धर्मेंद्र के अंतिम संस्कार में हेमा मालिनी को नहीं मिली थी एंट्री?

क्या धर्मेंद्र को आखिरी बार नहीं देख पाई थी हेमा? क्या अंतिम संस्कार में रोका गया हेमा मालिनी का रास्ता? क्या सिर्फ शोक सभा ही नहीं पति के दाह संस्कार से भी हेमा मालिनी को जानबूझकर रखा गया दूर। धर्मेंद्र के अंतिम संस्कार के छ दिन बाद वायरल हुई हेमा मालिनी की तस्वीरें तो शुरू हुई बॉलीवुड की ड्रीम गर्ल के तिरस्कार की चर्चा।

जी हां, सोशल मीडिया पर यह चर्चा तेज है कि 24 नवंबर को जब धर्मेंद्र का निधन हुआ और उनके पहले परिवार ने आननफानन में अभिनेता का अंतिम संस्कार करने का फैसला लिया। तब हेमा को उस हक से वंचित कर दिया गया जो हर पत्नी का अधिकार होता है।

हेमा को उनके पति के अंतिम दर्शन तक नहीं करने दिए गए और यह चर्चा छिड़ी है इन तस्वीरों की वजह से। यह बात तो किसी से छिपी नहीं रही है कि धर्मेंद्र के निधन के मातम के बीच ही देओल कुब्वे में दरार आने की सुगबुगाहट तेज हो चुकी है। कहा जा रहा है कि धर्मेंद्र के दोनों परिवारों के बीच मतभेद काफी बढ़ चुके हैं। दावा किया जा रहा है कि सनी और बॉबी देओल ने अपनी सौतेली मां हेमा और बहनों ईशा अहाना को पिता की शोक सभा से जानबूझकर दूर रखा था। उनका बॉयकॉट किया गया था। तो वहीं हेमा मालिनी ने भी अपने घर पर एक अलग शोक सभा रखी थी जिसमें धर्मेंद्र की आत्मा की शांति के लिए गीता पाठ और भजन संध्या का आयोजन किया गया था।

एक दिन में धर्मेंद्र के लिए उनके दो परिवारों ने दो अलग-अलग शोक सभाओं का आयोजन किया। जिसके बाद कहा जाने लगा कि हेमा और सनी देओल का मतभेद अब पब्लिकली सामने आ गया है। और देओल कुवे में कलह की खबरों के बीच अब यह तस्वीरें भी वायरल हो रही हैं। जिनके जरिए दावा किया जा रहा है कि धर्मेंद्र के अंतिम संस्कार के दौरान भी हेमा को पूरी तरह से अलग-थलग कर दिया गया था। सामने आई इन तस्वीरों में हेमा मालिनी श्मशान घाट के बाहर गुमसुम खड़ी दिख रही हैं। तस्वीरों में देख सकते हैं कि हेमा ना तो किसी से बात कर रही हैं ना किसी से मिलजुल रही हैं।

वह चुपचाप एक जगह बेसुद खड़ी हैं। एक तस्वीर में हेमा मालिनी के पीछे उनके एक्स दामाद भरत तख्तानी भी नजर आ रहे हैं। यह तस्वीरें भले ही धुंधली हो, लेकिन हेमा का दर्द इन तस्वीरों में साफ-साफ जाहिर हो रहा है। और इन्हें ही देख दावा किया जा रहा है कि जिस वक्त अंदर धर्मेंद्र का अंतिम संस्कार चल रहा था, उस वक्त हेमा को बाहर ही रोक दिया गया था। जिन्हें देख लोग अलग-अलग रिएक्शंस भी दे रहे हैं। एक यूजर ने लिखा कि दूसरी औरत को परिवार और समाज स्वीकार नहीं करता। यह सच्चाई है। वहीं एक और ने अपना दुख जाहिर कर लिखा कि बेचारी हेमा अपने पति की जिंदगी में एक अजनबी की तरह रही और उनके गुजर जाने के बाद भी उन्हें एक अजनबी की तरह ही अंतिम श्रद्धांजलि देनी पड़ रही है। एक अन्य फैन ने कमेंट किया है कि ऐसे वक्त पर बड़ों को बड़प्पन दिखाना बहुत जरूरी होता है। अंतिम संस्कार के समय ईगो, गुस्सा, पुराने दर्द एक तरफ रखने होते हैं। सबको एक साथ होना चाहिए था।

कम से कम जाने वाले की आत्मा को शांति मिलती। कई लोग तो ऐसे भी हैं जो हेमा के साथ उनकी बेटियों ईशा और अहाना के मौजूद ना होने पर सवाल उठा रहे हैं। हालांकि आपको बता दें कि इन तस्वीरों को देख जो दावे किए जा रहे हैं वह गलत है। धर्मेंद्र के अंतिम संस्कार में शामिल होने से हेमा मालिनी को नहीं रोका गया था। लेकिन अंतिम संस्कार में हेमा के देरी से पहुंचने और फिर जल्दी निकल जाने की वजह से लोग तरह-तरह के कयास लगा रहे हैं और सनी बॉबी देओल को गलत ठहरा रहे हैं।

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