करीब 192 घंटे यानी 8 दिन बाद हरियाणा के भिवानी की लेडी टीचर मनीषा के शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया है। मनीषा के छोटे भाई नितेश ने उन्हें मुखाग्नि दी। इस दौरान 500 से ज्यादा ग्रामीण मनीषा को अंतिम विदाई देने पहुंचे। ग्रामीणों ने मनीषा अमर रहे के नारे भी लगाए।
आपको बता दें कि परिवार काफी लंबे समय से मनीषा के अंतिम संस्कार से इंकार कर रहा था। उन्होंने सरकार के सामने दो मांगे रखी थी। जिसमें केस की जांच से कराने और दिल्ली एम्स में जांच कराना शामिल था। 20 अगस्त की सुबह 2:30 बजे सीएम नायाब सैनी ने ट्वीट करके केस की जांच अधिकारियों को सौंपने का आश्वासन दिया।
साथ ही प्रशासन एम्स दिल्ली में मनीषा का पोस्टमार्टम कराने के लिए भी राजी हो गया है। 20 अगस्त को ही दिल्ली एम्स में मनीषा का जांच हुआ। इससे पहले भिवानी सिविल अस्पताल और रोहतक पीजीआई में हुआ था। एम्स में जांच के बाद आज यानी 21 अगस्त की सुबह करीब 9:00 बजे मनीषा का अंतिम संस्कार कर दिया गया। अंतिम संस्कार के बाद भिवानी में इंटरनेट बंद की सीमा भी बढ़ा दी गई है।
अब अगले 24 घंटे भी इंटरनेट बंद रहेगा। अंतिम संस्कार को लेकर गांव में सुबह से ही पुलिस तैनात कर दी गई थी। इसके साथ रैपिड एक्शन फोर्स भी मौजूद रही। पुलिस ने बंद रास्तों को जेसीबी के जरिए खुलवाया। आपको बता दें कि आज से 10 दिनों पहले यानी 11 अगस्त की सुबह करीब 7:00 बजे मनीषा हर दिन की तरह स्कूल जाने के लिए घर से निकली थी। वो घर से 8 कि.मी. दूर एक किड्स केयर स्कूल में टीचर थी। पढ़ाने के साथ-साथ मनीषा नर्सिंग कॉलेज में एडमिशन भी लेना चाहती थी।
11 अगस्त को स्कूल जाने से पहले मनीषा ने अपने पिता से नर्सिंग कॉलेज में एडमिशन की बात कही थी। नर्सिंग कॉलेज मनीषा के स्कूल से करीब 2 कि.मी. की दूरी पर था। उसने परिवार से कहा कि स्कूल के बाद वो नर्सिंग कॉलेज में दाखिले का पता करने जाएगी। शाम हो गई। परिवार को लगा कि मनीषा कॉलेज गई होगी तो आने में देरी हो रही है। काफी समय बीत गया लेकिन वह घर नहीं लौटी। परिवार वालों ने उसे कई बार फोन भी किया लेकिन मनीषा ने फोन नहीं उठाया। परिवार को फिक्र हुई तो उन्होंने तलाश शुरू की लेकिन वह कहीं भी नजर नहीं आई।
मामला पुलिस तक पहुंचा। पुलिस ने भी मनीषा को ढूंढना शुरू किया। सीसीटीवी फुटेजेस खंगाले गए। लगातार तलाश के बाद 13 अगस्त को पुलिस को मनीषा का शव एक खेत में पड़ा मिला। यह जगह नर्सिंग कॉलेज से करीब 600 मीटर की दूरी पर थी। परिवार ने आरोप लगाया कि पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया।
पुलिस उनका सहयोग नहीं कर रही है। इसी बात से नाराज परिजनों और ग्रामीणों ने प्रदर्शन किया। रोड जाम कर दी गई। परिजनों ने सिविल अस्पताल में धरना भी शुरू कर दिया और मनीषा का शव लेने से इंकार कर दिया। परिवार को मनीषा के साथ कुछ अनहोनी होने की आशंका थी लेकिन जांच के बाद डॉक्टर्स के पैनल ने की पुष्टि नहीं की। इन सबके बीच पुलिस ने 18 अगस्त को बताया कि मनीषा के देह के पास एक नोट मिला है। दावा किया गया कि मनीषा ने खुद यह नोट लेकर अपनी जान दे दी। हालांकि अभी इसकी जांच चल रही है।
दावा यह भी है कि कीटनाशक निगलने की वजह से मनीषा की मौत हुई है। लेकिन मनीषा का परिवार इन सभी दावों को मानने के लिए तैयार नहीं है। उनका कहना है कि अगर मनीषा ने कोई नोट लिखा था तो पुलिस को शव मिलने के 5 दिन बाद कैसे याद आया? पुलिस ने उस वक्त ही नोट मिलने की बात क्यों नहीं बताई? वहीं पिता का कहना है कि उनकी बेटी कभी अपनी जान नहीं दे सकती।
पुलिस जबरदस्ती इस मामले को अलग एंगल देने की कोशिश कर रही है। परिवार ने पहले कहा था कि जब तक निष्पक्ष जांच से जुड़ी उनकी मांग पूरी नहीं होती, वह शव का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। लेकिन फिर सरकार ने उनकी मांगों को माना और 20 अगस्त को एम्स में जांच के बाद परिवार मनीषा को अंतिम विदाई देने के लिए राजी हो गया। दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के मुताबिक अंतिम संस्कार के बाद मनीषा के पिता की तबीयत बिगड़ने लगी।
उन्हें हॉस्पिटल ले जाया गया है। अंतिम संस्कार के बाद हरियाणा में लोहारू के एसडीएम मनोज कुमार ने बताया कि कई दिनों के आंदोलन के बाद आज मनीषा को विदाई दे दी गई है। एसडीएम ने इस केस पर निष्पक्ष जांच का आश्वासन भी दिया है। साथ ही यह भी कहा है कि सीएम सैनी इस मामले पर खुद नजर रखे हुए हैं। परिवार ने सिर्फ एक बात हमसे बार-बार कही है। जब हम अंतिम संस्कार पर मौजूद थे तो परिवार की तरफ से बात यही थी कि उन्हें और कुछ नहीं चाहिए।
बेटी को न्याय चाहिए और उस बेटी को न्याय के लिए सरकार ने सबसे बड़ी एजेंसी को यह जांच सौंप दी है और हम उम्मीद करेंगे कि जो छोटी-मोटी किसी तरह की कोई चूक हो गई होगी तो उस चूक को ठीक करने का काम सीबीआई करेगी और जो भी तथ्य रहेंगे उनको सबके बीच में लाया जाएगा और अगर कोई वास्तव में कोई गुनहगार मिलता है तो कानून के तहत उसे सख्त से सजा सख्त सजा।
