छोटी उम्र में मां बाप खोकर सिविल पहुंचा बच्चा बोला – जिंदगी बची ही नहीं।

आजकल बच्चे कहीं बार अपने मां-बाप की पहली नहीं समझते उनकी कदर नहीं करते और उनको फॉर ग्रांटेड लेते है। कई बच्चे छोटी छोटी बातों में हार मान कर अपना जीवन खत्म कर देते है।

लेकिन आज हम आपको एक ऐसे बच्चे की कहानी बताएंगे जिसे जानकर आपको अपने जीवन में बदलाव लाने का मन जरूर होगा। ये बात है मूल यूपी के रहने वाले और फिर शहर में अपना जीवन बिताने वाले अमरदीप की।

अमरदीप जब 5 साल का था तो माता पिता को खो चुका था। पिता बुरी आदतों को वजह से चल बसे और फिर मां भी किसी वजह से दुनिया छोड़ गई। अमरदीप अपने अंकल आंटी के पास रहने लगा पर कुछ साल बाद जब अमरदीप के लीवर में बीमारी हुई तो परिवार वालो ने उसे निकाल दिया।

तब से अमरदीप सिविल के केमाप्स में रह कर गुजारा करने लगा। अंडे की दुकान पर नोकरी करके पैसे कमाने लगा। इसी से उसे खाना मिलता। अब वो जिंदगी से थक चुका था। उसे कंप्यूटर सीखना था लेकिन मदद कौन करता?

तब उसे मिला तरुण मिश्रा और हेल्प ड्राइव फाउंडेशन का सहारा इन्होंने अमरदीप को कंप्यूटर क्लास में ज्वाइन करवाया साथ ही उसको कपड़े जूते भी दिलाए।

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