाल्ड ट्रंप सुबह उठते हैं जो मन में आता है कह देते हैं ये उनकी रोजमर्रा की जिंदगी का एक अहम टास्क बन गया है।
इस बार दुनिया के सबसे अहम तेल रास्ते यानी कि स्टेट ऑफ हॉर्मोस को ट्रंप ने स्ट्रेट ऑफ ट्रंप कह दिया। तो बात कुछ यूं है कि 27 मार्च को मायामी में हुए फ्यूचर इन्वेस्टमेंट इनिशिएटिव में ट्रंप दे रहे थे। बात चल रही थी ईरान और की।
तभी उन्होंने कहा कि ईरान को स्ट्रेट ऑफ ट्रंप मेरा मतलब है हॉर्मोस खोल देना चाहिए। इतना ही कहते वहां मौजूद लोग हंस पड़े। फिर ट्रंप ने खुद ही अपनी बात पर कहा माफ कीजिए बहुत बड़ी गलती हो गई लेकिन अगले ही पल उन्होंने कहा कि फेक न्यूज़ कहेगी कि मैंने गलती से कहा लेकिन मेरे साथ ऐसा ज्यादा नहीं होता अगर होता तो बड़ी खबर बन जाती। अब यह बयान ऐसे नहीं आया है।
असल में स्टेट ऑफ होमूस इस वक्त अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच चल रहे टकराव का बड़ा केंद्र बना हुआ है। यह वही रास्ता है जहां से हर दिन करीब 2 करोड़ बैरल तेल दुनिया भर में जाता है। लेकिन अभी हालात ऐसे हैं कि ईरान ने इस रास्ते को लगभग बंद कर दिया है। इसका सीधा असर दुनिया भर में तेल की सप्लाई और कीमतों पर पड़ रहा है। ट्रंप ने 21 मार्च को एक और बयान दिया था।
बयान यह था कि हॉर्मोज वाले रास्ते को वह और ईरान के सुप्रीम लीडर मिलकर कंट्रोल कर सकते हैं ताकि जंग खत्म हो सके। ट्रंप कई बार ऐसा कह चुके हैं कि ईरान अमेरिका से बात करने को तैयार है और डील के लिए मिन्नतें कर रहा है। लेकिन वहीं दूसरी तरफ ट्रंप के इन सारे दावों को ईरान नकारता रहा है।
ईरान का कहना है कि ऐसी कोई बातचीत कभी नहीं हुई या हो रही है। द न्यूयॉर्क कोस्ट ने एक सोर्स के हवाले से अपनी रिपोर्ट में लिखा है कि ट्रंप स्ट्रेट ऑफ हॉर्मोस पर कंट्रोल लेने की कोशिश में है और इसका नाम बदलना चाहते हैं। नाम बदलकर स्टेट ऑफ ट्रंप या स्टेट ऑफ अमेरिका रखने की सोच रहे हैं। वैसे भी नाम बदलने में ट्रंप की रुचि पहले से ही रही है।
वह गल्फ ऑफ मेक्सिको का नाम बदलने की बात कर चुके हैं। ट्रंप ने तब कहा था हम गल्फ ऑफ मेक्सिको का नाम बदलकर गल्फ ऑफ अमेरिका करेंगे। यह नाम सुनने में भी अच्छा लगता है और बड़े इलाके को कवर करता है। यह सही है। द न्यूयॉर्क कोस्ट से अमेरिका के एक अधिकारी ने कहा है कि हम इस रास्ते को वापस ले रहे हैं। इस रास्ते से मतलब है स्टेट ऑफ थर्मोस का। यह तय है। अब कोई हमें इस रास्ते को लेकर ब्लैकमेल नहीं कर पाएगा। ट्रंप का कहना है कि ईरान काफी कमजोर हो चुका है और डील करना चाहता है। लेकिन ट्रंप यहीं रुकना नहीं चाहते। उनका फोकस यह भी है कि आगे कभी ईरान इस रास्ते को रोक ना पाए और इस पर अपना हक जताने की स्थिति में ना रहे। अधिकारी ने यह भी बताया है कि ट्रंप का मानना है कि अगर हम इस रास्ते की सुरक्षा कर रहे हैं,
इसकी देखभाल कर रहे हैं, इस पर निगरानी रख रहे हैं और तो और यहां से जहाजों की सेफली आने जाने की जिम्मेदारी ले रहे हैं तो फिर इसे हॉर्मोस क्यों ही कहा जाना चाहिए? क्यों ना हम इसे स्टेट ऑफ अमेरिका कहें। स्ट्रीट ऑफ हॉर्मोस ईरान के दक्षिणी तट पर है।
इसका नाम पुराने समय के किंगडम ऑफ हॉर्मोस से जुड़ा माना जाता है। कहा जाता है कि हॉर्मोस नाम फारसी शब्द हुरमोग से आया है। जिसका मतलब होता है खजूरों की जगह या फिर यह पारसी धर्म में रोशनी के देवता माने जाने वाले अहूरा माजदा के नाम से भी जुड़ा हो सकता है।
पारसी धर्म दुनिया के सबसे पुराने धर्मों में से एक है जो एक ईश्वर में यकीन रखते हैं। इसकी शुरुआत करीब 1500 से 1200 ईसा पूर्व प्राचीन फारस में हुई थी जो आज का ईरान है। 1500 के दशक में यह पुर्तगाल के समुद्री साम्राज्य के अधीन था। उस वक्त यह हॉर्मोस आइलैंड को कंट्रोल करता था। फिलहाल इस खबर में इतना ही।
