कुछ रिश्ते ऐसे होते हैं जिन्हें भूल पाना मुश्किल होता है। बॉलीवुड के दिग्गज एक्टर धर्मेंद्र और हेमा माली का रिश्ता भी उन्हीं में से एक है। सात जन्मों का वादा कर दोनों ने एक दूसरे का हाथ थामा लेकिन बेइंतहा प्यार दुआएं भी इस रिश्ते को बचा नहीं सकी। 45 साल का साथ टूट गया और हेमा गमगीन होकर तनहा रह गई।
धर्मेंद्र के निधन के बाद परिवार ने गुपचुप तरीके से उन्हें अंतिम विदाई दी। लेकिन ऐसा क्यों हुआ? यह खुलासा हाल ही में हेमा माली ने किया और वो अधूरा सपना भी जग जाहिर किया जिसको धर्मेंद्र जीते जी पूरा नहीं कर सके। धर्मेंद्र का अंतिम संस्कार गुपचुप तरीके से किया गया। लेकिन क्यों यह सवाल लोगों के मन में आज भी है क्योंकि परिवार ने इस सवाल पर चुप्पी साध रखी है।
अब हेमा मालिनी ने इस फैसले के पीछे की मार्मिक वजह शेयर की है। फिल्म निर्माता हमाद रयामी के साथ एक बातचीत में धर्मेंद्र के निधन के बाद मुंबई में हेमा मालिनी से मिले। इसी मुलाकात में उन्होंने उन सारे सवालों का जवाब दिया जो लोगों के मन में आज भी हैं।
अंतिम संस्कार को निजी रखने के कारण के बारे में हेमा मालिनी ने बताया कि धर्मेंद्र हमेशा अपनी गरिमा बरकरार रखना चाहते थे। उन्होंने बताया धर्मेंद्र अपने पूरे जीवन में कभी नहीं चाहते थे कि कोई उन्हें कमजोर या बीमार देखे। उन्होंने अपना दर्द अपने करीबी रिश्तेदारों से भी छिपाया था और जब एक व्यक्ति का निधन हो जाता है तो फैसला परिवार के पास होता है।
