धर्मेंद्र के आखिरी वक्त में पहली बीवी प्रकाश कौर रहीं साथ, हेमा मालिनी को जिंदगी भर रहेगा मलाल !

आखिरी वक्त में धर्मेंद्र के साथ नहीं थी हेमा। जिंदगी के आखिरी पलों को धर्मेंद्र ने पहली बीवी प्रकाश कौर संग गुजारा। अब धर्मेंद्र के निधन के बाद हर पल अफसोस में जी रही है हेमा मालिनी। हर पल दिल को सता रहा है यह मलाल। काश आखिरी वक्त में वो निभा पाती धर्मेंद्र का साथ। जी हां, ड्रीम गर्ल और ही मैन की यह खूबसूरत जोड़ी हमेशा हमेशा के लिए टूट चुकी है। धर्मेंद्र अपने परिवार को रोता बिलखता छोड़कर अब सिर्फ यादों का हिस्सा बन चुके हैं। जहां परिवार के तमाम सदस्य इस गम से उबरने की कोशिश कर रहे हैं। तो वहीं दूसरी तरफ हेमा मालिनी हर पल एक अफसोस के साथ जी रही हैं।

जी हां बिल्कुल सही सुना आपने अफसोस कि काश वो आखिरी पलों में अपने पति धर्मेंद्र के साथ होती। काश वो भी धर्मेंद्र के साथ उस फार्म हाउस में होती जहां धर्मेंद्र ने तबीयत बिगड़ने से पहले अपनी जिंदगी के आखिरी पल बिताए थे। और इस बात का खुलासा हेमा के करीबी दोस्त ने किया है। वो दोस्त कोई और नहीं बल्कि यूएई के फिल्म डायरेक्टर हमद अल रियामी हैं जो हाल ही में हेमा मालिनी से मिलने उनके घर पहुंचे थे। पति के निधन के गम में डूबी हेमा से मुलाकात के बाद हमद ने इंस्टाग्राम पर एक लंबा चौड़ा नोट लिखा है जिसमें उन्होंने बताया कि इस सदमे से हेमा किस कदर टूट चुकी हैं।

इस मुलाकात में हेमा मालिनी ने धर्मेंद्र के गुमनाम अंतिम संस्कार से लेकर उनकी कविताओं और अपने अफसोस के बारे में भी बात की है। इस बारे में बताते हुए हमारद ने पोस्ट में लिखा है कि मैं उनके साथ बैठा और मैं उनके चेहरे पर पीड़ा का भाव देख सकता था जिसे वह छुपाने की बहुत कोशिश कर रही थी। उन्होंने मुझसे कांपती हुई आवाज में कहा मैं फार्म हाउस पर उनके साथ होती जहां 2 महीने पहले मैं उनसे मिली थी। काश मैं उन्हें वहां देख पाती। हेमा के इस बयान से साफ है कि उन्हें जिंदगी भर इस बात का गम रहेगा कि पति के आखिरी दिनों में वो उनके साथ नहीं रह पाएंगी।

जानकारी के लिए बता दें कि हेमा से पहले बॉबी देओल का भी एक बयान वायरल हुआ था। जब एक पॉडकास्ट में बॉबी ने यह बताया था कि उनके पिता धर्मेंद्र अपने फार्म हाउस पर अकेले नहीं रहते बल्कि मां प्रकाश कौर भी उनके साथ रहती हैं। यानी साफ है कि धर्मेंद्र के आखिरी दिनों में दूसरी बीवी हेमा मालिनी नहीं बल्कि पहली पत्नी प्रकाश कौर उनके साथ रही।

गौरतलब है कि 31 अक्टूबर को धर्मेंद्र को तबीयत बिगड़ने के बाद ब्रच कैंडी हॉस्पिटल में भर्ती करवाया गया था। 10 नवंबर को उनकी तबीयत नाजुक होने की जानकारी सामने आई थी। वहीं 12 नवंबर को परिवार के सदस्यों ने धर्मेंद्र को हॉस्पिटल से डिस्चार्ज करवाकर उनका इलाज घर पर ही करने का फैसला लिया था।

कहा जाता है कि जूहू वाले बंगले में पहुंचने के बाद हेमा मालिनी और उनकी बेटियां धर्मेंद्र से नहीं मिल पाई थी। 24 नवंबर को धर्मेंद्र का निधन हो गया था और अब हेमा मालिनी को यह मलाल जिंदगी भर सताता रहेगा कि वह पति के आखिरी दिनों में उनके साथ नहीं रह पाई।

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